कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के स्कूली बच्चों से बातचीत की, जम्मू-कश्मीर के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गहरी संवेदनशीलता को रेखांकित किया

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पिछला एक दशक जम्मू-कश्मीर के लिए परिवर्तन का दशक रहा है, जिसमें युवाओं के लिए नए अवसर सामने आए हैं

डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवा मस्तिष्क की आकांक्षाओं और अवसरों के बारे में बात की

जम्मू-कश्मीर के युवा आने वाले वर्षों में भारत की विकास गाथा के पथ-प्रदर्शक बन सकते हैं

प्रविष्टि तिथि: 09 APR 2026 8:31PM by PIB Delhi

जम्मू-कश्मीर के स्कूली बच्चों के एक समूह के साथ बातचीत करते हुए, जो वर्तमान में "वतन को जानो" कार्यक्रम के तहत दिल्ली में हैं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के प्रति लगातार उच्च स्तर की संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली दिवाली कश्मीर घाटी में बाढ़ पीड़ितों के साथ मनाई थी, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों और युवाओं के प्रति उनकी गहरी चिंता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केन्द्रीय मंत्री डॉ. सिंह ने आगे कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों को पिछले एक दशक में हुए विकास को देखने तथा देश के विविध सामाजिक-सांस्कृतिक और विकासात्मक परिदृश्य का अनुभव प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति एनक्लेव में गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत के दौरान, "वतन को जानो कार्यक्रम 2026" में भाग ले रहे जम्मू-कश्मीर के 251 युवाओं और बच्चों के एक समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर, भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और गृह मंत्रालय के जम्मू, कश्मीर और लद्दाख मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री प्रशांत लोखंडे भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि "वतन को जानो" जैसी पहलें देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराकर युवा मस्तिष्कों को मूल्यवान अनुभव प्रदान करती हैं और राष्ट्र के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को सुदृढ़ बनाती हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत हर वर्ष जम्मू-कश्मीर से हजारों बच्चे देश के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं, जिससे उन्हें नए अनुभव प्राप्त होते हैं और उनका दृष्टिकोण व्यापक होता है।

केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि युवा देश के भविष्य के पथ-प्रदर्शक हैं और विकसित भारत के विजन को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चे राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान देंगे और एकता तथा राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को आगे बढ़ाएंगे।

जम्मू-कश्मीर के बदलते परिदृश्य का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, बुनियादी ढांचे और समग्र विकास सहित अनेक क्षेत्रों में सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध हैं और वे सिविल सेवा, उच्च शिक्षा तथा कॉर्पोरेट क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उनकी बढ़ती आकांक्षाओं और क्षमताओं को दर्शाता है।

छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उनके पास ऐसी जानकारी, अवसर और ऐसे मंच उपलब्ध हैं, जो उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने उन्हें इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने, अपनी आकांक्षाओं पर केंद्रित रहने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का आग्रह किया।

मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि "वतन को जानो" जैसे कार्यक्रम "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे बच्चों को देश की विविधता का अनुभव करने के साथ-साथ उसे एकजुट रखने वाली मूलभूत एकता का भी एहसास होता है।

गृह मंत्रालय द्वारा विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से आयोजित "वतन को जानो" कार्यक्रम का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के युवाओं और बच्चों, विशेषकर कमजोर वर्गों से आने वाले बच्चों को देशभर में शैक्षिक और सांस्कृतिक भ्रमण के माध्यम से अनुभव प्रदान करना है। वर्तमान समूह में कुल 251 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 87 लड़कियां और 164 लड़के हैं। उनके साथ समन्वयक और देखभाल करने वाले भी हैं। यह 1 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक चलने वाले 12-दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा है।

अपने दौरे के दौरान बच्चे लखनऊ और दिल्ली जैसे शहरों में विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख स्थानों का भ्रमण कर रहे हैं तथा गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत कर उनसे अनुभव और प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में संवाद सत्र, छात्रों द्वारा अनुभव साझा करना तथा गणमान्य व्यक्तियों के संबोधन भी शामिल थे, जिससे सार्थक सहभागिता और सीखने के लिए एक मंच उपलब्ध हुआ।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंत में छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह अनुभव उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा, उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा और साथ ही, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करेगा।

 

 

 

 

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पीके/केसी/पीकेपी


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