कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री श्री जयंत चौधरी कल एनसीवीईटी के पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं के लिए क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे

प्रविष्टि तिथि: 06 APR 2026 5:40PM by PIB Delhi

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद 7 अप्रैल, 2026 को कौशल भवन, नई दिल्ली में पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं (एबी) के लिए एक दिवसीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन करेगी।

इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यान्वयन प्रणालियों में सुधार करके, नियामक संरचनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाकर और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ तालमेल को बढ़ावा देकर कौशल विकास इको-सिस्टम को मजबूत करना है।

इस कार्यशाला का उद्देश्य पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं के सामने आने वाली प्रमुख संचालन और कार्यान्वयन संबंधी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने में सहायता करना है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना, एनसीवीईटी के नियामक ढांचे और दिशा-निर्देशों की समझ को बढ़ाना और एनक्यूआर, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी), एसआईडीएच, डिजिलॉकर और कौशलवर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने को बढ़ावा देना है।

इस कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी, मंत्रालय की सचिव और एनसीवीईटी की अध्यक्ष श्रीमती देबाश्री मुखर्जी, एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्य प्रोफेसर (डॉ.) अशोक कुमार गाबा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और एनसीवीईटी के वरिष्ठ अधिकारी, पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं के प्रतिनिधि और कौशल एवं शिक्षा इको-सिस्टम के हितधारक भी उपस्थित रहेंगे।

श्री जयंत चौधरी द्वारा एनसीवीईटी के रोजगार कौशल मॉड्यूल का अनावरण और एनसीवीईटी के द्विवार्षिक न्यूजलेटर के विमोचन सत्र के साथ कार्यशाला का शुभारंभ होगा। तकनीकी सत्रों में एनसीवीईटी के नियामक ढांचे और संबंधित कार्यों पर प्रस्तुतियों के माध्यम से एनएसक्यूएफ के संयोजन और कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने सहित प्रमुख विषयगत क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं द्वारा सर्वोत्तम प्रणालियों और चुनौतियों को साझा किया जाएगा। डिजिटल एकीकरण पर एक विशेष सत्र में कौशलवर्स पोर्टल, एसआईडीएच पोर्टल और अकादमिक क्रेडिट बैंक पर प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जो कुशल और पारदर्शी कौशल विकास प्रणालियों को सक्षम बनाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालेंगी।

इस कार्यक्रम में कौशल विकास संबंधी पहलों के समन्वय पर एक पैनल चर्चा भी शामिल होगी, जिसमें सरकारी योजनाओं और सामान्य शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (वीईटी) को सुदृढ़ करने में पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आगामी सत्रों में पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं के संचालन से जुड़े प्रशिक्षण, मूल्यांकन और निगरानी पर चर्चा की जाएगी, जिसमें कौशल विकास के इको-सिस्टम में एनसीवीईटी की निगरानी प्रणाली भी शामिल है। विस्तृत कार्यक्रम में यूजीसी, सीबीएसई और डीजीटी जैसे संस्थानों के प्रमुख पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं और विशेषज्ञों के साथ प्रस्तुतियां और संवाद शामिल हैं।

इस कार्यशाला से एनसीवीईटी की नियामक अपेक्षाओं के संबंध में पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं के बीच स्पष्टता बढ़ने, योग्यता विकास, वितरण, मूल्यांकन और प्रमाणन में एकरूपता को बढ़ावा मिलने और सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करने के कार्यों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे संचालन संबंधी उन चुनौतियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी जिनका समाधान आवश्यक है और पारदर्शिता, समन्वय तथा दक्षता में सुधार के लिए डिजिटल उपकरणों को अपनाने पर जोर दिया जा सकेगा। यह पहल भारत में एक मजबूत, उद्योग-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण प्रणाली के निर्माण के प्रति एनसीवीईटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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पीके/केसी/एसकेएस/केके


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