पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
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संसद प्रश्न: मिशन मौसम के अंतर्गत धन का उपयोग

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 11:50AM by PIB Delhi

2025-26 के लिए बजट अनुमान (बीई) और संशोधित अनुमान (आरई) के बीच मिशन मौसम के अंतर्गत धन का कम उपयोग (लगभग 37%) मुख्य रूप से डॉपलर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर), विंड प्रोफाइलर और रेडियोमीटर सहित महत्वपूर्ण अवलोकन प्रणालियों की खरीद में चुनौतियों के कारण है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा शुरू की गई खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर उन्नत अवलोकन बुनियादी ढांचे का अधिग्रहण और तैनाती शामिल है। इसे पहली बार इतने बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है। नतीजतन इन कारकों के कारण धन के उपयोग में कुछ देरी हुई है जो समझ में आती है।

मिशन मौसम योजना सितंबर 2024 में शुरू की गई थी। योजना की शुरुआत से बजट अनुमान (बीई), संशोधित अनुमान (आरई) और वास्तविक/जारी व्यय (एई) का वर्ष-वार ब्यौरा इस प्रकार है:

(आंकड़े करोड़ में)

वित्तीय वर्ष

बजट अनुमान (बीई)

संशोधित अनुमान (आरई)

जारी/वास्तविक (एई) व्यय

2024-25

0

666.00

515.70

2025-26

1329.00

840.00

828.95

(31/03/2026 तक)

 

यह जानकारी केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान और विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 1 अप्रैल 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत की।

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पीके/केसी/एसके


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