पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने मिशन लाइफ अभियान के तहत ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ किया
प्रविष्टि तिथि:
21 MAY 2026 8:32PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर के छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ चिड़ियाघर के शिक्षा केंद्र में ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम (एसवीपी) 2026 का सफल शुभारंभ किया।
मिशन लाइफ के जन-जागरूकता अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” विषय पर आधारित विश्व पर्यावरण दिवस थीम के अनुरूप है। इसका उद्देश्य युवा छात्रों में जैव विविधता संरक्षण, जलवायु कार्रवाई, वन्यजीव संरक्षण, स्वच्छता और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके लिए इंटरैक्टिव शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से कुल 854 छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इनमें से 60 प्रतिभागियों का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया गया और पुष्टि के लिए उनसे फोन पर संपर्क किया गया। उद्घाटन दिवस पर दिल्ली-एनसीआर के 15 स्कूलों के 39 छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को एसवीपी 2026 के उद्देश्यों और गतिविधियों से परिचित कराने के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद शाकाहारी और मांसाहारी जीवों के बाड़ों का भ्रमण कराया गया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की पूर्व संध्या पर डॉ. फैयाज ए. द्वारा जैव विविधता पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान भी दिया गया।
यह दो सप्ताह तक चलने वाला कार्यक्रम दो स्लॉट - स्लॉट ए और स्लॉट बी - में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक स्लॉट में 50 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 25 जूनियर और 25 सीनियर छात्र हैं।

कार्यक्रम की रूपरेखा में शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जैसे कि वन्यजीव फोटोग्राफी, आर्ट एंड क्राफ्ट, हेरिटेज वॉक (धरोहर यात्रा), स्लोगन लेखन, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिताएं, स्वच्छता जागरूकता अभियान, क्ले मॉडलिंग (मिट्टी के मॉडल बनाना), निबंध लेखन, प्रदर्शनियां, विशेषज्ञ वार्ता और मिशन लाइफ जागरूकता सत्र।
यह ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम 21 मई से 6 जून 2026 तक जारी रहेगा, जो कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को व्यावहारिक शिक्षणऔर संरक्षण शिक्षा से जोड़ेगा।
चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने प्रतिभागियों से बातचीत की और कहा कि इस प्रकार की संवादात्मक शैक्षिक पहलों के माध्यम से युवा पीढ़ी को आधुनिक और नवाचार आधारित तकनीकों से जोड़कर जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना बेहद महत्वपूर्ण है।
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पीके / केसी / केजे
(रिलीज़ आईडी: 2263954)
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