प्रधानमंत्री कार्यालय
azadi ka amrit mahotsav

चोल ताम्रपत्रों की वापसी

प्रविष्टि तिथि: 16 MAY 2026 10:00PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉब जेटन की उपस्थिति में, लाइडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय ने आज 11वीं शताब्दी के चोल ताम्रपत्र भारत सरकार को लौटा दिए।

चोल ताम्रपत्र, जिनमें 21 बड़े ताम्रपत्र और 3 छोटे ताम्रपत्र सम्मिलित हैं, 11वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान चोल राजाओं द्वारा जारी किए गए शाही अभिलेख हैं। ये अभिलेख अनैमंगलम ग्राम को तमिलनाडु के नागपट्टिनम स्थित ‘चूलामणिवर्म-विहार’ नामक बौद्ध विहार को भेंट किए जाने को औपचारिक रूप प्रदान करते हैं। इन ताम्रपत्रों में तमिल तथा संस्कृत भाषाओं में लिखित पाठ अंकित हैं।

इन चोल ताम्रपत्रों की पुनर्प्राप्ति विशेष महत्व रखती है, क्योंकि वे केवल अतीत की कलाकृतियाँ भर नहीं हैं, बल्कि भारत की विरासत और सभ्यता की अमूल्य गाथा भी हैं। इन ताम्रपत्रों की स्वदेश-वापसी भारत के लोगों के लिए गहरा भावनात्मक महत्‍त्‍व रखती है।

***

पीके/केसी/पीके


(रिलीज़ आईडी: 2261891) आगंतुक पटल : 61
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Assamese , Punjabi