सहकारिता मंत्रालय
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भारत टैक्सी का आरम्भ और परिचालनगत ढांचा

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 5:05PM by PIB Delhi

सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों- जिन्‍हें सारथियों के रूप में संदर्भित किया जाता है, को स्वामित्व, शासन और मूल्य निर्माण के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक रूपांतरणकारी पहल के रूप में की गई है जिससे एग्रीगेटर-चालित मॉडल के लिए एक संधारणीय और सम्मानजनक विकल्प प्रदान किया जा सके । "भारत टैक्सी" भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है । यह 'सहकार से समृद्धि' की परिकल्‍पना के अनुरूप सहकारी क्षेत्र को सशक्‍त करने और समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के चल रहे प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्थर है । बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन पंजीकृत, भारत टैक्सी की स्थापना दिनांक 6 जून, 2025 को सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले राष्ट्रीय स्तर के 8 संस्थानों द्वारा की गई है जिसे आधिकारिक रूप से दिनांक 5 फरवरी, 2026 को लॉन्च किया गया । इस सहकारी समिति का लक्ष्‍य सवारियों को सुरक्षित और किफायती सवारी विकल्प प्रदान करते हुए चालकों के लिए उचित और पारदर्शी आय सुनिश्चित करना, कमीशन-आधारित शोषण को खत्म करना, भागीदारी निर्णयन को बढ़ावा देना और सामाजिक सुरक्षा लाभों तक पहुंच प्रदान करना है । यह प्लेटफ़ॉर्म सब्स्क्रिप्‍शन-आधारित मॉडल पर काम करता है जिसमें चालक, सहकारी समिति के सदस्य और हितधारक होते हैं ।  इसकी प्रमुख विशेषताओं में शून्य-कमीशन संरचना, पारदर्शी किराया तंत्र और सहकारी संस्थानों के माध्यम से शासन शामिल है जो चालक -भागीदारों द्वारा आय को बनाए रखने की सुविधा प्रदान करता है ।

 

दिनांक 23 मार्च 2026 तक, इस प्लेटफॉर्म ने लगभग 4.31 लाख चालक- भागीदारों को ऑनबोर्ड किया है । ये सेवाएं वर्तमान में दिल्ली राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र और अहमदाबाद, राजकोट एवं सूरत सहित गुजरात के चुनिंदा शहरों में चल रही हैं । चंडीगढ़ और लखनऊ में भी चालकों को ऑनबोर्ड करने का कार्य शुरू हो गया है । भारत टैक्सी ने अगले तीन वर्षों में देश भर में टियर 2 और टियर 3 शहरों के साथ-साथ जिला और तहसील स्तरों पर सेवा विस्तार की योजना बनाई है ।

 

भारत टैक्सी के विकास को अग्रसर करने में संस्थागत सहयोग, डिजिटल अवसंरचना सक्षमीकरण और सहकारी परितंत्र में सुविधा अपना योगदान प्रदान कर रही है । भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियमावली, 1961 के अनुसार सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार देश में सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल को बढ़ावा देने के लिए प्राप्‍त अधिदेश के हिस्‍से के रूप में ‍सहकारी समितियों को उनकी क्षमता प्राप्‍त करने में सहायता हेतु यथोचित नीति, विधिक और संस्थागत ढांचे के निर्माण के लिए प्रयास करता है ।

 

प्रारंभिक चुनौतियों में गहरी बाजार पैठ के साथ स्थापित निजी एग्रीगेटर्स से प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ चालक -भागीदारों के कुछ वर्गों के बीच डिजिटल अंगीकरण की बाधाएं शामिल हैं । ई-गवर्नेंस टूल के साथ-साथ कल्याण और जागरूकता, प्रशिक्षण और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव के माध्यम से इन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं ।

 

भारत टैक्सी ने व्यापक अंगीकरण सुनिश्चित करने के लिए अनेक उपाय प्रस्‍तावित किए हैं जिसमें अतिरिक्त शहरों में विस्तार, जागरूकता अभियानों, चालकों को ऑनबोर्ड करने की पहलें और कल्याणकारी प्रावधान शामिल हैं । सहकारी स्वामित्व के माध्यम से चालक-भागीदारों की संधारणीय आय, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक सशक्तीकरण सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है ।

 

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

 

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AK/AP


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