जनजातीय कार्य मंत्रालय
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ईएमआरएस में बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर को कम करने के उपाय

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 1:33PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में घर-आधारित अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) की एक अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत शिक्षकों द्वारा वार्षिक रूप से घर-घर जाकर स्कूल-अभिभावक-समुदाय के बीच संबंध मजबूत किए जाते हैं, अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाई जाती है, छात्रों की उपस्थिति में सुधार किया जाता है और उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जाता है।

इस पहल की विशेषताएं निम्‍नानुसार हैं:

ईएमआरएस के शिक्षकों को एक शैक्षणिक वर्ष में मुख्‍य रूप से छुट्टियों के दौरान या अन्य निर्धारित आउटरीच अवधियों में प्रत्येक छात्र के घर कम से कम एक बार जाना अनिवार्य है।

इन मुलाकातों के दौरान, शिक्षक छात्र की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार, स्वास्थ्य संबंधी मापदंडों और समग्र कल्याण पर चर्चा करने के लिए माता-पिता/अभिभावकों के साथ बातचीत करते हैं ताकि शिक्षा में माता-पिता की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

होम विजिट प्रोग्राम की योजना और निगरानी ईएमआरएस के प्रिंसिपल द्वारा सुरक्षा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित रूप से की जानी है।

शिक्षकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे आदिवासी समुदायों के रीति-रिवाजों और परंपराओं का सम्मान करते हुए, गरिमा, व्यावसायिकता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के साथ भ्रमण करें।

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पीके/केसी/एवाई/एसएस


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