अंतरिक्ष विभाग
संसद प्रश्न: पीएसएलवी और एसएसएलवी कार्यक्रम
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 3:30PM by PIB Delhi
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) द्वारा निर्धारित ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के तहत होने वाले प्रक्षेपणों में हाल ही में हुई देरी के पीछे पूरी तरह से तकनीकी कारण हैं। पीएसएलवी-सी62 मिशन की विफलता के मद्देनजर, पीएसएलवी यान में आई गड़बड़ी के कारणों की समीक्षा करने और सुधार संबंधी उपायों की सिफारिश करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। सुधार से जुडी कार्रवाई के बाद पीएसएलवी फिर से उड़ान भरेगा। लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) ने विकासात्मक उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं और उत्पादन एवं प्रक्षेपण के लिए इसे एनएसआईएल और उद्योग को सौंप दिया गया है।
गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (एनआईएसएआर) पृथ्वी अवलोकन पहल और आगामी जलवायु एवं मौसम निगरानी उपग्रहों का संचालन आईएसआरओ की संबंधित परियोजना टीमों द्वारा किया जा रहा है। अंतरिक्ष विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में स्थित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) आईएसआरओ और भारतीय उद्योग के सक्रिय सहयोग से वाणिज्यिक मिशनों के लिए जिम्मेदार है।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेएस/केके
(रिलीज़ आईडी: 2247830)
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