कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पीएम-सेतु के तहत प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्रों के लिए कानपुर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में उद्योग परामर्श बैठक आयोजित की गई

प्रविष्टि तिथि: 08 MAY 2026 6:00PM by PIB Delhi

प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई), भारत सरकार ने कानपुर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में एक उद्योग परामर्श बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में वैमानिकी और संबद्ध क्षेत्रों के लिए प्रस्‍तावित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र सहित उन्‍नत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों (आईटीआई) के माध्‍यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन (पीएम-सेतु) के तहत प्रस्‍तावित राष्‍ट्रीय उत्कृष्‍टता केंद्रों के लिए उद्योगों की सहभागिता एवं सहयोगपूर्ण अवसरों की संभावना पर विचार-विमर्श किया गया।

इस बैठक की अध्यक्षता एमएसडीई की सचिव सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने की। इसमें डीजीटी के महानिदेशक श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे। इस बैठक में डीजीटी के वरिष्ठ अधिकारी निदेशक, व्‍यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ अग्रणी उद्योग और बहुपक्षीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस परामर्श बैठक में रक्षा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, नागरिक विमानन, सटीक अभियांत्रिकी और उन्‍नत विनिर्माण, ऊर्जा, परिवहन और संबद्ध उद्योगों जैसे क्षेत्रों के 25 से अधिक संगठनों ने भाग लिया। इसमें हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), डसॉल्ट एविएशन इंडिया, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एल एंड टी प्रेसिजन इंजीनियरिंग, अदानी स्किल डेवलपमेंट सेंटर, होंडा मोटर्स, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, जेके सीमेंट, नेमटेक, इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेड, इनोविजन लिमिटेड, जेआईटीएम, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, नेट प्लांट प्राइवेट लिमिटेड, एवीपीएल इंटरनेशनल, नेयवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) के साथ-साथ एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक शामिल थे।

चर्चाओं का मुख्य केन्द्र पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास तथा प्रशिक्षुता संबंधों में उद्योग भागीदारी को मजबूत करना रहा ताकि उच्‍च वृद्धि वाले क्षेत्रों में उभरती कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में कानपुर स्थित एनएसटीआई में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) पर जोर दिया गया। इसे उद्योगों के सक्रिय सहयोग, भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय सहयोग और पीएम-सेतु ढांचे के अंतर्गत मजबूत संस्‍थागत साझेदारियों से विकसित किया जाएगा। इस प्रस्‍तावित पहल का उद्देश्य उच्च स्तरीय विनिर्माण और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व्यवसायों में प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाना है और भारत के विकसित होते अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीएम-सेतु योजना का उद्देश्य उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण, उन्नत बुनियादी ढांचे और उद्योग के साथ मज़बूत संबंधों के माध्यम से भारत के आईटीआई तंत्र को आधुनिक बनाना है। पीएम-सेतु के घटक-I के तहत, अलीगंज, साकेत, पांडू नगर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, नैनी प्रयागराज, वाराणसी और चरगावां गोरखपुर सहित चिन्हित आईटीआई समूहों के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश में हब और स्पोक मॉडल लागू किया जा रहा है। इस ढांचे के तहत, हब आईटीआई, स्पोक आईटीआई के एक नेटवर्क को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ताकि क्षेत्रीय कौशल विकास तंत्र को मज़बूत किया जा सके, प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके और उद्योग के साथ जुड़ाव बढ़ाया जा सके।

यह परामर्श मंत्रालय के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य भारत की आत्मनिर्भरता, उन्नत विनिर्माण विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की आकांक्षाओं का समर्थन करने में सक्षम भविष्योन्मुखी व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण तंत्र का निर्माण करना है।

***

पीके/केसी/पीपी/आर


(रिलीज़ आईडी: 2259197) आगंतुक पटल : 210
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu