कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) और एकीकृत कौशल विकास तंत्र
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 4:13PM by PIB Delhi
स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) को सितंबर 2023 में एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के रूप में लॉन्च किया गया था ताकि संपूर्ण कौशल विकास इको सिस्टम को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जा सके।
सिद्ध के प्रमुख उद्देश्य:
- एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणन और कौशलीकरण से संबंधित अन्य अवसरों तक निर्बाध पहुंच प्रदान करना;
- उम्मीदवारों, प्रशिक्षण प्रदाताओं, मूल्यांकन एजेंसियों और नियोक्ताओं के लिए संपूर्ण डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना;
- सभी प्रमाणित उम्मीदवारों के लिए डिजिटल रूप से सत्यापित और पोर्टेबल क्रेडेंशियल सुनिश्चित करना; और
- एक एकीकृत कौशलीकरण प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए अंतरसंचालनीय एपीआई के माध्यम से अन्य सरकारी प्लेटफार्मों के साथ एकीकृत होना।
सिद्ध की प्रमुख विशेषताएं:
- विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कौशलीकरण पाठ्यक्रमों की खोज;
- नामांकन से लेकर प्रमाणन तक संपूर्ण प्रशिक्षण चक्र का डिजिटल प्रबंधन;
- डिजिटल प्रमाणन प्रणाली छेड़छाड़-रहित, पोर्टेबल और सत्यापन योग्य प्रमाणपत्रों को सक्षम बनाती है;
- नेशनल करियर सर्विस, ईश्रम, जीएसटीएन, भाशिनी आदि सहित विभिन्न प्लेटफार्मों के साथ एकीकरण, और
- सभी हितधारकों के लिए विश्लेषण सहित रीयल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड।
बजट आवंटन और व्यय:
सिद्ध के लिए वित्तीय संरचना को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है। विकास लागत पूरी तरह से संकल्प योजना के तहत वित्त पोषित की गई है, जबकि वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) व्यय का प्रबंधन स्किल इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से किया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 तक निधि उपयोग का ब्यौरा इस प्रकार है:
विकास: निधि एवं उपयोग (संकल्प)
|
संकल्प
|
स्वीकृत राशि (₹)
|
कुल संवितरण (₹)
|
|
10वां कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड
|
92,70,58,720.00
|
40,35,79,090.00
|
|
15वां कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड
|
74,91,92,510.18
|
75,33,69,547.00
|
|
16वां कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड
|
88,36,01,828.07
|
1,18,08,81,724.00
|
|
कुल
|
2,55,98,53,058.25
|
2,33,78,30,361.00
|
एएमसी: निधि एवं उपयोग (स्किल इंडिया कार्यक्रम)
|
विवरण
|
वित्त वर्ष 2023-24 (करोड़ रुपये में)
|
वित्त वर्ष 24-25 (करोड़ रुपये में)
|
|
वास्तविक व्यय
|
21.02
|
37.44
|
राष्ट्रीय स्तर पर स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) में हितधारकों को शामिल करने की प्रगति निम्नलिखित है:
|
वर्ग
|
राष्ट्रव्यापी गणना
|
|
प्रशिक्षण प्रदाता (डेस्कटॉप मूल्यांकन के बाद)
|
13,035
|
|
मूल्यांकन एजेंसियां
|
2,626
|
|
पीएमकेवीवाई के तहत नामांकित उम्मीदवार
|
33,47,294
|
|
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा (पीएमवी) के अंतर्गत प्रमाणित उम्मीदवार
|
23,74,295
|
|
अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत नामांकित उम्मीदवार
|
11,01,996
|
|
डिजिटल लर्निंग पार्टनर्स (डीएलपी) के माध्यम से नामांकित उम्मीदवार
|
32,46,385
|
सिद्ध में एक जॉब एक्सचेंज पेज है जो (एनएसडीसी) और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (एमओएलई) के राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल पर पंजीकृत नियोक्ताओं द्वारा भेजी गई रिक्तियों को एकत्रित करता है। नियोक्ता अपने-अपने पोर्टलों पर रिक्तियां भेजते हैं, जिन्हें सिद्ध प्लेटफॉर्म के जॉब एक्सचेंज पेज पर प्रदर्शित किया जाता है, जिससे योग्य उम्मीदवारों और संभावित नियोक्ताओं के बीच सहज संपर्क स्थापित होता है।
सिद्ध के तहत कई योजनाओं में पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की जाती है, जिसमें पीएमकेवीवाई के तहत 779 पाठ्यक्रम, पीएम विश्वकर्मा (पीएमवी) के तहत 18 पाठ्यक्रम, अन्य सरकारी योजनाओं के तहत 685 पाठ्यक्रम और डिजिटल लर्निंग पार्टनर्स (डीएलपी) के माध्यम से 1,477 पाठ्यक्रम शामिल हैं।
सिद्ध में पंजीकृत हितधारकों का राज्यवार ब्यौरा और नामांकन/प्रमाणीकरण डेटा अनुबंध-I में दिया गया है।
सिद्ध ने एक ही इंटरफ़ेस के माध्यम से शिक्षार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों को खोजने और उनमें नामांकन करने में सक्षम बनाकर कौशलीकरण के अवसरों तक पहुंच में सुधार किया है। इस प्लेटफॉर्म ने मूल्यांकन और प्रमाणन प्रक्रियाओं को डिजिटाइज़ करके पारदर्शिता को बढ़ाया है, जिससे सुरक्षित डिजिटल क्रेडेंशियल उपलब्ध हो सके हैं और मैनुअल हस्तक्षेप कम हो सके हैं।
इसके अलावा, सिद्ध अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अवसरों को एकीकृत करके कौशलीकरण और रोजगार के बीच संबंध को मजबूत करता है। विशेष रूप से, एमओएलई के राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल और जॉबएक्स प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण प्रमाणित उम्मीदवारों और नियोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करता है, जिससे नियोक्ता रिक्तियों को भेज सकते हैं और उम्मीदवार सिद्ध जॉब एक्सचेंज पेज के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। रियल टाइम के डेटा और मानकीकृत प्रक्रियाओं की उपलब्धता ने निगरानी में सुधार किया है, दोहराव को कम किया है और उद्योग की मांग के साथ प्रशिक्षण के बेहतर तालमेल को सुनिश्चित किया है।
अनुबंध-I
दिनांक 01.04.2026 को उत्तरार्थ राज्य सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 4273 के भाग (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध
सिद्ध के तहत पंजीकृत हितधारकों और नामांकन/प्रमाणीकरण का राज्यवार डेटा
|
राज्य
|
प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या (डीए अनुमोदित)
|
पीएमकेवीवाई (नामांकित)
|
पीएमवी (प्रमाणित)
|
अन्य सरकारी योजनाएँ (नामांकित)
|
डीएलपी (नामांकित)
|
मूल्यांकन एजेंसी (सिद्ध)
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
3
|
1983
|
588
|
354
|
2485
|
3
|
|
आंध्र प्रदेश
|
309
|
96774
|
172356
|
31782
|
216172
|
32
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
33
|
19827
|
1392
|
1252
|
2334
|
0
|
|
असम
|
263
|
157217
|
95168
|
55629
|
64658
|
65
|
|
बिहार
|
685
|
146837
|
107705
|
73319
|
237286
|
195
|
|
चंडीगढ़
|
36
|
1544
|
289
|
2402
|
3937
|
17
|
|
छत्तीसगढ़
|
275
|
31776
|
81396
|
17757
|
45850
|
248
|
|
दिल्ली
|
428
|
33846
|
324
|
1949
|
101502
|
154
|
|
गोवा
|
21
|
482
|
11997
|
66
|
4651
|
3
|
|
गुजरात
|
375
|
79886
|
183279
|
28211
|
116228
|
58
|
|
हरियाणा
|
687
|
139746
|
23265
|
19087
|
123441
|
60
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
136
|
36340
|
12784
|
25530
|
29219
|
39
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
245
|
144425
|
134146
|
13177
|
66342
|
24
|
|
झारखंड
|
220
|
46296
|
32280
|
270009
|
77905
|
49
|
|
कर्नाटक
|
519
|
114558
|
490149
|
29010
|
124608
|
91
|
|
केरल
|
171
|
28141
|
12695
|
8891
|
60799
|
196
|
|
लद्दाख
|
11
|
1331
|
2548
|
55
|
862
|
1
|
|
लक्ष्यद्वीप
|
3
|
120
|
420
|
0
|
119
|
7
|
|
मध्य प्रदेश
|
1046
|
374373
|
214842
|
22579
|
177924
|
149
|
|
महाराष्ट्र
|
1294
|
154877
|
212222
|
185608
|
412707
|
181
|
|
मणिपुर
|
166
|
30161
|
11109
|
937
|
6521
|
11
|
|
मेघालय
|
27
|
13994
|
209
|
1224
|
3848
|
152
|
|
मिजोरम
|
23
|
13769
|
1334
|
1602
|
1216
|
4
|
|
नागालैंड
|
40
|
15717
|
1834
|
2234
|
2498
|
18
|
|
ओडिशा
|
153
|
66676
|
84777
|
37546
|
101827
|
203
|
|
पुडुचेरी
|
25
|
6170
|
246
|
2220
|
4295
|
1
|
|
पंजाब
|
420
|
160182
|
7605
|
27681
|
57265
|
22
|
|
राजस्थान
|
1455
|
374027
|
238085
|
60365
|
157540
|
47
|
|
सिक्किम
|
23
|
7053
|
1400
|
934
|
1549
|
7
|
|
तमिलनाडु
|
474
|
156964
|
0
|
14704
|
158090
|
98
|
|
तेलंगाना
|
194
|
56846
|
63488
|
15446
|
105243
|
52
|
|
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
|
5
|
1938
|
406
|
45
|
5203
|
10
|
|
त्रिपुरा
|
53
|
27729
|
16066
|
5863
|
10007
|
10
|
|
उत्तर प्रदेश
|
2828
|
666676
|
142385
|
88159
|
565053
|
319
|
|
उत्तराखंड
|
145
|
59925
|
15506
|
17544
|
40966
|
37
|
|
पश्चिम बंगाल
|
244
|
79088
|
0
|
38825
|
156235
|
63
|
|
कुल योग
|
13035
|
33,47,294
|
23,74,295
|
11,01,996
|
32,46,385
|
2626
|
यह जानकारी आज राज्यसभा में कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2247890)
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