सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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वर्ष 2022-23 आधार वर्ष पर सकल राज्य मूल्यवर्धन अनुमानों और जिला घरेलू उत्पाद अनुमानों के संकलन के लिए एकसमान मसौदा दिशानिर्देश जारी

प्रविष्टि तिथि: 07 APR 2026 4:03PM by PIB Delhi

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना को अधिक सटीक रूप से प्रतिबिंबित करना, अद्यतन डेटा स्रोतों को शामिल करना और अनुमान पद्धतियों को विकसित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए राष्ट्रीय लेखा के आधार वर्ष को 2022-23 में संशोधित किया है। राष्ट्रीय स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुरूप, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के आधार वर्ष को भी संशोधित किया जाएगा ताकि समय के साथ उनके आर्थिक प्रदर्शन का अधिक सटीक, सुसंगत और तुलनीय अनुमान मिल सके।

राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी संबंधी सलाहकार समिति - एसीएनएएस के तहत, आईआईएम अहमदाबाद  के (सेवानिवृत्त) प्रोफेसर रविंद्र एच. ढोलकिया की अध्यक्षता में क्षेत्रीय लेखा उप-समिति गठित की गई है। राज्य सरकारों, शोध संस्थानों, भारतीय रिजर्व बैंक, शिक्षाविद और नीति आयोग के प्रतिनिधि इसके सदस्य हैं। समिति का उद्देश्य राज्य घरेलू उत्पाद (एसडीपी) और जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) के संकलन के लिए अवधारणाओं, कार्यप्रणाली और नए डेटा स्रोतों की समीक्षा करना है।

राज्य के घरेलू उत्पाद (एसडीपी) के प्रमुख केंद्रित क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • अनुमानों की व्यापकता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए प्रशासनिक अभिलेखों, क्षेत्र-विशिष्ट डेटाबेस और सर्वेक्षण-आधारित इनपुट सहित नए डेटा स्रोतों की पहचान और एकीकरण।
  • उभरते क्षेत्रों, विशेषकर सेवाओं और गैर-निगमित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र के स्वरूप को भलीभांति समझने के लिए अनुमान तकनीकों में सुधार करना।
  • राष्ट्रीय समग्र आंकड़ों के साथ संरेखण और तुलनीयता के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय खातों के बीच प्रणालीगत संगति सुनिश्चित करना।
  • वैज्ञानिक व्युत्पन्न संकेतकों और प्रतिरूपों के उपयोग द्वारा राज्य-स्तरीय अनुमानों को जिलों में आवंटित करने के लिए, डेटा, प्रक्रिया या विश्लेषण की बारीकियों, सूक्ष्मता या विवरण के स्तर को बढ़ाना और क्षेत्रीय वितरण विधियों में सुधार।
  • क्षेत्रीय लेखा सांख्यिकी में एकरूपता, पारदर्शिता और तुलनीयता को बढ़ावा देने के लिए राज्यों में संकलन प्रथाओं का मानकीकरण।

इसके अतिरिक्त, जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) संकलन हेतु व्यापक समान मसौदा दिशानिर्देश भी तैयार किए गए हैं। ये दिशानिर्देश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मानकीकृत अवधारणाओं, परिभाषाओं, डेटा स्रोतों और अनुमान प्रक्रियाओं के उपयोग द्वारा जिला-स्तरीय अनुमान संकलित करने के लिए संरचित रूपरेखा प्रदान करते हैं, जिससे जिलों और राज्यों में एकरूपता, विश्वसनीयता और तुलनीयता सुनिश्चित होती है।

व्यापक प्रसार और हितधारकों के विचार प्राप्त करने के लिए 27 अप्रैल, 2026 तक सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in/product/more/6-Documents) पर मसौदा दिशानिर्देश उपलब्ध है।

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पीके/केसी/एकेवी/एसके


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