औषधि विभाग
बायोफार्मा शक्ति योजना
प्रविष्टि तिथि:
27 MAR 2026 4:24PM by PIB Delhi
घरेलू बायोफार्मास्यूटिकल सेक्टर को मजबूत करने और बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बेहतर करने के उद्देश्य से, सरकार ने बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की है, जिसके लिए पांच वर्ष में ₹10,000 करोड़ का आउटले किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में किफायती स्वास्थ्य सेवा का सहयोग करने और भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार केंद्र के तौर पर उभरने में सक्षम बनाने के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के लिए एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी घरेलू पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
इस योजना के अंतर्गत, उन्नत क्षेत्रों के लिए विशेष समीक्षकों और विशेषज्ञ पदों का निर्माण कर सीडीएससीओ को सुदृढ़ बनाते हुए, वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय अनुमोदन प्रक्रिया को तेज करने की परिकल्पना की गई है। साथ ही, आईसीएमआर के अंतर्गत 1,000 क्लीनिकल परीक्षण स्थलों का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नेटवर्क तैयार कर भारत के क्लीनिकल अनुसंधान क्षेत्र का विस्तार करने की भी परिकल्पना की गई है। इस पहल का उद्देश्य बायोलॉजिक्स और बायो-सिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इसके साथ ही, अनुसंधान एवं विकास को सहयोग देकर, क्लीनिकल परीक्षण अवसंरचना को मजबूत कर और शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को प्रोत्साहन देकर, यह योजना बायोफार्मास्यूटिकल सेक्टर में घरेलू नवाचार और विनिर्माण क्षमताओं को प्रोत्साहित करना चाहती है। ऐसी पहलों से समय के साथ आयात पर निर्भरता कम होने और वैश्विक बायोफार्मास्यूटिकल बाजार में भारत की भागीदारी बेहतर होने की उम्मीद है।
यह जानकारी रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एमएम/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2246293)
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