राज्यसभा सचिवालय
राज्यसभा के माननीय सभापति द्वारा आज राज्यसभा में दिए गए विदाई भाषण का पाठ
प्रविष्टि तिथि:
18 APR 2026 11:33AM by PIB Delhi
सभापति: माननीय सदस्यों, राज्यसभा के 270वें सत्र के समापन के साथ ही संसद का बजट सत्र भी समाप्त हो गया है। मैं सदन में हुई चर्चाओं को समृद्ध बनाने वाले आपके बहुमूल्य विचारों के लिए आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।
संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व है। यह तीनों सत्रों में न केवल सबसे लंबा होता है, बल्कि देश के विकास में भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस सत्र में स्वीकृत बजटीय आवंटन, अनुमोदित नीतियां और निर्धारित प्राथमिकताएं भारत के प्रत्येक नागरिक के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती हैं।
माननीय सदस्यों, सत्र का प्रारंभ माननीय राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चार दिनों तक चली चर्चा से हुआ जिसमें सदन के 79 सदस्यों ने ऊर्जा और उत्साह के साथ भाग लिया। धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के उत्तर में माननीय प्रधानमंत्री के उत्तर ने सदन के दोनों ओर बैठे माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए अनेक बिंदुओं को स्पष्टता और संदर्भ प्रदान किया।
केंद्रीय बजट 2026-27 पर हुई चर्चा भी उतनी ही गहन और व्यापक रही। चार दिनों तक चली इस चर्चा में 97 सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा, सदन में सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
सदन ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री द्वारा और पश्चिम एशिया की स्थिति के संबंध में विदेश मंत्री द्वारा दिए गए स्वतः संज्ञान वाले बयानों पर भी ध्यान दिया। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इसके परिणामस्वरूप भारत के सामने आने वाली चुनौतियों, विशेष रूप से ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में, दिए गए बयान ने उभरती हुई स्थिति को उचित परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया और इससे निपटने के लिए राष्ट्र के सामूहिक संकल्प की आवश्यकता पर बल दिया।
मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस सत्र के दौरान सदस्यों ने 50 निजी विधेयक पेश किए।
मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि माननीय सदस्यों ने 94 अवसरों पर संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में भाषण दिए।
कुल मिलाकर, सदन में 157 घंटे और 40 मिनट कार्य हुआ। इस सत्र में 109.87 प्रतिशत कार्य हुआ। सत्र के दौरान, हमें 117 प्रश्न उठाने, शून्यकाल में 446 प्रश्न पूछने और 207 विशेष उल्लेख करने का अवसर मिला।
माननीय सदस्यों, इस सत्र में श्री हरिवंश जी तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए। माननीय प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों के सभी नेताओं और सदस्यों के साथ श्री हरिवंश जी को उनके पुनः निर्वाचित होने पर बधाई दी।
मैं सदन की कार्यवाही के संचालन में सभी द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करता हूं और सदन की कार्यवाही के संचालन में मेरी सहायता करने के लिए माननीय उपसभापति श्री हरिवंश जी और उपाध्यक्षों के पैनल के सदस्यों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।
मैं सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष, संसदीय कार्य मंत्री, विभिन्न दलों और समूहों के नेताओं और सभी माननीय सदस्यों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं।
मैं महासचिव और उनके समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम के अथक प्रयासों को स्वीकार करता हूं, जिन्होंने सत्र को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं सदन की कार्यवाही को कवर करने और जनता को जानकारी देने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी धन्यवाद करता हूं।
अब राष्ट्रगान।
(राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" बजाया जाएगा)
सभापति : सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जाता है।
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पीके/केसी/पीपी/आर
(रिलीज़ आईडी: 2253219)
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