कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
प्रदेश के किसानों को पारदर्शी रूप से अनुदान पर प्रचुर मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करा रही सरकार
प्रविष्टि तिथि:
18 MAY 2026 9:44PM by PIB Lucknow
प्रदेश सरकार अपने किसान भाइयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरकों उपलब्ध कराने हेतु कटिबद्ध एवं दृढ संकल्पित है। उक्त के दृष्टिगत कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के किसान भाइयों के लिये अनुदान पर सभी प्रकार के उर्वरकों को पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। उक्त के अतिरिक्त कृषि विभाग द्वारा किसान भाइयों की आवश्यकता अनुसार रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के सक्रिय सहयोग से प्रचुर मात्रा में उर्वरकों की अनवरत उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 13.28 लाख मी०टन यूरिया, 05.23 लाख मी०टन डी०ए०पी०, 04.81 लाख मी०टन एन०पी०के०, 03. 69 लाख मी०टन एस०एस०पी० एवं 0.93 लाख मी०टन एम०ओ०पी० कुल 27.94 लाख मी०टन उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है, जो गत वर्ष की तुलना में 3.13 लाख मी०टन अधिक है। आगामी खरीफ फसलों की मॉग के अनुसार भारत सरकार द्वारा लगातार आवंटन करते हुए उर्वरकों की निरन्तर आपूर्ति की जा रही है।
कतिपय अराजक तत्वों द्वारा अनुदानित उर्वरक का प्रयोग, कृषि के अतिरिक्त अन्य व्यवसायिक कार्यों में किया जाता है, जबकि अनुदानित उर्वरक, किसान भाइयों के लिये खेती में प्रयोग हेतु अनुदानित दर पर बाजार में उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रकार अनुदान का लाभ, जो किसान भाइयों को मिलना चाहिए उसके दुरूपयोग होने की सम्भावना रहती है।
अनुदानित उर्वरक का दुरूपयोग रोकने के लिये शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि उर्वरकों का विक्रय किसान पहचान पत्र (फार्मर आई०डी०) उपलब्ध कराने वाले कृषकों को उनकी जोत सम्बन्धी अभिलेखों के आधार पर ही किया जाय। कृषक बन्धुओं से यह अपील है कि उर्वरकों का सुगमतापूर्वक क्रय करने के लिये फार्मर आई०डी० के साथ विक्रय केन्द्रों पर पहुँच कर अपनी बोई गई फसल के लिये कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संस्तुत उर्वरक की मात्रा के अनुसार संतुलित मात्रा में उपयोग, कृषि भूमि/खतौनी के आधार पर फसल की अवस्था एवं आवश्यकता के अनुसार अधिकतम डी०ए०पी० 5 बोरी तथा यूरिया 7 बोरी प्रति हेक्टेयर की मात्रा का ही क्रय किया जाये।
कृषि विभाग द्वारा अनुदानित उर्वरकों यथा यूरिया, डी०ए०पी०, एन०पी० के०, एम०ओ०पी० एवं एस०एस०पी० के साथ किसी अन्य निवेश की टैगिंग / पूर्णतया प्रतिबन्धित की गयी है। प्रदेश के समस्त जिलों में निगरानी समितियों का गठन कर रासायनिक उर्वरकों की बिक्री पर कडी नजर रखते हुए उर्वरकों के अवैध भण्डारण, कालाबाजारी आदि के सम्बन्ध में छापेमारी सहित आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अर्न्तगत विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित करायी जा रही है।
प्रदेश में प्रचुर मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता के दृष्टिगत किसान भाइयों हेतु सलाह है कि वह उर्वरकों का अत्यधिक क्रय एवं उनके प्रयोग से बचे। उर्वरक का प्रयोग करने के समय से पूर्व उर्वरकों की अत्यधिक खरीद तथा भण्डारण नही करें क्योंकि हवा/नमी आदि के सम्पर्क में आने पर उर्वरक की क्षमता में क्षरण होने लगता है इसलिये किसान भाई अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक का क्रय करें।
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(रिलीज़ आईडी: 2262567)
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