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फ़रवरी 2026 के अंत में दूरसंचार सदस्यता से संबंधित ऑंकड़ों की मुख्य झलकियाँ

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 6:55PM by PIB Delhi

विवरण

वायरलेस*

वायरलाइन

कुल

(वायरलेस +

वायरलाइन)

ब्रॉडबैंड ग्राहक  (मिलियन)

1013.03

46.02

1059.05

शहरी टेलीफोन ग्राहक  (मिलियन)

730.75

42.91

773.66

फ़रवरी 2026 में शुद्ध वृद्धि (मिलियन)
 

5.08

0.32

5.40


मासिक वृद्धि दर

0.70%

0.75%

0.70%

ग्रामीण टेलीफोन ग्राहक  (मिलियन)

542.56

5.08

547.65

फ़रवरी 2026 में शुद्ध वृद्धि (मिलियन)

1.89

0.01

1.90

मासिक वृद्धि दर

0.35%

0.28%

0.35%

कुल टेलीफोन ग्राहक  (मिलियन)

1273.31

47.99

1321.31

फ़रवरी 2026 में शुद्ध वृद्धि (मिलियन)

6.97

0.34

7.31

मासिक वृद्धि दर

0.55%

0.70%

0.56%

शहरी ग्राहकों का हिस्सा

57.39%

89.41%

58.55%

ग्रामीण ग्राहकों  का हिस्सा

42.61%

10.59%

41.45%

एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों सहित समग्र टेली-घनत्व(@)

89.30%

3.37%

92.66%

शहरी  टेली-घनत्व @

142.32%

8.36%

150.68%

ग्रामीण  टेली-घनत्व @

59.46%

0.56%

60.02%

एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों के बिना टेली-घनत्व @

80.99%

3.37%

84.36%

 

फरवरी 2026 में 14.47 मिलियन ग्राहकों ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए अनुरोध किए।

फरवरी 2026 में (पीक वीएलआर की तिथि  पर#) सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या 1177.60 मिलियन थी।

नोट :

* वायरलेस ग्राहक आधार में वायरलेस मोबाइल टेलीफोन ग्राहक  (एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों सहित) तथा एफडब्ल्यूए ग्राहक  शामिल होते हैं।

@ टेली-घनत्व की गणना जुलाई 2020 में प्रकाशित ‘भारत और राज्यों के लिए जनसंख्या अनुमानों पर तकनीकी समूह की रिपोर्ट 2011–2036’ के आधार पर लगाए गए जनसंख्या अनुमान के अनुसार की गई है।

# वीएलआर का अर्थ विज़िटर लोकेशन रजिस्टर है। विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के लिए पीक वीएलआर की तिथियाँ अलग-अलग सेवा क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं।

  • इस प्रेस विज्ञप्ति में दी गई जानकारी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) द्वारा ट्राई  को प्रदान किए गए आँकड़ों पर आधारित हैं।

ब्रॉडबैंड ग्राहक

  • फरवरी 2026 के लिए 1472 ऑपरेटरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रॉडबैंड ग्राहकों  की कुल संख्या जनवरी 2026 के अंत में 1052.72 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 1059.05 मिलियन हो गई, जिसमें मासिक वृद्धि दर 0.60% रही। ब्रॉडबैंड ग्राहकों  की खंड-वार संख्या और उनकी मासिक वृद्धि दर निम्नलिखित हैं: -

फरवरी 2026 में खंड-वार ब्रॉडबैंड ग्राहक और मासिक वृद्धि दर

खंड

सदस्‍यता

ब्रॉडबैंड ग्राहक  (मिलियन में)

प्रतिशत परिवर्तन

जनवरी 2026

फरवरी 2026

वायर्ड ग्राहक

फिक्स्ड वायर्ड एक्सेस

(डीएसएल, एफटीटीएक्स  ईथरनेट/लैन , केबल मॉडेम, आईएलएल)

45.83

46.02

0.42%

वायरलेस ग्राहक

फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस

(5G  एफडब्ल्यूए , वाई-फाई, वाई-मैक्स, रेडियो/यूबीआर, सैटेलाइट)

15.95

16.51

3.54%

मोबाइल वायरलेस एक्सेस

(हैंडसेट/डोंगल/एम2एम -बेस्ड-3G, 4G, 5G)

990.95

996.52

0.56%

कुल ब्रॉडबैंड सदस्यताएँ

1052.72

1059.05

0.60%

 

फ़रवरी 2026 के अंत में शीर्ष पाँच ब्रॉडबैंड (वायर्ड और वायरलेस) सेवा प्रदाता

क्र.सं.

सेवा प्रदाता

सदस्‍यता आधार

(मिलियन में)

  1.  

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड

519.64

  1.  

भारती एयरटेल लिमिटेड

364.14

  1.  

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड

129.36

  1.  

भारत संचार निगम लिमिटेड

28.70

  1.  

एट्रिया कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड.

2.38

शीर्ष पाँच ब्रॉडबैंड (वायर्ड और वायरलेस) सेवा प्रदाताओं का बाज़ार में हिस्सा

98.60%

 

  • ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए बाज़ार में सेवा प्रदाता-वार हिस्से का ग्राफिकल निरुपण नीचे दिया गया है: -

फ़रवरी 2026 के अंत में ब्रॉडबैंड (वायर्ड और वायरलेस) सेवाओं के लिए बाज़ार में सेवा प्रदाता-वार हिस्सा

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002KVNG.png

 फ़रवरी 2026 के अंत में शीर्ष पाँच फिक्स्ड वायर्ड एक्सेस ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाता

क्र.सं.

सेवा प्रदाता

ग्राहक आधार

1

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड

14.10

2

भारती एयरटेल लिमिटेड

10.54

3

भारत संचार निगम लिमिटेड

4.43

4

एट्रिया कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड

2.38

5

केरल विजन ब्रॉडबैंड लिमिटेड

1.47

 

बाज़ार में शीर्ष पाँच फिक्स्ड (वायर्ड) एक्सेस ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाताओं का हिस्सा 

71.54%

फ़रवरी 2026 के अंत में शीर्ष पाँच वायरलेस (फिक्स्ड वायरलेस और मोबाइल) एक्सेस ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाता

क्र.सं.

सेवा प्रदाता

ग्राहक आधार

  1.  

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड

505.54

  1.  

भारती एयरटेल लिमिटेड

353.61

  1.  

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड

129.35

  1.  

भारत संचार निगम लिमिटेड

24.26

  1.  

आईबस वर्चुअल नेटवर्क सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड

0.12

 

बाज़ार में शीर्ष पाँच वायरलेस (फिक्स्ड वायरलेस और मोबाइल) एक्सेस ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाताओं का हिस्सा

99.99%

 

  1. वायरलाइन टेलीफोन ग्राहक आधार
  •  वायरलाइन ग्राहकों की संख्या जनवरी 2026 के अंत में 47.66 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 47.99 मिलियन हो गई। वायरलाइन ग्राहक आधार में शुद्ध वृद्धि 0.34 मिलियन रही, जिसमें मासिक वृद्धि दर 0.70% थी।

· भारत में समग्र वायरलाइन टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 3.34% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 3.37% हो गया। शहरी और ग्रामीण वायरलाइन टेली-घनत्व क्रमशः 8.36% और 0.56% थे। कुल वायरलाइन ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों का हिस्सा फरवरी 2026 के अंत में क्रमशः 89.41% और 10.59% था।

· फरवरी 2026 के अंत में पीएसयू एक्सेस सेवा प्रदाताओं जैसे बीएसएनएल, एमटीएनएल, और एपीएसएफएल का मिलकर वायरलाइन बाज़ार में हिस्सा 19.12% था। वायरलाइन ग्राहक आधार के विस्तृत आँकड़े अनुलग्‍नक-I में उपलब्ध हैं।

फ़रवरी 2026 के अंत में वायरलाइन ग्राहकों का बाज़ार में एक्सेस सेवा प्रदाता-वार हिस्सा

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003GOK9.png

फरवरी 2026 में विभिन्न एक्सेस सेवा प्रदाताओं के वायरलाइन ग्राहक आधार में शुद्ध वृद्धि/कमी निम्‍निलिखित है:

फरवरी 2026 में वायरलाइन ग्राहकों में एक्सेस सेवा प्रदाता-वार शुद्ध वृद्धि/कमी

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image004GJCD.png

II. वायरलेस टेलीफोन (मोबाइल + एफडब्ल्यूए) ग्राहक आधार

  • वायरलेस (मोबाइल + फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस) ग्राहकों की संख्या जनवरी 2026 के अंत में 1266.34 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 1273.31 मिलियन हो गई, जिससे मासिक वृद्धि दर 0.55% रही। शहरी क्षेत्रों में कुल वायरलेस सदस्‍यता जनवरी 2026 के अंत में 725.67 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 730.75 मिलियन हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस अवधि के दौरान सदस्‍यता 540.67 मिलियन से बढ़कर 542.56 मिलियन हो गयी। शहरी और ग्रामीण वायरलेस सदस्‍यता की मासिक वृद्धि दर क्रमशः 0.70% और 0.35% रही।
  • भारत में वायरलेस टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 88.87% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 89.30% हो गया। शहरी वायरलेस टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 141.53% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 142.32% हुआ। उसी अवधि में ग्रामीण वायरलेस टेली-घनत्व 59.27% से बढ़कर 59.46% हो गया। कुल वायरलेस ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों का हिस्सा फरवरी 2026 के अंत में क्रमशः 57.39% और 42.61% था।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image005SUQV.png

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image00664KQ.png

नोट: टेली-घनत्व के आँकड़े निकालते समय एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शन को भी शामिल किया गया है।

• वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों और वायरलेस (एफडब्ल्यूए) ग्राहकों का विवरण नीचे दिया गया है:

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image008I90K.png

(ए) वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक आधार 

  • वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या जनवरी 2026 के अंत में 1250.89 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 1257.29 मिलियन हो गई, जिससे मासिक वृद्धि दर 0.51% रही। शहरी क्षेत्रों में वायरलेस (मोबाइल) सदस्‍यता जनवरी 2026 के अंत में 717.06 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 721.84 मिलियन हो गई, और ग्रामीण क्षेत्रों में इसी अवधि के दौरान सदस्‍यता 533.83 मिलियन से बढ़कर 535.46 मिलियन हो गयी। शहरी और ग्रामीण वायरलेस (मोबाइल) सदस्‍यता की मासिक वृद्धि दर क्रमशः 0.67% और 0.30% रही।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image009VWWG.png

  • भारत में वायरलेस (मोबाइल) टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 87.79% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 88.17% हो गया। शहरी वायरलेस (मोबाइल) टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 139.86% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 140.58% हुआ, और ग्रामीण वायरलेस (मोबाइल) टेली-घनत्व उसी अवधि में 58.52% से बढ़कर 58.68% हो गया। कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों का हिस्सा फरवरी 2026 के अंत में क्रमशः 57.41% और 42.59% था। वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकआधार के विस्तृत आँकड़े अनुलग्‍नक-II में उपलब्ध हैं।

नोट: टेली-घनत्व के आँकड़े निकालते समय एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों को भी शामिल किया गया है।

• फरवरी 2026 के अंत में, निजी एक्सेस सेवा प्रदाताओं का वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों के संदर्भ में बाज़ार में 92.59% हिस्सा था, जबकि पीएसयू एक्सेस सेवा प्रदाता जैसे बीएसएनएल और एमटीएनएल ने मिलकर 7.41% का बाज़ार हिस्सा रखा।

• बाज़ार में एक्सेस सेवा प्रदाता-वार हिस्सा और वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक आधार में शुद्ध वृद्धि का ग्राफिकल निरुपण नीचे दिया गया है: -

फ़रवरी 2026 के अंत में बाज़ार में वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों के संदर्भ में एक्सेस सेवा प्रदाता-वार हिस्सा

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image010VHIB.png

फ़रवरी 2026 में एक्सेस सेवा प्रदाताओं के वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में शुद्ध वृद्धि/कमी

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image011HQFV.png

वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में वृद्धि


फ़रवरी 2026 में प्रमुख एक्सेस सेवा प्रदाताओं के वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की मासिक वृद्धि/कमी दर

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image012ERRF.png

फ़रवरी 2026 में वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए)-वार मासिक वृद्धि/कमी दर

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image013C9DQ.png

  • फरवरी 2026 में कोलकाता के अतिरिक्‍त, सभी अन्य एलएसए में वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में वृद्धि देखी गई।

 (बी) वायरलेस (एफडब्ल्यूए) ग्राहक आधार

  • वर्तमान में, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) आधारित सेवाएँ दो श्रेणियों के तहत प्रदान की जा रही हैं, जैसे:

ए. 5G एफडब्ल्यूए यानी 5G रेडियो एक्सेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला एफडब्ल्यूए; और.

बी. यूबीआर एफडब्ल्यूए यानी बिना लाइसेंस वाले बैंड रेडियो (यूबीआर) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला एफडब्ल्यूए

• वायरलेस (5G एफडब्ल्यूए) ग्राहकों की संख्या जनवरी 2026 के अंत में 11.53 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 11.93 मिलियन हो गई, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमशः 6.01 मिलियन और 5.92 मिलियन सदस्‍यता थी। कुल वायरलेस (5G एफडब्ल्यूए) ग्राहकों  में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों  का हिस्सा फरवरी 2026 के अंत में क्रमशः 50.38% और 49.62% था।

• वायरलेस (5G एफडब्ल्यूए) सदस्‍यता आधार के एलएसए-वार आँकड़े अनुलग्‍नक-V में उपलब्ध हैं।

  • यूबीआर एफडब्ल्यूए सदस्‍यता फरवरी 2026 के अंत में 4.09 मिलियन रहा, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमशः 2.90 मिलियन और 1.18 मिलियन सदस्‍यता थी। कुल वायरलेस (यूबीआर एफडब्ल्यूए) ग्राहकों में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों का हिस्सा फरवरी 2026 के अंत में क्रमशः 71.00% और 29.00% था।

• वायरलेस (यूबीआर एफडब्ल्यूए) सदस्‍यता आधार के एलएसए -वार आँकड़े अनुलग्‍नक -VI में उपलब्ध हैं।

  1. एम2एम सेलुलर मोबाइल कनेक्शन

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image014ED03.png

· एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या जनवरी 2026 के अंत में 113.46 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 118.47 मिलियन हो गई।

·  भारती एयरटेल लिमिटेड के पास सबसे अधिक एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शन हैं, जो 73.49 मिलियन हैं और बाज़ार में इसका हिस्सा 62.03% है। इसके बाद रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और बीएसएनएल का बाज़ार में हिस्सा क्रमशः 18.35%, 16.31% और 3.31% है।

  1. कुल टेलीफोन ग्राहक आधार

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image015Z1VC.png

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image016B7QA.png

• भारत में कुल टेलीफोन ग्राहकों  की संख्या जनवरी 2026 के अंत में 1314.00 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 1321.31 मिलियन हो गई, जिससे मासिक वृद्धि दर 0.56% रही। शहरी टेलीफोन सदस्‍यता जनवरी 2026 के अंत में 768.26 मिलियन से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 773.66 मिलियन हो गई, और ग्रामीण टेलीफोन सदस्‍यता इसी अवधि में 545.74 मिलियन से बढ़कर 547.65 मिलियन हो गयी। फरवरी 2026 में शहरी और ग्रामीण टेलीफोन सदस्‍यता की मासिक वृद्धि दर क्रमशः 0.70% और 0.35% रही।

• भारत में समग्र टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 92.22% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 92.66% हो गया। शहरी टेली-घनत्व जनवरी 2026 के अंत में 149.84% से बढ़कर फरवरी 2026 के अंत में 150.68% हुआ और ग्रामीण टेली-घनत्व इसी अवधि में 59.83% से बढ़कर 60.02% हो गया। कुल टेलीफोन ग्राहकों  में शहरी और ग्रामीण ग्राहकों  का हिस्सा फरवरी 2026 के अंत में क्रमशः 58.55% और 41.45% था।

नोट: टेली-घनत्व के आँकड़े निकालते समय एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों को भी शामिल किया गया है।

• फरवरी 2026 के अंत में कुल टेलीफोन सदस्‍यता आधार की संक्षिप्त जानकारी निम्नलिखित है:

फ़रवरी 2026 के अंत में टेलीफोन सदस्‍यता आधार (मिलियन में)

क्र. सं.

टेलीफोन कनेक्‍शन का प्रकार

ग्राहकों  की संख्या

कुल

1.

वायरलेस

उपभोक्‍ता सिम

1,138.82

1,273.31

2.

एम2एम सिम

118.47

3.

एफडब्ल्यूए

16.02

4.

वायरलाइन

47.99

 

5.

कुल

1,321.31

 

• निम्न तालिका फरवरी 2026 के अंत में वायरलेस (मोबाइल) टेलीफोन सदस्‍यता आधार की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करती है:

क्र. सं.

मद

ग्राहकों  की संख्या

1.

एम2एम सेलुलर मोबाइल कनेक्शन सहित वायरलेस (मोबाइल) कनेक्शनों की संख्या*

1257.29

2.

एम2एम सेलुलर मोबाइल कनेक्शनों को छोड़कर वायरलेस (मोबाइल) कनेक्शनों  की संख्या

1138.82

* वायरलेस (मोबाइल) कनेक्शन = उपभोक्‍ता सिम + एम2एम सिम

फरवरी 2026 के अंत में– कुल टेली-घनत्‍व (एलएसए वार)

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image017LEE2.png

• जैसा कि उपरोक्त चार्ट में देखा जा सकता है कि फरवरी 2026 के अंत में नौ एलएसए  का टेली-घनत्व पूरे भारत के औसत टेली-घनत्व से कम है। फरवरी 2026 के अंत में दिल्ली एलएसए का अधिकतम टेली-घनत्व 360.24% और बिहार एलएसए का न्यूनतम टेली-घनत्व 63.13% है।

नोट : -

  1. जनसंख्या के आँकड़े/अनुमान केवल राज्यवार उपलब्ध हैं।
  2. टेली-घनत्व के आँकड़े एक्सेस सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रदान किए गए टेलीफोन ग्राहकों के आँकड़ों और जुलाई 2020 में प्रकाशित ‘भारत और राज्यों के लिए जनसंख्या अनुमानों पर तकनीकी समूह की रिपोर्ट 2011–2036’ के आधार पर लगाए गए जनसंख्या अनुमान के अनुसार तैयार किए गए हैं।
  3. दिल्ली के लिए टेलीफोन ग्राहक डेटा में दिल्ली राज्य का डेटा शामिल होने के साथ-साथ गाजियाबाद और नोएडा (उत्तर प्रदेश) और गुरुग्राम और फरीदाबाद (हरियाणा) के स्थानीय एक्सचेंज द्वारा सेवा क्षेत्रों के वायरलेस ग्राहक डेटा भी शामिल हैं।
  4.  पश्चिम बंगाल के लिए डेटा/सूचना में कोलकाता शामिल है, महाराष्ट्र में मुंबई और उत्तर प्रदेश में यूपीई और यूपीडब्ल्यू सेवा क्षेत्र शामिल हैं।
  5.  आंध्र प्रदेश के लिए डेटा/सूचना में तेलंगाना शामिल है, मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़, बिहार में झारखंड, महाराष्ट्र में गोवा, उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल में सिक्किम और उत्तर-पूर्व में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा राज्य शामिल हैं।
  6.  टेली-घनत्व के आँकड़े निकालते समय एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों को भी शामिल किया गया है।

 

  1. ग्राहक आधार में श्रेणी-वार वृद्धि

फ़रवरी 2026 में टेलीफोन ग्राहकों में सर्कल श्रेणी-वार शुद्ध वृद्धि

सर्कल श्रेणी

फ़रवरी 2026 के महीने में शुद्ध वृद्धि

फ़रवरी 2026 के अंत में टेलीफोन ग्राहक आधार

वायरलाइन खंड

वायरलेस*खंड

वायरलाइन खंड

वायरलेस*खंड

सर्कल ए

199,365

2,013,324

20,445,621

426,617,715

सर्कल बी

70,449

2,552,926

11,753,114

495,971,264

सर्कल सी

66,905

1,993,125

3,638,627

211,275,926

मट्रो

-1,274

411,434

12,156,924

139,446,164

अखिल भारतीय

335,445

6,970,809

47,994,286

1,273,311,069

फ़रवरी 2026 में टेलीफोन ग्राहकों में सर्कल श्रेणी-वार मासिक और वार्षिक वृद्धि दर

 फरवरी 2026 में टेलीफोन उपभोक्ता (ग्राहक)

 

सर्कल श्रेणी

मासिक वृद्धि दर (%) (जनवरी 2026 से फरवरी 2026 तक)

वार्षिक वृद्धि दर (%) (फ़रवरी 2025 से फ़रवरी 2026 तक)

वायरलाइन खंड

वायरलेस*खंड

वायरलाइन खंड

वायरलेस*खंड

सर्कल ए

0.98%

0.47%

40.94%

8.04%

सर्कल बी

0.60%

0.52%

15.95%

4.83%

सर्कल सी

1.87%

0.95%

24.21%

8.79%

मट्रो

-0.01%

0.30%

30.25%

5.67%

अखिल भारतीय

0.70%

0.55%

30.05%

6.63%

 

* वायरलेस सदस्‍यता आधार में वायरलेस मोबाइल टेलीफोन ग्राहक (एम2एम सेल्युलर मोबाइल कनेक्शनों सहित) और एफडब्ल्यूए ग्राहक शामिल हैं।

नोट: सर्कल श्रेणी–मेट्रो में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता शामिल हैं।

• जैसा कि उपरोक्त तालिकाओं में देखा जा सकता है कि फरवरी 2026 में वायरलेस खंड में, मासिक आधार पर, सभी सर्कलों ने अपने ग्राहक आधार में वृद्धि दर्ज की है। वार्षिक आधार पर भी, सभी सर्कलों ने अपने वायरलेस ग्राहक आधार में वृद्धि दर्ज की है।

• वायरलाइन खंड में, फरवरी 2026 में मासिक आधार पर, मेट्रो सर्कलों को छोड़कर सभी सर्कलों ने अपने ग्राहकों में वृद्धि दर्ज की है। वार्षिक आधार पर, सभी सर्कलों ने अपने वायरलाइन ग्राहक आधार में वृद्धि दर्ज की है।

VII सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक (वीएलआर डेटा)

  • कुल 1257.29 मिलियन वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों में से, फरवरी 2026 में पीक वीएलआर की तिथि  को 1177.60 मिलियन वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक सक्रिय थे। सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों का अनुपात कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक आधार का लगभग 93.66% था।
  • फरवरी 2026 में पीक वीएलआर की तिथि  पर सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों (जिन्हें वीएलआर ग्राहक भी कहा जाता है) के अनुपात पर विस्तृत आंकड़े अनुलग्‍नक -III में उपलब्ध हैं और वीएलआर ग्राहक रिपोर्टिंग के लिए प्रयुक्त कार्यविधि अनुलग्‍नक -IV में उपलब्ध है।

फ़रवरी 2026 में शीर्ष चार एक्सेस सेवा प्रदाताओं के वीएलआर ग्राहकों का प्रतिशत

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  • फरवरी 2026 में पीक वीएलआर की तिथि  पर भारती एयरटेल के सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों (वीएलआर) का अपने कुल वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों (एचएलआर) के मुकाबले अधिकतम 99.42% हिस्सा था।

फ़रवरी 2026 में वीएलआर ग्राहकों का सेवा क्षेत्रवार प्रतिशत

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VIII. मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी)

एमएनपी को हरियाणा लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए) में 25.11.2010 से लागू किया गया और शेष पूरे देश में 20.01.2011 से लागू किया गया। प्रारंभ में, यह केवल उसी एलएसए के भीतर उपलब्ध था। 03.07.2015 से पूरे देश में इंटर- एलएसए एमएनपी लागू किया गया, जिससे वायरलेस ग्राहक अपने मोबाइल नंबर को एक एलएसए से दूसरे एलएसए में स्थानांतरित होने पर भी बनाए रख सकते हैं।

• फरवरी 2026 में लगभग 14.47 मिलियन ग्राहकों  ने एमएनपी के लिए अपने अनुरोध जमा किए। कुल अनुरोधों में से, जोन -I और जोन -II से क्रमशः लगभग 8.09 मिलियन और 6.38 मिलियन अनुरोध प्राप्त हुए।

• एमएनपी जोन -I (उत्तरी और पश्चिमी भारत) में सबसे अधिक अनुरोध यूपी(पूर्व) एलएसए (2.09 मिलियन) से प्राप्त हुए, इसके बाद उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एलएसए (1.43 मिलियन) का स्थान है।

• एमएनपी जोन -II (दक्षिणी और पूर्वी भारत) में सबसे अधिक अनुरोध मध्य प्रदेश एलएसए (1.41 मिलियन) से प्राप्त हुए, इसके बाद बिहार एलएसए (1.32 मिलियन) का स्थान है।

लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रवारएमएनपी दर्जा (मिलियन में)

जोन -I

जोन –II

सेवा क्षेत्र

महीने में पोर्टिंग अनुरोधों की संख्या

सेवा क्षेत्र

महीने में पोर्टिंग अनुरोधों की संख्या

जनवरी -26

फरवरी -26

जनवरी -26

फरवरी -26

दिल्ली

0.74

0.65

आंध्र प्रदेश

0.68

0.60

गुजरात

1.09

0.96

असम

0.12

0.11

हरियाणा

0.46

0.43

बिहार

1.44

1.32

हिमाचल प्रदेश

0.06

0.06

कर्नाटक

0.62

0.55

जम्मू और कश्मीर

0.07

0.07

केरल

0.25

0.21

महाराष्ट्र

1.07

0.97

कोलकाता

0.20

0.18

मुंबई

0.27

0.25

मध्य प्रदेश

1.52

1.41

पंजाब

0.39

0.38

पूर्वोत्‍तर

0.03

0.03

राजस्थान

0.90

0.79

ओडिशा

0.25

0.22

उत्तर प्रदेश (पूर्व)

2.33

2.09

तमिलनाडु

0.59

0.56

उत्तर प्रदेश (पश्चिम)

1.59

1.43

पश्चिम बंगाल

1.32

1.19

कुल

8.97

8.09

कुल

7.02

6.38

कुल  (जोन-I + जोन -II)

15.98

14.47

 

किसी भी स्पष्टीकरण के लिए संपर्क का विवरण:

श्री अखिलेश कुमार त्रिवेदी, सलाहकार (एनएसएल -II)

भारतीयदूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई)

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, टॉवर-F,

नौरोजी नगर, नई दिल्ली – 110029

फ़ोन: 011-20907758

ई-मेल: advmn@trai.gov.in

(अरुण अग्रवाल)

प्रमुख सलाहकार (एनएसएल), ट्राई

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नोट: कुछ सेवा प्रदाताओं के कुछ एलएसए में पीक वीएलआर आंकड़े उनके एचएलआर आंकड़ों से अधिक हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में इन-रोमर्स की संख्या अधिक है।

वायरलेस खंड में वीएलआर ग्राहक

होम लोकेशन रजिस्टर (एचएलआर) एक केंद्रीय डेटाबेस है, जिसमें प्रत्येक मोबाइल फोन ग्राहक का विवरण होता है जिसे जीएसएम कोर नेटवर्क उपयोग करने की अनुमति है।  सेवा प्रदाता द्वारा जारी प्रत्येक सिम कार्ड का विवरण एचएलआर में संग्रहीत किया जाता है। प्रत्येक सिम का एक विशिष्‍ट  पहचानकर्ता होता है जिसे इंटरनेशनल मोबाइल ग्राहकआइडेंटिटी (आईएमएसआई) कहा जाता है, जो एचएलआर रिकॉर्ड की प्राथमिक कुंजी होती है। एचएलआर डेटा तब तक संग्रहित रहता है जब तक ग्राहक सेवा प्रदाता के साथ जुड़ा रहता है। एचएलआर ग्राहक की स्थिति को प्रशासनिक क्षेत्रों में अपडेट करके उनकी मोबिलिटी भी प्रबंधित करता है और ग्राहकडेटा को विज़िटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) को भेजता है।

सेवा प्रदाताओं द्वारा रिपोर्ट की गई ग्राहकों की संख्‍या एचएलआर में दर्ज किए गए आईएमएसआई की संख्या और नीचे दिए गए अन्य आंकड़ों के योग के बीच का अंतर होता है: -

 

1

एचएलआर में कुल आईएमएसआई  (ए)

2

कम: (बी = ए + बी + सी + डी + ई)

ए.

परीक्षण/ सेवा कार्ड

बी.

कर्मचारी

सी.

स्टॉक इन हैंड/वितरण चैनलों में (सक्रिय कार्ड)

डी.

सब्सक्राइबर रिटेंशन अवधि समाप्त

ई.

सेवा निलंबित, डिस्कनेक्शन लंबित

3

ग्राहक आधार (ए-बी)

 

विज़िटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) एक अस्थायी डेटाबेस है, जिसमें उन ग्राहकों का विवरण होता है जो किसी विशेष क्षेत्र में रोमिंग कर रहे हैं। नेटवर्क में प्रत्येक बेस स्टेशन केवल एक वीएलआर द्वारा सेवित होता है; इसलिए कोई ग्राहक एक समय में एक से अधिक वीएलआर में उपस्थित नहीं हो सकता।

यदि ग्राहक सक्रिय स्थिति में है, यानी वह कॉल/एसएमएस भेजने या प्राप्त करने में सक्षम है, तो वह एचएलआर और वीएलआर दोनों में उपलब्ध होता है। हालांकि, यह संभव है कि ग्राहक एचएलआर में रजिस्टर्ड हो लेकिन वीएलआर में न हो, क्योंकि हो सकता है कि या तो फोन बंद है, कवरेज क्षेत्र से बाहर चला गया है, या उपलब्ध नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में वह एचएलआर में उपलब्ध होगा लेकिन वीएलआर में नहीं, जिससे एचएलआर के आधार पर सेवा प्रदाताओं द्वारा रिपोर्ट किए गए ग्राहकों की संख्या और वीएलआर में उपलब्ध संख्या में अंतर उत्पन्न होता है। 

यहाँ वीएलआर ग्राहक डेटा उस महीने के पीक वीएलआर ग्राहक संख्या की तिथि  पर वीएलआर में सक्रिय ग्राहकों के आधार पर तैयार किया गया है। यह डेटा उन स्विचेस से लिया जाना चाहिए जिनका पर्ज़ टाइम 72 घंटे से अधिक न हो।

  फिक्स्ड-वायरलेस (5G) ग्राहक आधार

अनुलग्‍नक —V

5जी-फिक्स्ड वायरलेस ग्राहक

टीएसपी का नाम →

भारती एयरटेल

रिलायंस जियो

कुल योग

↓दूरसंचार सेवा क्षेत्र

जनवरी-26

26 फरवरी

जनवरी-26

26 फरवरी

जनवरी-26

26 फरवरी

आंध्र प्रदेश

307,091

320,295

697,291

711,614

1,004,382

1,031,909

असम

69,755

75,909

194,045

198,870

263,800

274,779

बिहार

162,974

179,877

675,014

694,852

837,988

874,729

दिल्ली

162,498

172,406

229,492

230,045

391,990

402,451

गुजरात

187,572

200,188

440,982

447,825

628,554

648,013

हरियाणा

87,455

93,761

228,678

235,091

316,133

328,852

हिमाचल प्रदेश

16,551

17,967

77,368

79,259

93,919

97,226

जम्मू और कश्मीर

60,318

65,573

176,816

179,321

237,134

244,894

कर्नाटक

286,498

303,113

415,141

421,364

701,639

724,477

केरल

63,557

67,595

185,847

189,636

249,404

257,231

कोलकाता

91,655

96,732

162,495

163,902

254,150

260,634

मध्य प्रदेश

151,026

163,684

558,875

573,333

709,901

737,017

महाराष्ट्र

286,745

306,404

618,023

627,224

904,768

933,628

मुंबई

106,945

112,622

108,029

109,622

214,974

222,244

पूर्वोत्‍तर

37,103

39,550

87,943

90,119

125,046

129,669

ओडिशा

76,941

82,347

300,789

309,420

377,730

391,767

पंजाब

158,232

170,756

492,904

502,984

651,136

673,740

राजस्थान

198,995

216,058

462,803

472,615

661,798

688,673

तमिलनाडु

399,648

417,219

381,330

388,299

780,978

805,518

उत्तर प्रदेश (पूर्व)

202,176

222,221

686,198

703,259

888,374

925,480

उत्तर प्रदेश (पश्चिम)

153,936

165,957

528,312

541,636

682,248

707,593

पश्चिम बंगाल

91,766

98,910

459,229

472,145

550,995

571,055

कुल

3,359,437

3,589,144

8,167,604

8,342,435

11,527,041

11,931,579

शुद्ध वृद्धि

 

229,707

 

174,831

 

404,538

मासिक वृद्धि %

 

6.84%

 

2.14%

 

3.51%

 

अनुलग्‍नक- VI

फिक्स्ड-वायरलेस (यूबीआर) ग्राहकों का आधार

यूबीआर- फिक्स्ड वायरलेस ग्राहक

टीएसपी का नाम →

रिलायंस जियो

↓दूरसंचार सेवा क्षेत्र

जनवरी-26

26 फरवरी

आंध्र प्रदेश

317,471

334,154

असम

32,210

34,095

बिहार

268,491

279,543

दिल्ली

268,957

282,343

गुजरात

268,256

279,451

हरियाणा

174,604

180,379

हिमाचल प्रदेश

10,223

10,660

जम्मू और कश्मीर

75,584

77,705

कर्नाटक

239,649

251,523

केरल

9,456

9,897

कोलकाता

172,406

181,892

मध्य प्रदेश

231,866

241,754

महाराष्ट्र

322,967

335,594

मुंबई

55,920

58,526

पूर्वोत्‍तर

13,570

14,341

ओडिशा

51,163

54,079

पंजाब

229,817

238,728

राजस्थान

278,238

288,428

तमिलनाडु

165,797

173,472

उत्तर प्रदेश (पूर्वी)

270,998

280,254

उत्तर प्रदेश (पश्चिम)

342,087

354,486

पश्चिम बंगाल

119,490

124,782

कुल

3,919,220

4,086,086

शुद्ध वृद्धि

 

166,866

मासिक वृद्धि %

 

4.26%

 

*केवल रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड ने ही यूबीआर एफडब्ल्यूए ग्राहकों की संख्या के बारे में जानकारी दी है।

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पीके/केसी/आरके


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