रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
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भारत ने उर्वरक कच्चे माल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही भूराजनीतिक जोखिमों का समाधान किया


यूरिया पर निर्भरता कम: आईसीएआर ने संतुलित उर्वरक और उन्नत पोषक तत्व प्रथाओं पर प्रकाश डाला

प्रविष्टि तिथि: 27 MAR 2026 2:38PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने आयात पर निर्भरता और मृदा पोषक तत्वों के असंतुलन जैसी चुनौतियों का समाधान करते हुए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। आज लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में रसायन एवं उर्वरक और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस बारे में किए गए उपायों का विस्तृत विवरण दिया।

रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से उर्वरक कच्चे माल की सुरक्षा : सीमित घरेलू भंडार के कारण भारत प्रमुख उर्वरक कच्चे माल और अन्य सामग्रियों के लिए आयात पर काफी हद तक निर्भर है। भू-राजनीतिक व्यवधानों को कम करने के लिए, उर्वरक विभाग ने घरेलू उत्पादन के लिए स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु संसाधन संपन्न देशों के साथ कई दीर्घकालिक समझौतों (एलटीए) और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) को सुगम बनाया है। एलटीए का विवरण अनुलग्नक-I में संलग्न है ।

प्रमुख कच्चे माल के आयात का अनुमानित हिस्सा (2024-25):

क्रम संख्या

कच्चा माल/अन्य सामग्री

आयात का अनुमानित हिस्सा (प्रतिशत)

1.

रॉक फॉस्फेट

86.0

2.

गंधक

52.0

3.

यूरिया क्षेत्र के लिए प्राकृतिक गैस

78.0

4.

जटिल उर्वरकों के लिए अमोनिया

75.0

5.

फॉस्फोरिक एसिड

52.0

6.

पोटैशियम युक्त म्यूरिएट

100.0

(स्रोत: फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया)

घरेलू स्तर पर उर्वरकों के प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने के लिए, सरकार पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना के तहत क्षमता विस्तार को प्रोत्साहित कर रही है। उर्वरक कंपनियां वर्तमान में 59.65 लाख मीट्रिक टन की संयुक्त वार्षिक क्षमता वाले नए डीएपी/एनपीके संयंत्र स्थापित कर रही हैं। इसके साथ ही, 44.21 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले फॉस्फोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड संयंत्र भी स्थापित कर रही हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत, उर्वरक क्षेत्र के लिए 7.24 लाख मीट्रिक टन हरित अमोनिया की खरीद का प्रावधान किया गया है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) मृदा परीक्षण पर आधारित संतुलित उर्वरक प्रयोग की अनुशंसा करती है, जिससे फसलों की असल जरूरतों के अनुसार पोषक तत्वों का प्रयोग सुनिश्चित होता है और मृदा पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। इसमें केवल नाइट्रोजन पर अत्यधिक निर्भरता के बजाय एनपीके उर्वरकों का संतुलित प्रयोग सहायक होता है। एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) को अकार्बनिक उर्वरकों और गोबर, खाद, हरित खाद, जैव उर्वरक और फसल अवशेषों जैसे जैविक स्रोतों के पुनर्चक्रण के संयुक्त उपयोग के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है, जो मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करने में सहायक होता है।

कम मात्रा में नाइट्रोजन का इस्तेमाल, खादों को सही जगह पर डालना और पोषक तत्वों की हानि को कम करने के लिए धीमी गति से निकलने वाली खादें, नीम-लेपित यूरिया और नाइट्रिफिकेशन अवरोधकों का उपयोग जैसी पद्धतियों के माध्यम से कुशल उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाता है। जैव उर्वरकों का उपयोग और जैविक खेती को अपनाने से पोषक तत्वों की सतत आपूर्ति को और बढ़ावा मिलता है और यूरिया की खपत कम होती है। इसके अलावा, उचित मृदा और जल प्रबंधन पद्धतियां पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता को बढ़ाती हैं और किसी अन्य तरह से पोषक तत्वों की होने वाली हानि को रोकती हैं।

आईसीएआर ने किसानों के प्रशिक्षण, प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो इन प्रथाओं को बढ़ावा देने में सहायक है। ये सभी उपाय मिलकर यूरिया की अत्यधिक खपत को कम करने, पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करने और पर्यावरण की रक्षा करते हुए मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करते हैं।

अनुलग्नक-I

रॉक फॉस्फेट:

जॉर्डन

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

ओस्तवाल

जेपीएमसी

रॉक फॉस्फेट

5,00,000

10 वर्ष

मई 2022 से अप्रैल 2032 तक

 

मोरक्को

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

पीपीएल

ओसीपी

रॉक फॉस्फेट

16,00,000 से 18,00,000

10 वर्ष

(31-दिसंबर-23 से

30-नवंबर-33)

 

टोगो

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

एफएसीटी

एसएनपीटी

रॉक फॉस्फेट

2,40,000 (गैर-बाध्यकारी)

3 वर्ष

10.02.2025 से 09.01.2028 तक

 

मॉरिटानिया

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

आरसीएफ

मेसर्स अटलांटिक मिनरल्स एसएआरएएल

रॉक फॉस्फेट

1,50,000 (गैर-बाध्यकारी)

3 वर्ष

2025 से 2028 तक

 

2. फॉस्फोरिक एसिड:

मोरक्को

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

पीपीएल

ओसीपी

फॉस्फोरिक एसिड

3,00,000 से 3,50,000

सालाना

(त्रैमासिक नवीनीकरण समझौता)

इंडोरामा

ओसीपी

फॉस्फोरिक एसिड

1,20,000 मीट्रिक टन P2O5

समझौता जारी, दिनांक 01.06.2021 को हस्ताक्षरित।

 

कुल:

4,20,000 से 4,70,000

 

 

ट्यूनीशिया

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

जीएसएफसी

टिफर्ट

फॉस्फोरिक एसिड

1,80,000

30 वर्ष

(21/08/2006 से 21/08/2036 तक)

 

सेनेगल

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

इफको

आईसीएस

फॉस्फोरिक एसिड

5,50,000

34 वर्ष

प्रारंभ तिथि: 17 मई 1999

3. अमोनिया

सऊदी अरब

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

कोल इंडिया

मा'आदेन

अमोनिया

6,00,000 (+/-10 प्रतिशत)

3 वर्ष

(01/01/2024 से 31/12/2026 तक)

 

ओमान

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

पीपीएल

ईस्ट वेस्ट जनरल ट्रेडिंग, दुबई

अमोनिया

3,50,000

3 वर्ष

01-अगस्त-24 से 31-जुलाई-27 तक

 

जापान

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

इंडोरामा

इतोचु

अमोनिया

15,000 - 60,000 मीट्रिक टन

1 वर्ष

(01.01.25 से 31.12.25 तक)

 

मलेशिया

भारतीय कंपनी

समकक्ष कंपनी

उत्पाद

वार्षिक मात्रा (मीट्रिक टन)

अवधि (वर्षों में)

पीपीएल

इतोचू निगम

अमोनिया

50,000 से 90,000

1 वर्ष
(01-01-25 से 31-12-25 तक)


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पीके/ केसी/ एके


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