अणु ऊर्जा विभाग
संसदीय प्रश्न: समुद्र तट की रेत में पाए जाने वाले खनिज
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 7:48PM by PIB Delhi
पिछले पांच वर्षों के दौरान देश में कच्चे समुद्री तटीय रेत खनिजों (बीएसएम) के राज्य और जिलावार उत्पादन और कुल मूल्यवर्धित बीएसएम (कुल भारी खनिज) के विवरण तालिका में दिए गए हैं।
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वित्तीय वर्ष
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राज्य
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जिला
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कच्ची रेत का उत्पादन (टन में)
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कुल भारी खनिज (टन में)
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वित्तीय वर्ष
2021-22
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ओडिशा
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गंजम
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3999755
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341450
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तमिलनाडु
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कन्याकुमारी
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772866
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63536
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केरल
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कोल्लम
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771189
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137528
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वित्तीय वर्ष
2022-23
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ओडिशा
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गंजम
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4354899
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367493
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तमिलनाडु
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कन्याकुमारी
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682256
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54366
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केरल
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कोल्लम
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897025
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151242
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वित्तीय वर्ष
2023-24
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ओडिशा
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गंजम
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6017990
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375402
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वित्तीय वर्ष
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राज्य
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जिला
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कच्ची रेत का उत्पादन (टन में)
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कुल भारी खनिज (टन में)
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तमिलनाडु
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कन्याकुमारी
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916175
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60784
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केरल
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कोल्लम
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1182251
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145655
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वित्तीय वर्ष 2024-25
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ओडिशा
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गंजम
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6370502
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397778
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तमिलनाडु
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कन्याकुमारी
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713714
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60899
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केरल
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कोल्लम
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1198251
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173685
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वित्तीय वर्ष
2025-26
(फरवरी 2026 तक)
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ओडिशा
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गंजम
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5785825
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411869
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तमिलनाडु
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कन्याकुमारी
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680511
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41865
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केरल
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कोल्लम
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1526689
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147913
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पिछले 5 वर्षों के दौरान कुल उत्पादन
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35869898
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2931465
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उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार आंध्र प्रदेश राज्य में पिछले पांच (05) वर्षों के दौरान कच्चे समुद्र तट रेत खनिजों (बीएसएम) का कुल उत्पादन और कुल मूल्य वर्धित बीएसएम (कुल भारी खनिज) शून्य है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में सहायता देने की घोषणा की गई, जिससे ये पहल आत्मनिर्भर भारत, 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन और विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हो गईं, साथ ही भारत को वैश्विक उन्नत सामग्री मूल्य शृंखलाओं में एक प्रमुख ताकत के रूप में स्थापित किया गया।
खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर) की धारा (5) के प्रावधानों के अनुसार, परमाणु खनिजों (यानी इस मामले में बीएसएम) का खनन, सीमा मूल्यों (यानी कुल भारी खनिजों में 0.00% मोनाज़ाइट, खान मंत्रालय की अधिसूचना संख्या जीएसआर134(ई) दिनांक 20.02.2019 के अनुसार) के बराबर या उससे अधिक केवल सरकार के स्वामित्व वाली या सरकार द्वारा नियंत्रित सरकारी कंपनी/निगम द्वारा ही किया जाएगा।
एमएमडीआर अधिनियम, 1957 की धारा 23सी राज्य सरकारों को खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने और उससे संबंधित उद्देश्यों के लिए नियम बनाने का अधिकार देती है।
बीएसएम के अवैध निर्यात के संबंध में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने बीएसएम पर निर्यात नीति संबंधी अधिसूचना संख्या 26/2015-2020 दिनांक 21.08.2018 जारी की, जिसके तहत बीएसएम के निर्यात को राज्य व्यापार उद्यम के अंतर्गत लाया गया है और इसे आईआरईएल (इंडिया) लिमिटेड (आईआरईएल) के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
घरेलू अयस्क या कच्चे माल से अपशिष्ट पदार्थ को हटाकर और वांछित खनिजों की सांद्रता को बढ़ाकर उनके आर्थिक मूल्य में सुधार करने की औद्योगिक प्रक्रिया क्षमता को बढ़ावा देने के संबंध में आईआरईएल को भारत में रेयर अर्थ खनिज युक्त भारी खनिज रेत, जैसे कि मोनाजाइट, के खनन और प्रसंस्करण का कार्य सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड (केएमएल) ज्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।
केरल सरकार के अधीन एक विशेष उद्यम (एसपीएसई) भी इसी प्रकार की गतिविधि करता है। आईआरईएल तीन स्थानों पर कार्यरत है, जिनमें भारी खनिज रेत के एकीकृत खनन और प्रसंस्करण की सुविधा और रेयर अर्थ धातुओं के निष्कर्षण और शोधन की सुविधा शामिल है। आईआरईएल के पास एकीकृत खनन, खनिज पृथक्करण, रेयर दुर्लभ अर्थ तत्वों के निष्कर्षण और शोधन में आवश्यक विशेषज्ञता है। परमाणु ऊर्जा विभाग की घटक इकाई भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र रेयर अर्थ तत्वों के प्रसंस्करण से संबंधित आवश्यक प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए आईआरईएल के साथ सहयोग करता है।
यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी औरपृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज 1 अप्रैल, 2026, बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2248116)
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