सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
भीख मांगने में लिप्त नाबालिग/बच्चे
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 4:21PM by PIB Delhi
भारत के रजिस्ट्रार जनरल की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भीख मांगने के कार्य में लगे बच्चों (14 वर्ष तक की आयु) की राज्यवार संख्या का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है। ये आंकड़े 2011 की जनगणना पर आधारित हैं।
इस उप-योजना की शुरुआत यानी 23.10.2023 से अब तक भीख मांगने में लिप्त पाए गए कुल 2,653 बच्चों का पुनर्वास किया जा चुका है। इनमें से 1,507 बच्चों को उनके माता-पिता या परिवारों से मिला दिया गया है, 305 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया है, 206 बच्चों को बाल कल्याण समिति के पास भेजा गया है और 635 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाने में सहायता की गई है।
चूंकि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग पहले से ही भीख मांगने के कृत्य में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए एक समर्पित केंद्रीय क्षेत्र योजना लागू कर रहा है, जिसमें नाबालिगों/बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है, इसलिए फिलहाल किसी नए कानून या योजना को लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं प्रतीत होती है।
अनुलग्नक
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राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नाम
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कुल (0-14 वर्ष)
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जम्मू और कश्मीर
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990
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हिमाचल प्रदेश
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178
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पंजाब
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1,214
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चंडीगढ़
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11
|
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उत्तराखंड
|
274
|
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हरियाणा
|
1,171
|
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दिल्ली एनसीटी
|
290
|
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राजस्थान
|
7,167
|
|
उत्तर प्रदेश
|
10,167
|
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बिहार
|
3,396
|
|
सिक्किम
|
1
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
24
|
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नगालैंड
|
20
|
|
मणिपुर
|
34
|
|
मिजोरम
|
6
|
|
त्रिपुरा
|
43
|
|
मेघालय
|
38
|
|
असम
|
686
|
|
पश्चिम बंगाल
|
3,216
|
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झारखंड
|
1,254
|
|
ओडिशा
|
905
|
|
छत्तीसगढ
|
1,065
|
|
मध्य प्रदेश
|
2,592
|
|
गुजरात
|
1,982
|
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दमन और दीव
|
8
|
|
दादरा और नगर हवेली
|
0
|
|
महाराष्ट्र
|
3,026
|
|
आंध्र प्रदेश
|
3,128
|
|
कर्नाटक
|
1,602
|
|
गोवा
|
24
|
|
लक्षद्वीप
|
1
|
|
केरल
|
202
|
|
तमिलनाडु
|
572
|
|
पुडुचेरी
|
9
|
|
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह
|
0
|
|
भारत
|
45,296
|
यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी है।
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(रिलीज़ आईडी: 2247924)
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