प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने धरती माता द्वारा समस्त मानवता को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकारने की विशेषता को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
प्रविष्टि तिथि:
19 MAY 2026 9:05AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इसका अर्थ है कि धरती माता समस्त मानवता को एक परिवार मानती है। श्री मोदी ने कहा कि धरती मां के लिए यह संपूर्ण विश्व एक घर के समान है, जहां प्रत्येक संस्कृति का अपना महत्व और सम्मान है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट में लिखा:
"धरती माता पूरी मानवता को एक परिवार मानती हैं। उनके लिए यह पूरा संसार एक घर की तरह है, जहां हर संस्कृति का अपना महत्त्व और सम्मान है।
जनं बिभ्रती बहुधा विवाचसं नानाधर्माणं पृथिवी यथौकसम्।
सहस्रं धारा द्रविणस्य मे दुहां ध्रुवेव धेनुरनपस्फुरन्ती ॥"
धरती माता विभिन्न भाषाएं बोलने वाले और विभिन्न धर्मों और परंपराओं का पालन करने वाले लोगों को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में अपनाती है। ईश्वर करे कि यह धरती मां हमारे लिए समृद्धि की हजारों धाराएं प्रवाहित करती रहे, ठीक उसी प्रकार जैसे एक शांत और स्नेहमयी गौ माता दूध प्रदान करती है।
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(रिलीज़ आईडी: 2262626)
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