वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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नई दिल्ली में 68वीं एपीओ गवर्निंग बॉडी मीटिंग का आयोजन किया गया, इसमें क्षेत्रीय उत्पादकता सहयोग पर ध्‍यान केंद्रित किया गया


वर्तमान में उत्पादकता का आशय लचीलापन, नवाचार और समावेशी विकास है : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल

सतत विकास को आगे बढ़ाने वाले उत्पादकता चैम्पियनों और तकनीकी विशेषज्ञों को एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया

प्रविष्टि तिथि: 21 MAY 2026 8:21PM by PIB Delhi

एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) की गवर्निंग बॉडी मीटिंग (जीबीएम) के 68वें सत्र के पहले दिन का आज भारत मंडपम में सफल शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राष्ट्रीय उत्पादकता संगठनों (एनपीओ) के प्रमुख, नीति-निर्माता, उत्पादकता विशेषज्ञ और एपीओ के सदस्य देशों के प्रतिनिधि एकत्र हुए।

उद्घाटन सत्र केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन भाषण दिया।

अपने उद्घाटन संबोधन में श्री पीयूष गोयल ने कहा कि गवर्निंग बॉडी के निवर्तमान अध्यक्ष के रूप में भारत को एपीओ के परिवर्तनकारी दौर में योगदान देने का गौरव हासिल हुआ है, जहां प्रौद्योगिकी, सतत विकास और बदलती वैश्विक परिस्थितियाँ अर्थव्यवस्थाओं को नया आकार दे रही हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज उत्पादकता केवल दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लचीलापन, नवाचार और समावेशी विकास भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत द्वारा किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, यूपीआई, आधार और ओएनडीसी जैसी पहलों को उत्पादकता-आधारित परिवर्तन के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने एपीओ के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग, सतत विकास और भविष्य के लिए तैयार विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उद्घाटन कार्यवाही गणमान्य अतिथियों के आगमन और एनपीसी इंडिया की महानिदेशक श्रीमती नीरजा सेखर द्वारा प्रतिनिधियों के स्वागत के साथ प्रारंभ हुई। उन्होंने एमएसएमई को सशक्त बनाने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा सतत और लचीले आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए डिजिटल परिवर्तन, हरित उत्पादकता, क्षमता निर्माण और स्‍पष्‍ट परिणामों के प्रति एनपीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। प्रारंभिक वक्तव्य भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डीपीआईआईटी के सचिव तथा भारत के एपीओ निदेशक श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने दिया। उन्होंने कहा कि एपीओ विज़न 2030 और रणनीतिक सुधार सभी सदस्य देशों में संस्थागत सहयोग, सुशासन और परिणाम-आधारित विकास को सुदृढ़ करेंगे।

सत्र का एक प्रमुख आकर्षण एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाना रहा। नीति आयोग के पूर्व सदस्य तथा एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार खोज-सह-चयन समिति के अध्यक्ष डॉ. वी. के. सारस्वत ने सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय उत्पादकता वृद्धि में योगदान देने वाले उत्पादकता चैम्पियनों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित करने के महत्व पर बल दिया।

श्री गोयल द्वारा एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार प्रमाणपत्र निम्नलिखित प्रतिष्ठित उत्पादकता विशेषज्ञों को प्रदान किए गए। इसके पश्चात पुरस्कार विजेताओं ने संक्षिप्त संबोधन में सतत विकास प्राप्त करने में उत्पादकता, नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता की भूमिका को स्वीकार किया:

  1. उत्पादकता समर्थकों के लिए एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार — श्री अशोक पंजवानी, निदेशक, बीईआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, भरूच, गुजरात।
  2. उत्पादकता तकनीकी विशेषज्ञ के लिए एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार — श्री बाकुल लिम्बासिया, संस्थापक निदेशक, भाथवारी टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात।
  3. एनपीसी विशेष सम्मान पुरस्कार प्रदान किए गए:

. सुश्री विदुषी मित्तल, निदेशक, कलााई स्टूडियो, जयपुर, राजस्थान।

. सुश्री अंशुल मल्होत्रा, पारंपरिक वस्त्र संरक्षक एवं हथकरघा वस्त्र डिज़ाइनर, कृष्णा वूल, मंडी, हिमाचल प्रदेश।

. श्री अखंड प्रताप सिंह, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, व्यमानिक एयरोस्पेस टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश।

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के तत्वावधान में राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय गवर्निंग बॉडी मीटिंग एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उत्पादकता वृद्धि और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख रणनीतिक एवं प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श कर रही है।

68वीं जीबीएम महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन की भी साक्षी रही। इंडोनेशिया के एपीओ निदेशक प्रो. अनवर सानुसी ने वर्ष 2026–27 के लिए एपीओ अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने भारत के एपीओ निदेशक श्री अमरदीप सिंह भाटिया का स्थान लिया। ईरान के कार्यवाहक एपीओ निदेशक और जापान के कार्यवाहक एपीओ निदेशक ने क्रमश: प्रथम और द्वितीय उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।

धन्यवाद ज्ञापन एपीओ अध्यक्ष (2026–27) प्रो. अनवर सानुसी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों और प्रतिनिधियों का सामूहिक फोटो सत्र आयोजित हुआ।

पहले दिन की कार्यवाही का शुभारंभ पूर्ण सत्र के साथ हुआ, जिसमें गवर्निंग बॉडी ने एजेंडे के अनुमोदन; वर्ष 2026–27 के लिए एपीओ अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के चुनाव; निवर्तमान एवं नवनियुक्त एपीओ अध्यक्षों के वक्तव्य; वार्षिक एवं वित्तीय रिपोर्टों को अपनाने; लेखा परीक्षकों की नियुक्ति; एपीओ विज़न 2030 संचालन समिति की सिफारिशों तथा वर्ष 2027–28 द्विवर्षीय अवधि के लिए एपीओ प्रारंभिक बजट से संबंधित एजेंडा मदों पर विचार किया गया।

उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात गवर्निंग बॉडी मीटिंग पुनः प्रारंभ हुई, जिसमें एपीओ प्रशासनिक सुधारों, वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों, गैर-सदस्य देशों की भागीदारी तथा एपीओ विज़न 2030 पहलों के क्रियान्वयन से संबंधित प्रस्तावों के अनुमोदन और प्रगति रिपोर्टों पर विचार-विमर्श किया गया।

68वीं एपीओ गवर्निंग बॉडी मीटिंग का समापन समारोह 22 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा।

एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) के बारे में:

एशियाई उत्पादकता संगठन एक प्रमुख अंतर-सरकारी संगठन है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग और नीतिगत समर्थन के माध्यम से सतत सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु उत्पादकता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 1961 में स्थापित एपीओ के वर्तमान में 21 सदस्य देश हैं।

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) के बारे में:

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डीपीआईआईटी के अधीन एक स्वायत्त संगठन है। यह भारत में परामर्श सेवाओं, प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से उत्पादकता संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

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पीके/केसी/आरके


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