पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता


पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के बीच, सरकार समन्वित नीतिगत पहलों द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को समुचित सहायता सुनिश्चित करने हेतु संकल्पबद्ध है

फरवरी-मार्च के दौरान ₹92,000 करोड़ मूल्य की 5.27 लाख से अधिक गारंटियों को मंजूरी दी गई, यह इस क्षेत्र के लिए मजबूत संस्थागत समर्थन को प्रदर्शित करता है

पीएसयू तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा ऑटो एलपीजी की औसत बिक्री फरवरी 2026 के 177 एमटी/दिन से बढ़कर अप्रैल 2026 (14 अप्रैल तक) में 282 एमटी/दिन हो गई है

34,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in पोर्टल के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए

प्रवर्तन कार्रवाई जारी, कल 2,100 से अधिक छापेमारी की गई और लगभग 450 सिलेंडर जब्त किए गए

डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम ने 6,449 कॉल पर त्वरित कार्रवाई की, सक्रिय होने के बाद से अब तक 13,443 से अधिक कॉल अटेंड की गईं

भारत की कूटनीतिक सक्रियता और राजनयिक संपर्कों का सिलसिला जारी, प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और वहां निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया

भारतीय नाविकों के हित और कल्याण को उच्च प्राथमिकता, विदेश स्थित दूतावासों द्वारा नाविकों को हर संभव सहायता, परिजनों से संवाद और उनकी सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी

प्रविष्टि तिथि: 15 APR 2026 6:21PM by PIB Delhi

पश्चिम एशिया में लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच मीडिया को जागरूक और सूचित रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, भारत सरकार ने आज नेशनल मीडिया सेंटर में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने ईंधन की उपलब्धता, समुद्री परिचालन, इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए किए जा रहे उपायों पर नवीनतम जानकारी साझा की। इसके साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने भी एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण अपडेट और इस संकट के दौरान छोटे उद्योगों को दिए जा रहे समर्थन का विवरण साझा किया।

एमएसएमई क्षेत्र के नवीनतम अपडेट

  • फरवरी-मार्च 2026 के दौरान उद्यम पोर्टल पर 20 लाख से अधिक नए एमएसएमई पंजीकृत हुए, जिससे पंजीकृत उद्यमों की कुल संख्या 8 करोड़ से अधिक हो गई है, जो देश भर में निरंतर उद्यमिता गतिविधियों को दर्शाता है।
  • एमएसएमई को दिया गया कुल बकाया ऋण ₹36.7 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जिसमें 23.5 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि दर्ज की गई है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद बेहतर ऋण प्रवाह का संकेत है।
  • वित्त तक पहुँच बढ़ाने के लिए एक बड़े कदम के रूप में, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए बिना गारंटी ऋण की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है। इससे छोटे उद्यमियों और पहली बार ऋण लेने वालों को लाभ होगा।
  • फरवरी-मार्च के दौरान ₹92,000 करोड़ मूल्य की 5.27 लाख से अधिक गारंटियों को मंजूरी दी गई, जो इस क्षेत्र के लिए मजबूत संस्थागत समर्थन को प्रदर्शित करता है।
  • नकदी उपायों पर, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम प्लेटफॉर्म ने महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जिसमें इनवॉइस डिस्काउंटिंग 2022 के ₹4,300 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹7 लाख करोड़ से अधिक हो गई है, जिसमें अकेले फरवरी-मार्च में ₹85,000 करोड़ शामिल हैं। यह डिजिटल वित्तपोषण समाधानों को तेजी से अपनाए जाने को रेखांकित करता है।
  • सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति सहित उभरती वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में, समन्वित नीतिगत उपायों के माध्यम से एमएसएमई को पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • एमएसएमई मंत्रालय इस क्षेत्र की मजबूती, प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास को सशक्त बनाने के लिए हितधारकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर नवीनतम जानकारी साझा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे उपायों को रेखांकित किया गया। इसमें यह उल्लेख किया गया कि:

सार्वजनिक परामर्श और नागरिक जागरूकता

  • नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के अनावश्यक भंडारण से बचें, क्योंकि सरकार इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
  • अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
  • एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
  • नागरिकों को पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • वर्तमान स्थिति के दौरान सभी नागरिकों से अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण करने का आग्रह किया जाता है।

सरकार की कार्ययोजना और सुचारू आपूर्ति के उपाय

  • मौजूदा जियो पॉलिटिकल स्थिति के बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।
  • वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी वरीयता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की आपूर्ति को 2 और 3 मार्च 2026 की औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुना कर दिया गया है।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई तर्कसंगत पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, बुकिंग अंतराल को शहरी क्षेत्रों में 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
  • कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरैनी कोलियरीज को निर्देश दिया है कि वे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करें।
  • राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करें।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वित प्रयास और संस्थागत तंत्र

  • राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी करने और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सशक्त बनाया गया है।
  • पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और नियमन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को प्राथमिक भूमिका निभानी है। भारत सरकार ने विभिन्न पत्रों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इसी बात को दोहराया है।
  • भारत सरकार ने 27.03.2026 और 02.04.2026 के अपने पत्रों के माध्यम से नागरिकों को ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता के प्रति आश्वस्त करने के लिए सक्रिय जन-संवाद की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी संदर्भ में, 02.04.2026 (सचिव, एमओपीएनजी की अध्यक्षता में) और 06.04.2026 (सचिव, एमओपीएनजी के साथ सूचना एवं प्रसारण और उपभोक्ता मामलों के सचिवों की अध्यक्षता में) बैठकें बुलाई गईं, जिनमें निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया:
  • दैनिक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करना और नियमित रूप से सार्वजनिक परामर्श जारी करना।
  • सोशल मीडिया पर फ़ेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों की सक्रियता से निगरानी करना और उनका खंडन करना।
  • जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय में छापेमारी और निरीक्षण जारी रखना।
  • अपने संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त केरोसिन के लिए आवंटन आदेश जारी करना।
  • पीएनजी अपनाने और वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • एलपीजी आपूर्ति, विशेष रूप से घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देना और आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों का लक्षित वितरण अपनाना।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियों का गठन किया है।
  • वर्तमान में, कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग जारी कर रहे हैं।

प्रवर्तन और निरंतर निगरानी की कार्यवाही

  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए देश भर में प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर जारी है। 14.04.2026 को देश भर में 2100 से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 450 सिलेंडर जब्त किए गए।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं और कल तक 237 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है तथा 58 एलपीजी वितरकों को निलंबित कर दिया है।

एलपीजी आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को बढ़ाकर संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आवंटन शामिल है।
  • भारत सरकार ने 06.04.2026 के पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरण के लिए उपलब्ध 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को, 2-3 मार्च 2026 के दौरान की गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुना किया जा रहा है। यह 21.03.2026 के पत्र में उल्लिखित 20 प्रतिशत की सीमा से अतिरिक्त होगा। ये 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकारों के पास उपलब्ध होंगे, जिन्हें तेल विपणन कंपनियों की सहायता से केवल उनके राज्य के प्रवासी श्रमिकों को ही आपूर्ति किया जाएगा।
  • 3 अप्रैल 2026 से, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों के लिए 5000 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 57,800 से अधिक सिलेंडरों की बिक्री की गई। कल, 583 शिविरों के माध्यम से 8575 एफटीएल (5 किलोग्राम) सिलेंडर बेचे गए।
  • 23 मार्च 2026 से अब तक 14.6 लाख से अधिक 5-किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है।
  • आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति वाणिज्यिक एलपीजी वितरण की योजना बनाने के लिए राज्य अधिकारियों और उद्योग निकायों के साथ समन्वय कर रही है।
  • 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 1,34,226 एमटी (जो 19 किलोग्राम वाले 70.64 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई है। इसमें 8000 एमटी से अधिक ऑटो एलपीजी शामिल है।
  • फरवरी 2026 के दौरान औसत 177 एमटी/दिन की तुलना में, अप्रैल 2026 (14.04.26 तक) में पीएसयू ओएमसी द्वारा ऑटो एलपीजी की औसत बिक्री लगभग 282 एमटी/दिन रही है।

प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और पीएनजी नेटवर्क विस्तार के प्रयास

  • घरेलू पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • उर्वरक संयंत्रों को कुल गैस आवंटन बढ़ाकर उनकी छह महीने की औसत खपत का लगभग 95 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • इसके अतिरिक्त, सीजीडी नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति सहित अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक कर दी गई है।
  • वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, सीजीडी संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी भौगोलिक क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें।
  • आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियाँ घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शनों के लिए प्रोत्साहन दे रही हैं।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से अनुरोध किया गया है कि वे सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक अनुमोदनों में तेजी लाएं।
  • भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहायता करें।
  • 21 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पीएनजी विस्तार सुधारों से जुड़ा अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त कर रहे हैं।
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 24.03.26 के पत्र के माध्यम से एक विशेष कदम के रूप में 3 महीने के लिए कम समय सीमा के साथ सीजीडी बुनियादी ढांचे के लिए त्वरित अनुमोदन ढांचा अपनाया है, ताकि सीजीडी बुनियादी ढांचे से संबंधित आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।
  • भारत सरकार ने 24.03.2026 के राजपत्र के माध्यम से आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं को बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार के माध्यम से) आदेश, 2026' अधिसूचित किया है। यह आदेश देशभर में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा प्रदान करता है, जिससे अनुमोदन और भूमि तक पहुंच में होने वाली देरी दूर होगी और आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास संभव होगा। इससे पीएनजी नेटवर्क के विकास में तेजी आने, 'लास्ट-माइल' कनेक्टिविटी बढ़ने और स्वच्छ ईंधन की ओर परिवर्तन को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की गैस-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • पीएनजीआरबी ने सीजीडी संस्थाओं को घरेलू पीएनजी कनेक्शनों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीएनजी विस्तार की गति बनाए रखने के लिए 'नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0' को 30.06.2026 तक बढ़ा दिया गया है।
  • एक स्वच्छ, अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को प्रोत्साहित करने के लिए, भारत सरकार ने एक 'मॉडल ड्राफ्ट स्टेट सीबीजी पॉलिसी' विकसित की है। इस मॉडल नीति का उद्देश्य राज्यों को सीबीजी विकास के लिए अपना निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख इकोसिस्टम बनाने में सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक और लचीले मार्गदर्शक ढांचे के रूप में कार्य करना है। जो राज्य इसे चुनेंगे, उन्हें वाणिज्यिक एलपीजी के अगले अतिरिक्त आवंटन के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
  • मार्च 2026 से अब तक, लगभग 4.5 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है और लगभग 5 लाख अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
  • आज की तिथि तक, 34,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।

कच्चे तेल की उपलब्धता और रिफाइनरियों की परिचालन स्थिति

  • सभी रिफाइनरियां कच्चे तेल के पर्याप्त भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है।
  • घरेलू खपत को समर्थन देने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी के उत्पादन में वृद्धि की गई है।
  • घरेलू बाजार के लिए पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह का गठन किया गया है। इसके बाद, भारत सरकार ने 01.04.2026 के आदेश के माध्यम से तेल रिफाइनरी कंपनियों और पेट्रोकेमिकल परिसरों को सी3 और सी4 स्ट्रीम की कुछ न्यूनतम मात्रा महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी है, जैसा कि सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी द्वारा निर्धारित किया गया है।
  • औषध विभाग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग और उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर, फार्मा और रसायन क्षेत्र की कंपनियों के लिए एलपीजी पूल से 1000 एमटी/दिन का प्रावधान किया गया है।
  • 9 अप्रैल 2026 से अब तक लगभग 1800 एमटी प्रोपलीन की बिक्री की जा चुकी है।

ईंधन की खुदरा उपलब्धता और कीमतों पर नियंत्रण हेतु उठाए गए कदम

  • देश भर के रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
  • मध्य पूर्व के संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। हालाँकि, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की है।
  • भारत सरकार ने 11.04.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से घरेलू बाजार में उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, डीजल पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर ₹55.50 प्रति लीटर और एटीएफ पर ₹42 प्रति लीटर कर दी है।
  • पेट्रोल और डीजल की नियमित खुदरा कीमतें अपरिवर्तित हैं और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स पर कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।

केरोसिन की उपलब्धता और वितरण के उपाय

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 केएल केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन प्रदान किया गया है।
  • 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने किसी भी आवश्यकता न होने का संकेत दिया है।

समुद्री सुरक्षा और शिपिंग परिचालन

फारस की खाड़ी की वर्तमान समुद्री स्थिति और भारतीय जहाजों एवं चालक दल की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। यह बताया गया कि:

  • मंत्रालय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय जारी रखे हुए है।
  • ईस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना नहीं मिली है।
  • डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम ने सक्रिय होने के बाद से अब तक कुल 13,443 से अधिक कॉल और पिछले 24 घंटों में 157 कॉल एवं 215 ईमेल हैंडल किए हैं।
  • डीजी शिपिंग ने अब तक 2,337 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी की सुविधा प्रदान की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से लौटे 75 नाविक शामिल हैं।
  • पूरे भारत में बंदरगाहों का संचालन सामान्य बना हुआ है और कहीं से भी भीड़भाड़ की कोई खबर नहीं है।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

ब्रीफिंग के दौरान भारतीय मिशनों के माध्यम से सहायता सहित क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों की जानकारी साझा की गई। यह सूचित किया गया कि:

  • पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में भारत अपनी सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी जारी रखे हुए है।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन कॉल आया, दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में हमारी 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।
  • विदेश मंत्री ने इज़राइल के विदेश मंत्री से बात की और पश्चिम एशिया में संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
  • उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री से भी बात की, जहाँ दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर अपने विचार साझा किए।
  • आज, ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों पर चर्चा करने के लिए जापान द्वारा आयोजित 'एजेडईसी-प्लस' बैठक में विदेश मंत्री ने भाग लिया। उन्होंने समुद्री जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक विकास के लिए यह आवश्यक है कि ऊर्जा बाजार सीमित न हों। उन्होंने आगे कहा कि एक प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता के रूप में, भारत आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए समान विचारधारा वाले भागीदारों के साथ काम करेगा।
  • प्रधानमंत्री के निर्देशों पर खाड़ी देशों के साथ हमारा राजनयिक संपर्क जारी है। इससे पहले, विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कतर की यात्रा की थी। इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य चल रहे संघर्ष के घटनाक्रमों का आकलन साझा करना, भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और हमारे प्रवासी भारतीयों का कल्याण सुनिश्चित करना था।
  • विदेश मंत्रालय में समर्पित विशेष नियंत्रण कक्ष परिचालन में हैं और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।
  • सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान और समन्वय के लिए विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के नियमित संपर्क में है।
  • भारतीय मिशन और पोस्ट चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं और सक्रिय रूप से भारतीय नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी निकट संपर्क में हैं।
  • स्थानीय सरकारी दिशानिर्देशों, उड़ान और यात्रा की स्थिति, कांसुलर सेवाओं और हमारे समुदाय की सहायता के लिए किए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी उपायों की जानकारी सहित अद्यतन परामर्श नियमित रूप से जारी किए जा रहे हैं।
  • भारतीय मिशन क्षेत्र में भारतीय सामुदायिक संगठनों, पेशेवर समूहों, भारतीय कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
  • क्षेत्र में भारतीय नाविकों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता दी गई है। हमारे मिशन क्षेत्र में जहाजों पर सवार भारतीय चालक दल के सदस्यों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ समन्वय, कांसुलर सहायता प्रदान करना, भारत में परिवारों के साथ संचार की सुविधा और भारत लौटने के अनुरोधों को सुगम बनाना शामिल है।
  • उन देशों से उड़ानें संचालित हो रही हैं जहाँ हवाई क्षेत्र खुला है। 28 फरवरी से अब तक करीब 9,84,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत की यात्रा कर चुके हैं।
  • संयुक्त अरब अमीरात में, एयरलाइंस परिचालन और सुरक्षा कारणों के आधार पर यूएई और भारत के बीच  सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए हैं, आज लगभग 100 उड़ानों की उम्मीद है।
  • सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं।
  • कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के साथ, कतर एयरवेज द्वारा आज भारत के लिए लगभग 10 उड़ानें संचालित करने की उम्मीद है।
  • कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद है। जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के लिए सीमित विशेष व्यावसायिक उड़ानें संचालित कर रहे हैं। हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, हम सऊदी अरब के रास्ते कुवैत से भारतीय नागरिकों की भारत यात्रा को सुगम बनाना जारी रखे हुए हैं।
  • बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है। गल्फ एयर द्वारा जल्द ही बहरीन से भारत के लिए सीमित उड़ानें शुरू किए जाने की उम्मीद है; वर्तमान में यह सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के लिए गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित कर रही है। बहरीन से भारतीय नागरिकों की यात्रा को सऊदी अरब के रास्ते भारत के लिए सुगम बनाया जा रहा है।
  • बहरीन से भारतीय नागरिकों की भारत यात्रा को सऊदी अरब के माध्यम से सुगम बनाया जाना जारी है।
  • इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ान संचालन के साथ खुला है। भारतीय नागरिकों की यात्रा को जॉर्डन और सऊदी अरब के माध्यम से भारत के लिए सुगम बनाया जा रहा है।
  • तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अब तक ईरान से आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते भारत की आगे की यात्रा के लिए 2,323 भारतीय नागरिकों की आवाजाही सुगम बनाई है, जिनमें 1,028 भारतीय छात्र और 657 भारतीय मछुआरे शामिल हैं।
  • इज़राइल का हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित उड़ान संचालन के साथ आंशिक रूप से खुला है। भारतीय नागरिकों की यात्रा को जॉर्डन और मिस्र के माध्यम से भारत के लिए सुगम बनाया जाना जारी है।

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पीके/केसी/डीवी/एसएस

 


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