पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के आलोक में प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित ताजा जानकारियां


मार्शल द्वीप के ध्वज वाला एलपीजी वाहक पोत एमटी सर्व शक्ति भारत के लिए 46,313 मीट्रिक टन तरल पेट्रोलियम गैस के साथ कल होर्मुस की खाड़ी को सुरक्षित पार कर गया, इसके 13 मई, 2026 को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद

कल लगभग 47.4 लाख एलपीजी सिलिंडरों की बुकिंग हुई और तकरीबन 47 लाख सिलिंडर डिलीवर किए गए

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 3 अप्रैल, 2026 से अब तक 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलिंडरों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 10,100 से ज्यादा शिविर आयोजित किए, इस समयावधि में 5 किलोग्राम के लगभग 1,75,000 एफटीएल सिलिंडर बेचे गए

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने अप्रैल, 2026 से 11082 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेचा

संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अपने देश की वायु सीमा में पूर्ण सामान्य विमानन बहाल करने की घोषणा की, भारत और यूएई की विमान सेवाएं कल से संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच उड़ानें संचालित कर रही हैं

प्रविष्टि तिथि: 03 MAY 2026 4:14PM by PIB Delhi

भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थितियों के आलोक में समन्वित उपायों के जरिए प्रमुख क्षेत्रों में तैयारी और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है। ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री परिवहन और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए उठाए जा रहे कुछ कदमों की जानकारी इस प्रकार हैः

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए देश में ईंधन की आपूर्ति की स्थिति पर नवीनतम जानकारी साझा की है। मंत्रालय ने पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित उपायों पर प्रकाश डाला है:

सार्वजनिक परामर्श और नागरिक जागरूकता

  • नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी घबराहट में न करें, क्योंकि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
  • अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
  • एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
  • नागरिकों को पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे वर्तमान स्थिति के दौरान अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा और ईंधन की बचत के लिए आवश्यक प्रयास करें।

सरकारी तैयारी और आपूर्ति प्रबंधन उपाय

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) के लिए 100% आपूर्ति की जा रही है।
  • व्यावसायिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति 2 और 3 मार्च 2026 को औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुनी कर दी गई है।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई तर्कसंगत उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं। इनमें रिफाइनरी उत्पादन को बढ़ाना, एलपीजी बुकिंग के अंतराल को शहरी क्षेत्रों में 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना, तथा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • एलपीजी की मांग के दबाव को कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
  • कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज को निर्देश दिया है कि वे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करें।
  • राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करें।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास

  • राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत आपूर्ति की निगरानी करने और जमाखोरी एवं कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और विनियमन में प्रमुख भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से यह बात दोहराई है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 27.03.2026 और 02.04.2026 के पत्रों के माध्यम से ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता के संबंध में नागरिकों को आश्वस्त करने के लिए जनसूचना की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस संदर्भ में, 02.04.2026 (पेट्रोलियम और प्रकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में) और 06.04.2026 (पेट्रोलियम और प्रकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के साथ सूचना एवं प्रसारण तथा उपभोक्ता कार्यों मंत्रालयों के सचिवों की अध्यक्षता में) को बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में निम्नलिखित पर जोर दिया गया:
  • प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग जारी करना और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करना।
  • सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की निगरानी करना और उनका मुकाबला करना।
  • जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और ओएमसी के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
  • अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त एसकेओ के लिए एसकेओ आवंटन आदेश जारी करना।
  • पीएनजी और वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने एवं उन्हें बढ़ावा देना।
  • एलपीजी की आपूर्ति को प्रमुखता देना, विशेष रूप से घरेलू जरूरतों के लिए, और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों का लक्षित वितरण करना।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
  • कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं।

प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां

  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी हैं। कल देशभर में 1900 से अधिक छापे मारे गए।
  • पीएसयू की ओएमसी ने औचक निरीक्षणों की संख्‍या बढ़ाई है और ये निरीक्षण जारी रखे हुए है और 349 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और कल तक 74 एलपीजी वितरकों को निलंबित कर दिया गया है।

एलपीजी की आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
  • घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्रमुखता दी गई है।
  • एलपीजी वितरकों से आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
  • कल उद्योग के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 99% की वृद्धि हुई।
  • हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 94% की वृद्धि हुई है। उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डीएसी प्राप्त होता है।
  • 02.05.2026 को, लगभग 47.4 लाख एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले 47.4 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।

 

व्यवसायिक एलपीजी की आपूर्ति और आवंटन के उपाय:

  • कुल व्यवसायिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70% तक बढ़ा दिया गया है। इसमें 10% सुधार-संबंधी आवंटन शामिल है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 06.04.2026 के पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाने वाले 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को दिनांक 21.03.2026 के पत्र में उल्लिखित 20% की सीमा से अधिक 2-3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी श्रमिकों को की गई औसत दैनिक आपूर्ति (सिलेंडरों की संख्या) के आधार पर दोगुना किया जा रहा है। ये 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हैं और वे इन्हें तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से केवल अपने राज्य के प्रवासी श्रमिकों को ही आपूर्ति कर सकती हैं।
  • अप्रैल 2026 से अब तक 23.44 लाख से अधिक 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
  • कल, 66,000 से ज़्यादा – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर की डिलीवरी की गई।
  • 3 अप्रैल 2026 से, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के लिए 10,100 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें लगभग 1,75,000 - 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • कल, 130 से अधिक शिविरों के माध्यम से 3,778 - 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • अप्रैल 2026 के महीने से अब तक, 22.78 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
  • 3 अप्रैल 2026 से, पीएसयू ओएमसी ने 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के लिए 9,980 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए, जिनमें 1,71,000 से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति, राज्य के अधिकारियों और उद्योग निकायों के परामर्श से, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री की योजना को अंतिम रूप देती है।
  • अप्रैल 2026 से अब तक, कुल 2,14,069 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम वाले 112.66 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी बेची गई है।
  • 02.05.2026 को, लगभग 8,220 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी (जो 19 किलोग्राम वाले 4.33 लाख से अधिक सिलेंडरों के बराबर है) बेची गई।
  • अप्रैल 2026 से, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों पीएसयू ओएमसी द्वारा कुल 11,082 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची गई है।

प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और पीएनजी के विस्तार की पहल

  • डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन की 100% आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को प्रमुखता दी गई है।
  • उर्वरक संयंत्रों को आवंटित कुल गैस की मात्रा को बढ़ाकर उनके छह महीने के औसत उपभोग के लगभग 98% तक कर दिया गया है।
  • इसके अतिरिक्त, सीजीडी नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति सहित अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति में 80% तक की वृद्धि की गई है।
  • सीजीडी संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी सरकारी क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से संबंधित चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रस्‍ताव कर रही हैं।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक स्वीकृतियों में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है।
  • भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10% आवंटन देने का प्रस्ताव किया है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहायता कर सकें।
  • 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पीएनजी के विस्तार सुधारों से संबंधित अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन किया जा रहा है।
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिनांक 24.03.26 के पत्र के माध्यम से सीजीडी के अवसंरचना से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संसाधित करने के लिए 3 महीने की विशेष अवधि के लिए 'कम समयसीमा में सीजीडी अवसंरचना के लिए त्वरित अनुमोदन ढांचा' अपनाया है।
  • भारत सरकार ने 24.03.2026 के राजपत्र के माध्यम से आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है। इस आदेश में देश भर में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार करने के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचे का प्रावधान किया गया है इससे यह आदेश अनुमोदन और भूमि उपलब्धता में होने वाली देरी को दूर करता है, और आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस अवसंरचना के तीव्र विकास को सक्षम बनाता है। इससे प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विकास में तेजी आने, अंतिम स्‍तर तक गैस की उपलब्‍धता में सुधार होने और स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ने में सहायता मिलने की उम्मीद है जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • पीएनजीआरबी ने सीजीडी संस्थाओं को डी-पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीएनजी के विस्तार में गति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 को 30.06.2026 तक बढ़ा दिया गया है।
  • भारत सरकार ने स्वच्छ, अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए, राज्य सीबीजी नीति का एक मॉडल मसौदा तैयार किया है। इस मॉडल नीति का उद्देश्य राज्यों को सीबीजी विकास के लिए अपना स्वयं का निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख तंत्र बनाने में सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक, लचीला मार्गदर्शक ढांचा प्रदान करना है। जो राज्य इसे अपनाएंगे, उन्हें वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त आवंटन की अगली किश्त में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिनांक 07.04.2026 के आदेश के माध्यम से सीपीसीबी को सीजीडी नेटवर्क/बुनियादी ढांचे की स्थापना या संचालन के लिए सहमति प्रदान करने हेतु एसपीसीबी/पीसीसी को 15 दिनों के भीतर आवश्यक निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।
  • मार्च 2026 से अब तक, लगभग 6.04 लाख पीएनजी  कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल संख्या 8.72 लाख कनेक्शन हो गई है। इसके अलावा, लगभग 6.73 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
  • 02.05.2026 तक, 43,630 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन वापस कर दिए हैं।

कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन

  • सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है।
  • घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
  • घरेलू बाजार के लिए पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया गया है। इसके फलस्वरूप, भारत सरकार ने दिनांक 01.04.2026 के आदेश द्वारा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित तेल रिफाइनरी कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।
  • औषध विभाग, रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग (डीसीपीसी) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर, फार्मा और रसायन क्षेत्र की कंपनियों के लिए एलपीजी पूल से प्रतिदिन 1000 मीट्रिक टन की आपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
  • 9 अप्रैल 2026 से अब तक, मुंबई, कोच्चि, विजाग, चेन्नई, मथुरा और गुजरात रिफाइनरियों द्वारा केमिकल, फार्मा और पेंट उद्योगों को 10,600 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपलीन और लगभग 1400 मीट्रिक टन ब्यूटाइल एक्रिलेट बेचा गया है।

खुदरा ईंधन की उपलब्धता और मूल्य निर्धारण के उपाय

  • देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
  • मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है; हालांकि, भारत सरकार ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
  • भारत सरकार ने 30.04.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से डीजल पर निर्यात शुल्क को 55.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 23 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर निर्यात शुल्क को 42 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 33 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
  • अफवाहों के चलते कुछ खुदरा दुकानों पर अफरा-तफरी मची हुई है और लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं। सूचित किया जाता है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की नियमित खुदरा कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और तेल और डीजल कंपनियों की खुदरा दुकानों पर कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

केरोसिन की उपलब्धता और वितरण के उपाय

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
  • 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी किए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कोई आवश्यकता नहीं बताई है।

समुद्री सुरक्षा और पोत संचालन

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने क्षेत्र में सक्रिय भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि:

  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय जारी रखे हुए है।
  • जहाज अपडेट: मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला एक एलपीजी वाहक जहाज, एमटी सर्व शक्ति (आईएमओ नंबर 9350599), जो 46,313 मीट्रिक टन एलपीजी (भारतीय कार्गो) लेकर आ रहा है और जिस पर 18 भारतीयों सहित चालक दल के 20 सदस्य सवार हैं, ने 02 मई 2026 को सुरक्षित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। इसके 13 मई 2026 को विशाखापत्तनम पहुँचने की उम्मीद है।
  • क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
  • डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम ने सक्रिय होने के बाद से अब तक 8,373 कॉल और 17,965 से अधिक ईमेल संभाले हैं। पिछले 24 घंटों में, 38 कॉल और 127 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
  • मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 2,953 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से वापस आए 31 नाविक शामिल हैं।
  • पूरे भारत में बंदरगाहों का संचालन सामान्य बना हुआ है और कहीं भी भीड़भाड़ की कोई खबर नहीं है।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है और इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। मंत्रालय ने सूचित किया है कि:

  • विदेश मंत्रालय सूचनाओं के आदान-प्रदान और प्रयासों के बेहतर समन्वय के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क में है।
  • भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवाएं संचालित कर रहे हैं ताकि समय पर सहायता प्रदान की जा सके और वे अपने नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।
  • स्थानीय सरकारी दिशानिर्देशों, उड़ान और यात्रा की स्थितियों, कांसुलर सेवाओं और समुदाय के लिए किए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी उपायों से संबंधित जानकारी सहित अद्यतन सलाह जारी की जा रही है।
  • भारतीय दूतावास स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे भारतीय समुदाय के संगठनों, संस्थाओं, पेशेवर समूहों और भारतीय कंपनियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करते हैं ताकि उनकी चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • सरकार इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता दे रही है। भारतीय दूतावास उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ समन्वय, कांसुलर सहायता और भारत लौटने के अनुरोधों में सहायता शामिल है।
  • इस क्षेत्र से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित होने से उड़ान स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
  • 2 मई को, संयुक्त अरब अमीरात के सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने यूएई हवाई क्षेत्र के भीतर सामान्य हवाई नेविगेशन संचालन को पूरी तरह से फिर से शुरू करने और अस्थायी एहतियाती उपायों को हटाने की घोषणा की। भारतीय और यूएई की विमानन कंपनियां यूएई से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
  • सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी हैं।
  • कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद, कतर एयरवेज भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने भी कतर से भारत के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं।
  • कुवैत का हवाई क्षेत्र खुला है। जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज ने कुवैत से भारत के लिए सीमित उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं।
  • बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है। एयर इंडिया एक्सप्रेस और गल्फ एयर बहरीन से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं। इंडिगो भी आज से बहरीन से भारत के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने की योजना बना रही है।
  • इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ान संचालन के साथ क्षेत्र के गंतव्यों के लिए खुला है। इसका उपयोग भारत की आगे की यात्रा के लिए किया जा सकता है।
  • ईरान का हवाई क्षेत्र कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खुला है। हमने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है और जो लोग पहले से वहां मौजूद हैं, उनसे हमारे दूतावास के सहयोग से जमीनी सीमा मार्गों के जरिए देश छोड़ने का आग्रह किया है। अब तक, तेहरान स्थित हमारे दूतावास ने जमीनी सीमा मार्गों के माध्यम से 2,504 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकालने में सहायता प्रदान की है।
  • इजराइल का हवाई क्षेत्र खुला है और क्षेत्र में स्थित गंतव्यों के लिए सीमित उड़ान संचालन फिर से शुरू हो गया है। इसका उपयोग भारत की आगे की यात्रा के लिए किया जा सकता है।

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पीके/केसी/एसके


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