वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने गांधीनगर में ब्रिक्स बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की
ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार 1.17 ट्रिलियन अमरिकी डॉलर तक पहुंचा, इस क्षेत्र में अपार संभावना है: वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल
प्रविष्टि तिथि:
16 MAY 2026 4:17PM by PIB Delhi
वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने गुजरात के गांधीनगर में व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की दूसरी बैठक में मुख्य भाषण दिया। यह बैठक मार्च 2026 में वर्चुअल रूप से आयोजित सीजीईटीआई की पहली बैठक के बाद हुई।
श्री अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स लगातार मजबूत होता जा रहा है तथा यह उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रभावी आवाज के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते संरक्षणवाद, भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, मुद्रास्फीति के दबाव और बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच माल व्यापार तेरह गुना बढ़ गया है, जो 2003 के 84 बिलियन अमरिकी डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.17 ट्रिलियन अमरिकी डॉलर हो गया है। यह वृद्धि वैश्विक व्यापार की गति से अधिक रही है और इससे सदस्य देशों के लिए अधिक लचीलापन तथा विविधीकरण में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच होने वाला व्यापार अभी भी वैश्विक व्यापार का लगभग 5 प्रतिशत है, जो अधिक व्यापार एकीकरण, मजबूत मूल्य-श्रृंखला संबंधों और बेहतर आर्थिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अप्रयुक्त संभावनाओं को दर्शाता है।
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता लाना” विषय पर आयोजित इस बैठक में पिछली अध्यक्षता के दौरान किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया गया। भारत 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स का अध्यक्ष बना है। इस दौरान हुए विचार-विमर्श में समकालीन व्यापार मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुदृढ़ करना, रोजगार सृजन के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के अंतर्राष्ट्रीयकरण में सहायता करना, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और विविध बनाना तथा सेवाओं से संबंधित व्यापार को बढ़ाना शामिल है। बैठक में अधिक संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने, सेवा क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने और ब्रिक्स देशों के बीच अधिक व्यापार के माध्यम से किसानों, महिलाओं, उद्यमियों और व्यवसायों सहित प्रमुख हितधारकों को अधिक समृद्ध बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
15 मई 2026 को, प्रतिनिधिमंडल ने गिफ्ट सिटी-गांधीनगर का दौरा किया और वे वहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित विभिन्न सुविधा केंद्र भी गए। गिफ्ट सिटी को विश्व स्तरीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की पहलों पर एक प्रस्तुति भी दी गई। इस यात्रा से प्रतिनिधिमंडल को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सहायता करने के लिए बैंकिंग, पूंजी बाजार, फंड प्रबंधन, लीजिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के भारत के प्रयासों को देखने का अवसर मिला।
सीजीईटीआई में हुई चर्चाओं में ब्रिक्स के साथ भारत की सहभागिता को व्यापक व्यापार परिप्रेक्ष्य में भी रखा गया। नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स के सदस्य देशों को भारत का माल निर्यात अनुमानित 82.0 बिलियन अमरिकी डॉलर और कैलेंडर वर्ष 2024 में सेवाओं के क्षेत्र में निर्यात 31.3 बिलियन अमरिकी डॉलर था। ये आंकड़े ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और बढ़ाने की गुंजाइश को दर्शाते हैं, जिसमें सेवाएं और कनेक्टिविटी भविष्य की वृद्धि के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं।
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पीके/केसी/एमके
(रिलीज़ आईडी: 2261776)
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