पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता
सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को खारिज किया
नागरिकों को भ्रामक खबरों और गलत सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी गई; पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखलाएं पूरी तरह से प्रचालनगत हैं
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाया; वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का लक्ष्य
सरकार स्थिति की निरंतर निगरानी करेगी और प्रत्येक पखवाड़े इसकी समीक्षा करेगी
घरेलू रिफाइनरियों को निर्यातित पेट्रोल का 50 प्रतिशत और निर्यातित डीजल का 30 प्रतिशत घरेलू बाजार में आपूर्ति करने का आदेश दिया गया
भारत सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन को मंजूरी दी है, जिससे कुल आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंच गया
कल 110 भौगोलिक क्षेत्रों में 10,568 पीएनजी कनेक्शन (नए और गैस-इन) की सूचना दी गई/जारी किए गए
कालाबाजारी और जमाखोरी के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान जारी
भारत का समुद्री क्षेत्र सुचारू रूप से चल रहा है और बंदरगाहों पर कोई भीड़भाड़ नहीं है
विदेश मंत्री ने 26-27 मार्च 2026 को आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भाग लेने वाले देशों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया
सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया में स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है; भारतीय समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है
प्रविष्टि तिथि:
27 MAR 2026 6:16PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बारे में मीडिया को सूचित रखने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए, आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में अपनी नियमित प्रेस वार्ता आयोजित की। इस वार्ता के दौरान, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और इन सभी क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी साझा की। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वार्ता में भाग लिया और उत्पाद शुल्क से संबंधित हाल के निर्णयों पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।
कर और शुल्क संबंधी अपडेट
आपूर्ति स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाल ही में किए गए कर और शुल्क उपायों पर प्रकाश डाला गया। यह बताया गया कि:
- पश्चिम एशिया में जारी संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर विशेष रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में व्यवधान के कारण प्रभाव पड़ रहा है ।
- संकट के बाद, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में अत्यधिक उछाल आया है। पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी तेजी से वृद्धि हुई है।
- विद्यमान बाजार स्थिति रिफाइनरियों को पेट्रोलियम उत्पादों को उच्च अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्यात करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती है।
- सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए सुनियोजित उपाय किए हैं।
- विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) और/या सड़क एवं अवसंरचना उपकर के रूप में निर्यात शुल्क लगाया गया है। ये शुल्क भारत में उत्पादित डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर लगाए गए हैं।
- अधिसूचित दरों के अनुसार:
Ø डीजल पर निर्यात शुल्क: 21.50 रुपये प्रति लीटर
Ø एटीएफ पर निर्यात शुल्क: 29.50 रुपये प्रति लीटर
Ø प्रचलित क्रैक मार्जिन के आधार पर पेट्रोल पर निर्यात शुल्क वर्तमान में शून्य है।
- दरों की समीक्षा हर दो सप्ताह में की जाएगी।
- इन उपायों का उद्देश्य डीजल और एटीएफ की घरेलू उपलब्धता को प्राथमिकता देना है।
- इन कदमों का उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और उपलब्धता एवं मूल्य दोनों के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता ने इन अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है।
- निर्यात संबंधी उपायों के अलावा, घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भी बदलाव किए गए हैं।
- इन बदलावों में पेट्रोल और डीजल दोनों पर लगने वाले घरेलू विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी शामिल है ।
- इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जारी संकट के दौरान उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि न हो।
- स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विभाग समय-समय पर घटनाक्रम की समीक्षा करेगा और आवश्यकतानुसार आगे के कदम उठाएगा।
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के संदर्भ में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रकाश डालते हुए, ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर अद्यतन जानकारी साझा की गई। यह भी बताया गया कि:
कच्चा तेल और रिफाइनरियां
- सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, और पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है।
- घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है ।
रिटेल आउटलेट
- देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
- मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए, भारत सरकार ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है ।
- सरकार ने घरेलू स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का शुल्क भी लगाया है ।
- सरकार ने घरेलू रिफाइनरियों को निर्यातित पेट्रोल का 50 प्रतिशत और निर्यातित डीजल का 30 प्रतिशत घरेलू बाजार में आपूर्ति करने का आदेश दिया है।
- कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के चलते अफरा-तफरी देखी गई और दुकानों पर भीड़भाड़ रही। हालांकि, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
- सरकार ने जनता को अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दोहराई है।
प्राकृतिक गैस
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- प्राथमिकता के आधार पर आवंटन जारी है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है, जबकि ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत पर बनाए रखी जा रही है।
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे रेस्तरां, होटल और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें।
- आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन दे रही हैं।
- भारत सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक स्वीकृतियों में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
- भारत सरकार ने दिनांक 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तन से जुड़े राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है और सुधार कार्य कर रहे राज्यों के लिए अतिरिक्त आवंटन की सिफारिश की गई है।
- कई राज्यों ने पीएनजी में इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए उपाय शुरू किए हैं, जिनमें उपयोग के अधिकार/रास्ते के अधिकार की अनुमतियों को सुव्यवस्थित करना, काम के घंटों को बढ़ाना और शुल्कों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है।
- पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने अपने कार्यालयों को सीजीडी आवेदनों का 10 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निपटान करने की सलाह दी है।
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने अपने दिनांक 23.03.2026 के आदेश के माध्यम से सीजीडी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे आवासीय स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई और आंगनवाड़ी रसोई के लिए पीएनजी कनेक्शन को पांच दिनों के भीतर प्राथमिकता दें, जहां भी संभव हो।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने तीन महीने की अवधि के लिए सीजीडी बुनियादी ढांचे के लिए कम समयसीमा के साथ त्वरित अनुमोदन ढांचा अपनाया है।
- भारत सरकार ने 24.03.2026 के राजपत्र के माध्यम से प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 को अधिसूचित किया है, जिसमें पाइपलाइन अवसंरचना के विस्तार और अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा प्रदान किया गया है।
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- सीजीडी संस्थाओं ने पिछले दिन 110 भौगोलिक क्षेत्रों में 10,568 पीएनजी कनेक्शन (नए और गैस-इन) की सूचना दी।
एलपीजी
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- व्याप्त भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
- एलपीजी वितरकों से किसी कमी की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
- घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
- सरकार ने पहले ही उपभोक्ताओं को आंशिक वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति (20 प्रतिशत) बहाल कर दी थी, जिसमें पीएनजी सुधारों से जुड़ा अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन शामिल था।
- भारत सरकार ने दिनांक 21.03.2026 के पत्र के माध्यम से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी है, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो गया है, जिसमें रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण/डेयरी, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन/आउटलेट, सामुदायिक रसोई, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एफटीएल जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
- भारत सरकार ने दिनांक 27.03.2026 के पत्र के माध्यम से वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन को मंजूरी दी है, जिससे कुल आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है । इसमें इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंगाई, रसायन और प्लास्टिक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें से प्रोसेस उद्योगों या उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें विशेष हिटिंग उद्देश्यों के लिए एलपीजी की आवश्यकता होती है और जिनका विकल्प प्राकृतिक गैस नहीं है।
- पिछले दिन 5 किलोग्राम के 40,000 से अधिक फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे गए।
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- 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं, जबकि शेष क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां आपूर्ति कर रही हैं।
- 14 मार्च 2026 से अब तक लगभग 29,656 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
केरोसिन
- सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
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- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से जिला स्तरीय वितरण केंद्रों की पहचान करने का अनुरोध
किया गया है।
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- 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी किए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कोई आवश्यकता नहीं बताई है।
राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका
• आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत, राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाजारी के विरूद्ध कार्रवाई करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को विनियमित करने में प्राथमिक भूमिका निभाने का अधिकार दिया गया है।
- भारत सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से निम्नलिखित अनुरोध किया है:
Ø दैनिक प्रेस वार्ता को संस्थागत रूप दें और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करें।
Ø समर्पित नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन स्थापित करें।
Ø सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी करें और उनका मुकाबला करें।
Ø प्रवर्तन अभियान तेज करें और नियमित रूप से छापे और निरीक्षण करें।
Ø वाणिज्यिक एलपीजी और एससीओ आवंटन आदेश जारी करें।
Ø आरओडब्ल्यू/आरओयू अनुमोदन सहित सीजीडी विस्तार की प्रक्रिया को तेज करना।
Ø पीएनजी में वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने को बढ़ावा देना।
Ø मंत्रालय के साथ समन्वय के लिए वरिष्ठ नोडल अधिकारियों को नामित करें।
• 14 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रतिदिन प्रेस वार्ता आयोजित कर रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से भी ऐसा करने का अनुरोध किया गया है।
प्रवर्तन कार्रवाई
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में प्रवर्तन अभियान जारी हैं, जिसके तहत 3,000 से अधिक छापे मारे गए हैं और 1,500 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की तेल विपणन कंपनियों ने देशभर में खुदरा दुकानों और एलपीजी वितरकों पर 1,500 से अधिक औचक निरीक्षण किए।
- एलपीजी वितरकों को 350 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
अन्य सरकारी उपाय
- सरकार घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है।
- उपायों में रिफाइनरी उत्पादन में वृद्धि, बुकिंग अंतराल में संशोधन और आपूर्ति का प्राथमिकता के आधार पर आवंटन शामिल है।
- एलपीजी की मांग को कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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- कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया है।
- राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक परामर्शी
- सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराहट में खरीदारी करने से बचें।
- नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और अफवाहों पर विश्वास न करें।
- एलपीजी के लिए, उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि:
Ø बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
Ø एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
- नागरिकों को वैकल्पिक ईंधन जैसे कि पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा की बचत करें।
समुद्री सुरक्षा और जहाजरानी संचालन
फारस की खाड़ी में वर्तमान समुद्री स्थिति के साथ-साथ भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे उपायों की भी जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि:
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- इस क्षेत्र में उपस्थित सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई भी समुद्री दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है।
- पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 20 जहाज मौजूद हैं, जिनमें लगभग 540 भारतीय नाविक सवार हैं। जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के समन्वय से स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है।
- डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम 24×7 चालू रहता है और सक्रिय होने के बाद से इसने 4,326 कॉल और 8,556 ईमेल हैंडल किए हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में 98 कॉल और 335 ईमेल और पिछले 48 घंटों में 218 कॉल और 647 ईमेल शामिल हैं।
- डीजी शिपिंग ने अब तक 699 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 और पिछले 48 घंटों में 64 नाविक शामिल हैं, जिन्हें हवाई अड्डों और विभिन्न क्षेत्रीय स्थानों से वापस लाया गया है।
- भारत का समुद्री क्षेत्र सुचारू रूप से चल रहा है और गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी सहित राज्य समुद्री बोर्डों द्वारा पुष्टि की गई है कि बंदरगाहों पर किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
- मंत्रालय ने भारतीय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय करना जारी रखा है।
- पश्चिमी एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय जहाजरानी गतिविधियों, बंदरगाह संचालन, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार की निरंतरता पर लगातार कड़ी निगरानी रख रहा है।
क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
इस प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय मिशनों के माध्यम से दी जा रही सहायता सहित क्षेत्र में हुए हाल के घटनाक्रमों की जानकारी साझा की गई। यह बताया गया कि:
- विदेश मंत्री 26-27 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए फ्रांस की यात्रा पर हैं।
- बैठक के दौरान, विदेश मंत्री ने भाग लेने वाले देशों के अपने समकक्षों के साथ चर्चा की, जहां द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा, उन्होंने पश्चिम एशिया में विकसित हो रही स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
- इन मुलाकातों के दौरान विदेश मंत्री ने फ्रांस, कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की।
- विदेश मंत्री ने 26 मार्च 2026 को आमंत्रित साझेदारों के साथ जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के सत्र को संबोधित किया, जिसमें वैश्विक शासन में सुधार पर चर्चा हुई।
- अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की तात्कालिकता, शांतिरक्षा अभियानों को सुव्यवस्थित करने और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
- उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा चुनौतियों, उर्वरक आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा के संबंध में विकासशील देशों की चिंताओं को भी उठाया।
- 26 मार्च 2026 को जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दूसरे सत्र में, विदेश मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्षों से उत्पन्न अनिश्चितताएं अधिक गतिशील व्यापार गलियारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
- विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
- भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए एक समर्पित विशेष नियंत्रण कक्ष कार्यरत है और राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
- पूरे क्षेत्र में भारतीय मिशन और दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन के साथ काम कर रहे हैं, नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं और भारतीय सामुदायिक संगठनों एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए हुए हैं।
- दूतावासों ने वीजा सुविधा, कांसुलर सेवाओं और लॉजिस्टिक संबंधी सहायता के साथ नाविकों, फंसे हुए भारतीय नागरिकों और अल्पकालिक आगंतुकों की सक्रिय रूप से मदद करना जारी रखा है।
- सरकार खाड़ी क्षेत्र में भारतीय छात्रों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता दे रही है और यह सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है कि उनके शैक्षणिक वर्ष पर कोई प्रभाव न पड़े।
- मिशन स्थानीय अधिकारियों, भारतीय स्कूलों और सीबीएसई, आईसीएसई और केरल बोर्ड सहित शिक्षा बोर्डों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
- सीबीएसई और आईसीएसई बोर्डों ने इस क्षेत्र में कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, जबकि केरल बोर्ड ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं और 6 अप्रैल को स्थिति की समीक्षा करेगा।
- राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने कुवैत, दुबई और बहरीन से पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए जेईई (मेन) 2026 सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में एक परामर्श जारी की है।
- 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 4,75,000 यात्री भारत लौट चुके हैं।
- संयुक्त अरब अमीरात में, परिचालन संबंधी विचारों के आधार पर एयरलाइंस सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए हैं, और आज भारत के लिए लगभग 80 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
- सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं।
- कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के कारण, कतर एयरवेज द्वारा आज भारत के लिए लगभग 10 उड़ानें संचालित करने की उम्मीद है।
- कुवैत और बहरीन के हवाई क्षेत्र अभी भी बंद हैं। जज़ीरा एयरवेज और गल्फ एयर सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं।
- उड़ान प्रतिबंधों और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, भारतीय नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
Ø ईरान से आर्मेनिया और अज़रबैजान होते हुए
Ø इज़राइल से जॉर्डन होते हुए
Ø इराक से जॉर्डन और सऊदी अरब होते हुए
Ø कुवैत और बहरीन से सऊदी अरब होते हुए
- अबू धाबी में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। सरकार ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और मिशन शव को शीघ्र स्वदेश वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
- घटना में एक अन्य भारतीय नागरिक को मामूली चोटें आईं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
- विभिन्न घटनाओं में कुल 7 भारतीय नागरिकों की जान गई है और 1 लापता है। ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित दूतावास लापता व्यक्ति का पता लगाने और शव को स्वदेश वापस लाने के लिए अधिकारियों के संपर्क में हैं।
सार्वजनिक संचार
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि :
- भारत सरकार सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे लॉकडाउन जैसी अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया एवं अन्य प्लेटफार्मों पर प्रसारित हो रही भ्रामक खबरों और गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहें।
- इससे पहले, एलपीजी सिलेंडरों की कमी को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही थीं, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में लोग घबराकर बुकिंग करा रहे थे।
- मीडिया की सहायता और सरकार द्वारा किए गए जागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप, सिलेंडरों की अफरा-तफरी में कमी आई।
- पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर इसी तरह की अफवाहें फैल रही हैं।
- यह स्पष्ट किया जाता है कि देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
- नागरिकों से अनुरोध है कि वे पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं या घबराकर खरीदारी न करें।
- पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखलाएं पूरी तरह से चालू हैं।
- कुछ क्षेत्रों में अफवाहें फैलाने और नागरिकों के बीच अनावश्यक दहशत पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार लोगों से आग्रह करती है कि वे ऐसी गलत सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं।
- राज्य सरकारों से भ्रामक खबरें और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया है।
- पेट्रोल, डीजल या एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी के किसी भी प्रयास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- सरकार दोहराती है कि पेट्रोलियम उत्पादों या एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, और नागरिकों को घबराने या पेट्रोल पंपों या वितरकों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं है।
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पीके/केसी/एसकेजे/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2246251)
आगंतुक पटल : 167
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