विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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विधायी प्रारूपण और अनुसंधान संस्थान, विधायी विभाग द्वारा हिन्दी में मूल प्रारूपण के तीसरे बुनियादी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आयोजन

प्रविष्टि तिथि: 17 APR 2026 10:10PM by PIB Delhi

विधायी प्रस्तावों से निपटने के लिए प्रशिक्षित विधायी परामर्शदाताओं की क्षमता और उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के तत्वावधान में जनवरी, 1989 में विधायी प्रारूपण और अनुसंधान संस्थान (आई.एल.डी.आर.) की स्थापना की गई थी। अपनी स्थापना के पश्चात, आई.एल.डी.आर. केंद्र सरकार के विभागों, राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक संस्थानों तथा सरकारी निकायों के अधिकारियों को विधायी प्रारूपण एवं अनुसंधान में सैद्धांतिक, नैदानिक एवं व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ ऑफ-साइट प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है।

विधायी प्रारूपण और अनुसंधान संस्थान ने भारत सरकार की नीति के अंतर्गत हिन्दी में मूल प्रारूपण का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तीसरा बुनियादी पाठ्यक्रम तैयार किया है, जिसका उद्देश्य राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देना है, ताकि हिन्दी में विधायी प्रारूपण की क्षमता का विकास किया जा सके और हिन्दी में विधायी प्रारूपण को प्राथमिकता दी जा सके।

इसी क्रम में, विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के तत्वावधान में स्थापित आई.एल.डी.आर. द्वारा हिन्दी में मूल प्रारूपण के प्रशिक्षण हेतु तीसरे बुनियादी पाठ्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

यह पाठ्यक्रम 20 अप्रैल, 2026 से 19 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में विधायी प्रारूपण के सैद्धांतिक पहलुओं के अतिरिक्त व्यावहारिक प्रशिक्षण का भी समावेश किया गया है।

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Samrat/PN


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