राज्यसभा सचिवालय
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राज्यसभा के उपसभापति के रूप में श्री हरिवंश के चुनाव पर 17-04-2026 को राज्यसभा अध्यक्ष के दिए अभिनंदन भाषण का पाठ

प्रविष्टि तिथि: 17 APR 2026 4:20PM by PIB Delhi

राज्यसभा अध्यक्ष : राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने पर श्रीमान हरिवंश जी को हार्दिक बधाई। आज उनका निर्विरोध चुनाव महज एक औपचारिक परिणाम नहीं है; यह सभी दलों के बीच और सदन के सभी वर्गों के बीच उनके प्रति व्याप्त गहरे विश्वास, भरोसे और सम्मान की प्रबल पुष्टि है।

श्री हरिवंश जी का तीसरी बार इस उच्च संवैधानिक पद पर पुनः निर्वाचित होना अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है। यह न केवल निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि निष्पक्षता, संयम और संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से परिपूर्ण कर्तव्यों के निर्वाह में उनकी स्थिरता को भी प्रदर्शित करता है। वर्षों से, उपसभापति के रूप में उनका नेतृत्व संयम, संतुलन और एक शांत अधिकार से परिपूर्ण रहा है, जो बिना किसी अपेक्षा के सम्मान अर्जित करता है।

मैं इस सदन की सामूहिक बुद्धिमत्ता के प्रति भी अपनी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं, जिसने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित किया। हमारे जैसे जीवंत लोकतंत्र में, प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है और वास्तव में आवश्यक भी है। मतभेद हमारी चर्चाओं को समृद्ध करते हैं। फिर भी, ऐसे क्षण, जब सदन एक स्वर में बोलता है, संसद की गरिमा, मर्यादा और संस्थागत शक्ति को बनाए रखने के लिए सभी सदस्यों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

माननीय सदस्यों को मालूम है कि सार्वजनिक जीवन के समृद्ध और विविध अनुभव से संपन्न श्री हरिवंश जी इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन हैं। गहन वाद-विवाद और कभी-कभार होने वाली तीखी बहस के मौकों पर भी उनका सदा विनम्र स्वभाव और उनकी विशिष्ट मुस्कान सदन की कार्यवाही को स्थिरता प्रदान करती है।

राज्यसभा जैसे गतिशील, विविध और सशक्त सदन की अध्यक्षता करना कोई आसान काम नहीं है; फिर भी, उन्होंने उल्लेखनीय संयम, धैर्य और निष्पक्षता के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया है।

चूंकि इस सदन में कई नवनिर्वाचित सदस्य हैं, मुझे विश्वास है कि वे संसदीय कामकाज से जुड़ी बारीकियों, परंपराओं और जिम्मेदारियों को समझने में उन्हें एक मार्गदर्शक और प्रेरणा का स्रोत पाएंगे।

मुझे पूरा विश्वास है कि वे इस उच्च पद को विशिष्टता से सुशोभित करना जारी रखेंगे और इस प्रतिष्ठित सदन की गरिमा और प्रतिष्ठा के अनुरूप उसी उत्साह, समर्पण, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

मैं उनके कार्यकाल में उनकी हर सफलता की कामना करता हूं।

अब उपसभापति सदस्यों की व्यक्त की गई भावनाओं का उत्तर दे सकते हैं।

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पीके/केसी/एके/एसके

 


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