सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 4:24PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) नामक एक व्यापक योजना लागू कर रहा है। इस योजना के तहत पिछले पांच वर्षों, यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक, कुल 37,77,133 लाभार्थियों को लाभ प्राप्त हुआ है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का संचालन करता है। एनएसएपी के एक घटक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (आईजीएनओएपी) के तहत, 60-79 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों को 200 रुपये प्रति माह और 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों को 500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। आईजीएनओएपी के तहत पिछले पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25) के दौरान जारी की गई पेंशन राशि 32,409 करोड़ रुपये है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएसआरसी), जो एवीवाईएवाई योजना का एक घटक है, के तहत एक्स, वाई और ज़ेड श्रेणी के शहरों में 25 बिस्तरों वाले वरिष्ठ नागरिक गृहों के संचालन और रखरखाव के लिए संगठनों को क्रमशः 25,04,355 रुपये, 24,64,755 रुपये और 24,38,355 रुपये की आवर्ती राशि दी जाती है। इसी प्रकार, एक्स, वाई और ज़ेड  श्रेणी के शहरों में 50 बिस्तरों वाले वरिष्ठ नागरिक गृहों के संचालन और रखरखाव के लिए संगठनों को क्रमशः 42,11,228 रुपये, 41,51,282 रुपये और 41,12,228 रुपये की आवर्ती राशि दी जाती है।

मकान किराया भत्ता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार की शहरों की तीन श्रेणियां हैं: एक्स, वाई और ज़ेड।

शहरों की तीनों श्रेणियों (एक्स, वाई और ज़ेड) में 25 बिस्तरों वाले वरिष्ठ नागरिक गृह के लिए 3,09,105 रुपये और 50 बिस्तरों वाले वरिष्ठ नागरिक गृह के लिए 4,12,140 रुपये का एक गैर-आवर्ती अनुदान प्रदान किया जाता है।

पिछले पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25) के दौरान) एवीवाईएवाई योजना के आईपीएसआरसी घटक के तहत 532.45 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएँ लागू करती है, जिनका प्रभावी कार्यान्वयन और व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाती है। इन योजनाओं के संचालन का आकलन करने के लिए प्रत्येक वित्तीय चक्र के शुरू होने से पहले तृतीय-पक्ष मूल्यांकन अनिवार्य रूप से कराए जाते हैं। इन मूल्यांकनों के निष्कर्षों और अनुशंसाओं के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं।

यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी है।

***

पीके/केसी/पीएस


(रिलीज़ आईडी: 2247925) आगंतुक पटल : 422
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu