ग्रामीण विकास मंत्रालय
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ग्रामीण विकास मंत्रालय ने SARAS आजीविका मेलों का कैलेंडर किया फाइनल


ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय स्तर पर अपना हुनर दिखाने का मिलेगा मौका

अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक गुरुग्राम और दिल्ली में लगेंगे मेले

प्रविष्टि तिथि: 24 APR 2026 1:19PM by PIB Delhi

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले SARAS आजीविका मेलों का कैलेंडर फाइनल कर दिया है। इसका उद्देश्य देशभर में ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देना है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तीन बड़े SARAS मेले होंगे। SARAS आजीविका मेला 2026 22 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 (17 दिन) तक लीजर वैली पार्क, गुरुग्राम में लगेगा। इसके बाद SARAS फूड फेस्टिवल 2026 21 नवंबर से 8 दिसंबर 2026 (18 दिन) तक सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली में आयोजित होगा। SARAS आजीविका मेला 2027 1 फरवरी से 28 फरवरी 2027 (28 दिन) तक मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में लगेगा।

SARAS आजीविका मेले, दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत आयोजित किए जाते हैं। ये मेले ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच देते हैं।

ग्रामीण उद्यम और महिला सशक्तिकरण के लिए एक मंच
ये मेले देशभर के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को एक साथ लाते हैं और ग्रामीण महिलाओं को सीधे शहरी उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनकी आय और पहचान में वृद्धि होती है। इन मेलों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों की भागीदारी अपेक्षित है, जो हथकरघा, हस्तशिल्प, प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों तथा क्षेत्रीय व्यंजनों सहित विविध क्षेत्रीय उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।

बाजार से जुड़ाव के माध्यम से आजीविका सुदृढ़ करना
यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करती है, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देती है तथा पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन में क्षमता निर्माण को समर्थन देती है। व्यापारिक गतिविधियों के अलावा, ये मेले पारंपरिक कला, भोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी प्रदर्शित करते हैं, साथ ही समावेशी विकास और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण में योगदान देते हैं। वित्त वर्ष 2026–27 का यह कैलेंडर ग्रामीण समुदाय के लिए बाजार आधारित आजीविका अवसरों के विस्तार और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है

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RC/PU


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