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सीएक्यूएम प्रवर्तन कार्य बल ने एनसीआर में अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की; 12 दिनों में 125 निरीक्षण किए गए

प्रविष्टि तिथि: 19 MAY 2026 6:04PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 131वीं बैठक 18.05.2026 को आयोजित की गई। इस बैठक में 29.04.2026 से 10.05.2026 की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रवर्तन से जुड़ी कार्रवाइयों, निरीक्षणों और अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि आयोग के उड़न दस्तों (फ्लाइंग स्क्वाड) द्वारा 12 दिनों की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान कुल 125 निरीक्षण किए गए, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) स्थलों, औद्योगिक क्षेत्र और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों से संबंधित 39 उल्लंघन पाए गए।

इन निरीक्षणों में निर्माण एवं विध्वंस स्थलों पर 20 निरीक्षण, औद्योगिक क्षेत्र में 51 निरीक्षण और डीजी सेट से संबंधित 54 निरीक्षण शामिल थे। रिपोर्ट किए गए 39 उल्लंघनों में से 10 निर्माण एवं विध्वंस स्थलों से, 10 औद्योगिक क्षेत्र से और 19 डीजी सेट से संबंधित थे।

दर्ज उल्लंघनों की निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर, 7 इकाइयों/परियोजनाओं को बंद करने, 13 डीजी सेटों को सील करने, 12 कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी करने, 4 मामलों में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (ईसी) लगाने और 3 मामलों में इकाइयों को सलाह जारी करने का प्रस्ताव किया गया है। प्रवर्तन की प्रस्तावित कार्रवाइयों में से 6 कार्रवाइयां पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जबकि कई अन्य कार्रवाइयां प्रक्रियाधीन हैं।

कार्य बल ने 130वीं ईटीएफ बैठक के बाद की गई कार्रवाइयों की समीक्षा भी की और पाया कि औद्योगिक क्षेत्र, निर्माण एवं विध्वंस क्षेत्र और डीजी सेट से संबंधित सभी कार्रवाई योग्य मामलों पर संबंधित एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। अनुपालन के सत्यापन के बाद कुल 17 पुनः शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए हैं, जिनमें से 13 औद्योगिक इकाइयों से संबंधित और 4 एनसीआर में निर्माण एवं विध्वंस स्थलों से संबंधित हैं।

ईटीएफ ने सड़क की धूल से निपटने की समस्या की भी समीक्षा की और नोएडा प्राधिकरण द्वारा 08.05.2026 को किए गए निरीक्षणों पर गौर किया, जिसमें 46 क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया और 28 उल्लंघन पाए गए। बार-बार उल्लंघन करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

आयोग ने उड़न दस्तों (फ्लाइंग स्क्वाड) की टीमों द्वारा निरीक्षण रिपोर्टों को फोटोग्राफिक/वीडियोग्राफिक साक्ष्यों के साथ समय पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान ईंधन संबंधी विवरण के सत्यापन, निर्देश संख्या 76 के तहत डीजी द्वारा निर्धारित अनुपालन एवं संचालन की अनुमति (सीटीओ) की शर्तों के अनुपालन के निर्देश भी दोहराए गए।

बैठक के दौरान 18.05.2026 तक की अद्यतन संचयी प्रवर्तन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह पाया गया कि आयोग के उड़न दस्तों (फ्लाइंग स्क्वाड) द्वारा अब तक कुल 27,133 इकाइयों/परियोजनाओं/प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर 1,784 बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें से अनुपालन के सत्यापन के बाद 1,382 पुनः शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि 279 प्रतिष्ठान अभी भी जांच के अधीन हैं।

आयोग ने एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए सुदृढ़ प्रवर्तन तंत्र, समय पर अनुपालन के सत्यापन, कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और पर्यावरण मानदंडों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता को दोहराया। औद्योगिक उत्सर्जन, डीजी सेट, नियंत्रण एवं विध्वंस गतिविधियों और सड़क धूल प्रबंधन सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निरीक्षण संबंधी दक्षता बढ़ाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और प्रवर्तन की कार्रवाइयों में तेजी लाने पर भी निरंतर ध्यान केन्द्रित किया गया। 

 

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पीके/केसी/आर / डीए


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