खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजनाएं मजबूत बुनियादी ढांचे और किसानों को लाभ प्रदान करते हुए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वृद्धि सुनिश्चित करती हैं
सरकार की पहल से पीएमकेएसवाई, पीएलआईएसएफपीआई और पीएमएफएमई योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिला
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू की गई है
प्रविष्टि तिथि:
02 APR 2026 5:13PM by PIB Delhi
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देने और सुगम बनाने के लिए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय अपनी दो केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं, प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन से जुडी प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई) के माध्यम से संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना/विस्तार को प्रोत्साहित कर रहा है। इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा एक केंद्र प्रायोजित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिककरण (पीएमएफएमई) योजना भी कार्यान्वित की जा रही है। ये तीनों योजनाएं मांग-आधारित हैं और पूरे देश में लागू की जा रही हैं।
पीएमकेएसवाई के तहत, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के लिए उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना 2025-26 तक लागू रहेगी और वित्त आयोग के 15वें चक्र के लिए इसका कुल परिव्यय 6520 करोड़ रुपये है। खाद्य एवं खाद्य एवं खाद्य एवं खाद्य एवं खाद्य मंत्रालय ने इस योजना के तहत 31.12.2025 तक देशभर में 1607 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
पीएलआईएसएफपीआई का उद्देश्य वैश्विक खाद्य विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों का निर्माण करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय खाद्य उत्पादों के ब्रांडों को बढ़ावा देना है। यह योजना 2021-22 से 2026-27 तक 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू है। खाद्य एवं खाद्य मंत्रालय ने इस योजना के तहत 31.12.2025 तक देशभर से 170 प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
पीएमएफएमई योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की स्थापना/उन्नयन के लिए वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना 2025-26 तक 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू है। इस योजना के तहत 31.12.2025 तक देशभर में 1,72,707 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सहायता के लिए मंजूरी दी जा चुकी है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित योजनाओं का उद्देश्य खेत से लेकर खुदरा बिक्री तक कुशल आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, जिसमें भंडारण, परिवहन, मूल्यवर्धन आदि शामिल हैं। इससे किसानों को बेहतर लाभ प्राप्त करने, कृषि उपज की बर्बादी को कम करने, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाने में मदद मिलती है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेएस/केके
(रिलीज़ आईडी: 2248575)
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