युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
'माई भारत बजट क्वेस्ट 2026' का 17 जोन में भव्य समापन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के लिए अपने संदेश में कहा कि 'बजट क्वेस्ट' जैसे मंच युवाओं की क्षमताओं को बढ़ाते हैं
"युवाओं को 'राष्ट्र प्रथम' और 'कर्तव्य' की भावना के साथ लोकतंत्र को मजबूत करने में नेतृत्व करना चाहिए": डॉ. मनसुख मांडविया
'नारी शक्ति युवा संसद' में 7,000 से अधिक युवतियों ने लोकतांत्रिक संवाद का नेतृत्व किया
प्रविष्टि तिथि:
13 APR 2026 8:48PM by PIB Delhi
नीति-निर्माण में युवाओं की भागीदारी को गहरा करने के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में शुरू किया गया माई भारत बजट क्वेस्ट 2026 (MY Bharat Budget Quest 2026) एक राष्ट्रीय मंच के तौर पर परिकल्पित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवा नागरिकों को शासन प्रक्रियाओं और केंद्रीय बजट से जोड़ना है। इस पहल को 'विकसित भारत युवा नेता संवाद' (वीबीवाईएलडी) 2026 की परामर्श-आधारित भावना से प्रेरणा मिली है, जहां युवाओं की आवाजों ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में सार्थक योगदान दिया और उनके कई विचार केंद्रीय बजट 2026 में भी परिलक्षित हुए। इसी नींव पर आगे बढ़ते हुए, बजट क्वेस्ट (Budget Quest) युवाओं की आकांक्षाओं को नीतिगत विमर्श में शामिल करने के लिए एक सुव्यवस्थित तंत्र के रूप में उभरा है।
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इस राष्ट्रव्यापी पहल के एक हिस्से के तौर पर, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने 'मेरा युवा भारत' (माई भारत) के माध्यम से 12 अप्रैल 2026 को 'नारी शक्ति युवा संसद' का आयोजन किया। यह आयोजन देश भर के 17 जोनों में संपन्न हुआ, जो 'बजट क्वेस्ट' यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। "नारी शक्ति: विकसित भारत की आवाज, समावेशी लोकतंत्र को मजबूत बनाना" विषय पर आधारित इस पहल ने 7,000 से अधिक युवतियों को लोकतांत्रिक भागीदारी और नीतिगत संवाद के एक अभूतपूर्व अभ्यास के लिए एक मंच पर एकजुट किया।
पूरे देश में फैली इस युवा संसद का आयोजन मुंबई, अमरावती, बेंगलुरु, भोपाल, रायपुर, भुवनेश्वर, हिसार, दिल्ली, चंडीगढ़, शिलांग, अहमदाबाद, हैदराबाद, जयपुर, रांची, लखनऊ, पटना और श्रीनगर में एक साथ किया गया। यह आयोजन इस कार्यक्रम के व्यापक विस्तार, विविधता और समावेशिता को दर्शाता है। विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों ने संसदीय शैली की व्यवस्थित चर्चाओं में भाग लिया और इस दौरान उन्होंने अपने सुविज्ञ दृष्टिकोण तथा 'जनभागीदारी' के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया।
बजट क्वेस्ट 2026 के उद्देश्यों के अनुरूप, सभी जोनों में मानव पूंजी विकास, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, भविष्य की अर्थव्यवस्था, महिला-नेतृत्व वाला विकास और सतत विकास जैसे प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ सार्थक रूप से जुड़ने का अवसर मिला।
इन चर्चाओं का एक प्रमुख परिणाम सभी 17 जोनों में एक औपचारिक प्रस्ताव को अपनाना था, जिसमें सामूहिक रूप से संविधान (संशोधन) विधेयक, 2026 का समर्थन किया गया। इस विधेयक में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' को 2029 के आम चुनावों से समय पर लागू करने पर भी जोर दिया गया और साथ ही यह भी वकालत की गई कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की प्रभावी और तत्काल प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए, इसके कार्यान्वयन को परिसीमन संबंधी बाधाओं से अलग रखा जाए।
सभी जोनों में हुई गतिविधियों में राष्ट्र-निर्माण की एक मजबूत भावना झलक रही थी। इनकी शुरुआत स्वामी विवेकानंद को ‘माल्यार्पण’ से हुई, जो युवाओं के नेतृत्व में होने वाले बदलाव के उनके दृष्टिकोण से मिली प्रेरणा का प्रतीक था; और फिर “वंदे मातरम” के सामूहिक गायन के साथ यह भावना और भी मुखर हो उठी, जिसने एकता और राष्ट्रीय गौरव को और भी सुदृढ़ किया।
कई गणमान्य व्यक्तियों ने इन कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाई, जिनमें विभिन्न राज्यों के माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जन-प्रतिनिधि शामिल थे। इन सभी ने भारत की विकास यात्रा में ‘नारी शक्ति’ द्वारा निभाई जा रही उस परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें वे नेताओं और निर्णय-निर्माताओं के रूप में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं।

इस पहल के महत्व को और मजबूत करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर दिए गए अपने संदेश में युवाओं की व्यापक भागीदारी की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के संवाद युवा प्रतिभाओं की रचनात्मक क्षमता को उजागर करते हैं और सहभागी शासन को मजबूत बनाते हैं, साथ ही भारत के भविष्य के विकास पथ को भी आकार देते हैं।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं को केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि 'राष्ट्र प्रथम' और 'कर्तव्य' की भावना ही उनके कार्यों का मार्गदर्शन होनी चाहिए। माननीय प्रधानमंत्री के 'पंच प्रण' के दृष्टिकोण को दोहराते हुए, उन्होंने युवा नागरिकों से आह्वान किया कि वे 'विकसित भारत' के संकल्प को सक्रिय रूप से जिएं और उसे अपने आचरण में उतारें; साथ ही, अपनी जागरूक भागीदारी और जिम्मेदार नेतृत्व के माध्यम से अपने सपनों के भारत का निर्माण करें।
युवाओं को जोड़ने के भविष्य के रोडमैप पर रोशनी डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि 'विकसित भारत युवा नेता संवाद' (वीबीवाईएलडी) इस साल से एक विकेंद्रीकृत स्वरूप अपनाएगा। इसकी शुरुआत राज्य-स्तरीय संस्करणों और क्विज से होगी, जिसमें जीतने वाले प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ेंगे। यह पहले के केंद्रीकृत स्वरूप से एक बदलाव है, जिससे पूरे देश में युवाओं की व्यापक भागीदारी और जमीनी स्तर पर गहरी जुड़ाव संभव हो सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी पहलें केवल संवाद के मंच ही नहीं हैं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों की एक ऐसी पीढ़ी को तैयार करने के साधन हैं जो शासन और राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देती है।
इस राष्ट्रव्यापी नीतिगत जुड़ाव के पूरक के तौर पर, मंत्रालय ने कई जगहों पर “रविवार को साइकिल” ( Sundays on Cycle) का भी आयोजन किया। इसके जरिए पर्यावरण जागरूकता, फिटनेस और टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा दिया गया और इस तरह युवाओं को संगठित करने का एक समग्र मॉडल पेश किया गया।
17 जोन में 'नारी शक्ति युवा संसद' का सफल समापन, माई भारत की उस संस्थागत क्षमता का प्रमाण है जिसके तहत वह बड़े पैमाने पर युवाओं को संगठित कर सकता है और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर सार्थक जुड़ाव में बदल सकता है।
जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत @2047' के विजन की ओर आगे बढ़ रहा है, यह पहल एक ऐसी पीढ़ी के उदय को दर्शाती है जो जागरूक, मुखर और कर्मठ है; एक ऐसी पीढ़ी जहां 'नारी शक्ति' न केवल शासन-प्रशासन में हिस्सा ले रही है, बल्कि देश के भविष्य को सक्रिय रूप से आकार भी दे रही है।
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पीके/केसी/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2251742)
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