विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री और अंतरिक्ष नीति राज्य मंत्री सुश्री ओनोडा किमी ने एक उच्च-स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की


इस बैठक में स्वास्थ्य और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग ज्ञापन और क्वांटम विज्ञान के क्षेत्र में आशय पत्र का आदान-प्रदान किया गया

भारत और जापान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में एक स्‍वाभाविक तालमेल साझा करते हैं: डॉ. जितेंद्र सिंह

ओनोडा किमी ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और नवाचार के प्रति इसकी मजबूत प्रतिबद्धता, विशेष रूप से विभिन्न क्षेत्रों में एआई के बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की सराहना की

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के बाद भारत-जापान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी ने एक नए चरण में प्रवेश किया: डॉ. जितेंद्र सिंह

प्रविष्टि तिथि: 06 MAY 2026 2:33PM by PIB Delhi

जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री और अंतरिक्ष नीति राज्य मंत्री सुश्री ओनोडा किमी ने एक उच्च स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों विशेष रूप से स्वास्थ्य और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की गई

उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत और जापान ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाया।

इस बैठक में जापान की चिकित्सा अनुसंधान एवं विकास एजेंसी (एएमईडी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में एक सहयोग ज्ञापन (एमओसी) का आदान-प्रदान हुआ।

जापान के कैबिनेट कार्यालय और भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के बीच क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए, जो अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगा

यह जुडाव अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के परिणामों पर आधारित है, जहां दोनों पक्षों ने उद्योग और स्टार्टअप सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-जापान विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी के विस्तार पर सहमति व्यक्त की गई

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘भारत और जापान के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक स्वाभाविक तालमेल साझा करते हैं। जहां जापान उन्नत प्रौद्योगिकीय क्षमताएं प्रदान करता है, वहीं भारत प्रतिभाशाली मानव संसाधनों का विशाल भंडार उपलब्ध कराता है। साथ मिलकर हम अग्रणी क्षेत्रों में नवाचार को गति दे सकते हैं और अनुसंधान को समाज पर सार्थक प्रभाव डालने वाले परिणामों में परिवर्तित कर सकते हैं।

मंत्री महोदय ने आगे कहा कि क्वांटम टेक्नोलॉजीज, साइबर-फिजिकल सिस्टम्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्‍वच्‍छ ऊर्जा और उन्‍नत कंप्यूटिंग में भारत के बढ़ते राष्ट्रीय मिशन देश के डीप-टेक सेक्टरों की ओर मजबूत रुझान को दर्शाते हैं, जिससे संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास और औद्योगिक साझेदारी के नए अवसर पैदा होते हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए सुश्री ओनोडा किमी ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और नवाचार के प्रति इसकी मजबूत प्रतिबद्धता, विशेष रूप से विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के अपने दौरे के दौरान उन्‍होंने युवा शोधकर्ताओं में असफलता से सीखने और नवाचार को जारी रखने की अद्भुत क्षमता देखी

ओनाडो किमी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि क्वांटम और एआई सहित उन्नत विनिर्माण और कम्प्यूटेशनल प्रौद्योगिकियों में जापान की मज़बूती भारत के बढ़ते प्रौद्योगिकी इकोसिस्‍टम के साथ घनिष्ठ रूप से मेल खाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बैठक के दौरान हुए समझौते, विशेष रूप से क्वांटम प्रौद्योगिकियों और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में, अनुसंधान, अनुप्रयोग और औद्योगिक तैनाती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने में सहायक होंगे।

चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत सहयोग को मजबूत करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया, जो क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार, संवेदन और सामग्री के क्षेत्र में एक एकीकृत दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है, साथ ही लंबी दूरी के क्वांटम सुरक्षित संचार नेटवर्क में प्रगति कर रहा है।

जापान ने क्वांटम नवाचार केंद्रों के अपने नेटवर्क पर जानकारी साझा की, जिसमें क्वांटम प्रौद्योगिकियों के औद्योगीकरण और मानकीकरण के उद्देश्य से वैश्विक पहलें शामिल हैं तथा भारतीय संस्थानों के साथ संबंध स्थापित करने में रुचि व्यक्त की। दोनों पक्षों ने नवाचार और प्रौद्योगिकी तैनाती में तेजी लाने के लिए भारत और जापान के अनुसंधान केंद्रों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

चर्चा में शोधकर्ताओं की आवाजाही और संयुक्त नवाचार मंचों जैसी चल रही पहलों पर भी विचार किया गया, जिनमें भारतीय शोधकर्ताओं को जापान में सहयोगात्मक अनुसंधान और उद्योग इंटर्नशिप करने में सक्षम बनाने वाले कार्यक्रम शामिल हैं। दोनों पक्षों ने अकादमिक और औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने में ऐसी पहलों के महत्व को स्वीकार किया।

स्वास्थ्य अनुसंधान और चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दोनों पक्षों ने संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण और संरचित वित्तपोषण व्यवस्थाओं के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। यह चर्चा हुई कि भारत और जापान में संबंधित वित्तपोषण एजेंसियों द्वारा सहयोगात्‍मक अनुसंधान परियोजनाओं को समर्थन दिया जा सकता है, साथ ही कार्यशालाओं और शोधकर्ता-स्तरीय सहभागिता जैसे संस्थागत तंत्रों के माध्यम से पारस्परिक हित के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है।

इस बातचीत में शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग में सहयोग के साथ एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत का समर्थन करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर एक साझा समझ भी दिखाई दी।

भारतीय की तरफ से प्रमुख प्रतिभागियों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक प्रोफेसर राजीव बहल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्वांटम पहलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

जापानी प्रतिनिधिमंडल में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति सचिवालय के महानिदेशक श्री फुकुनागा तेत्सुओ, वैश्विक स्वास्थ्य के राजदूत श्री हयाशी तेइजी और एएमईडी तथा भारत में जापान के दूतावास के प्रतिनिधि जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

बैठक का समापन दोनों पक्षों द्वारा शोधकर्ताओं के बीच सहयोग, संस्थागत साझेदारी और उद्योग संबंधों सहित कई स्तरों पर जुड़ाव को और मजबूत करने पर सहमति के साथ हुआ, ताकि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जापान सहयोग को और सुदृढ किया जा सके।

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पीके/केसी/आईएम/केके


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