पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
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प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उच्चस्तरीय समीक्षा की; इस दौरान सुधार, शिकायत निवारण, डिजिटल गवर्नेंस और कार्यान्वयन पर जोर दिया गया


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन ने समुद्रीय सुधारों को बढ़ावा दिया; केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 'समुद्री सुधार उत्सव' की घोषणा की

प्रधानमंत्री मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन से समुद्रीय सुधार के नए एजेंडे को बल मिला है : सर्बानंद सोनोवाल

समयबद्ध समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से समुद्री परियोजनाओं और प्रधानमंत्री की वैश्विक यात्राओं के परिणामों की त्वरित निगरानी के लिए समर्पित निगरानी तंत्र और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की आवश्यकता है : सर्बानंद सोनोवाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' (सुधारों की प्रक्रिया)  आगे बढ़ रहा है, हर सुधार से हमारे लोगों को वास्तविक लाभ मिलना चाहिए: सर्बानंद सोनोवाल

प्रविष्टि तिथि: 25 MAY 2026 9:21PM by PIB Delhi

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप भारत के समुद्री रूपांतरण (परिवर्तन) को गति देने के उद्देश्य से एक व्यापक सुधार-उन्मुख रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

बैठक में शासन को मजबूत करने, व्यापार करने में आसानी (ईओडीबी) में सुधार करने, डिजिटल एकीकरण को बढ़ाने, प्रभावी शिकायत निवारण और एक संरचित और जवाबदेह संस्थागत तंत्र के माध्यम से प्रमुख समुद्री उपक्रमों के समयबद्ध कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के समुद्री क्षेत्र की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डालते हुए श्री सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की कि मंत्रालय राष्ट्रव्यापी 'समुद्री सुधार उत्सव' मनाकर समुद्रीय सुधारों और विकास के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएगा। यह पहल बंदरगाहों, जहाजरानी, अंतर्देशीय जलमार्गों, तटीय अवसंरचना, हरित नौवहन, डिजिटलीकरण और समुद्री संपर्क के क्षेत्र में भारत की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगी, जो एक अग्रणी वैश्विक समुद्री राष्ट्र के रूप में देश के उदय को दर्शाती है।

केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के समुद्री क्षेत्र ने 'सुधार(रिफॉर्म), प्रदर्शन(परफॉर्म), रूपांतरण(ट्रांसफॉर्म) और सूचना (इनफॉर्म) के मंत्र के माध्यम से अभूतपूर्व परिवर्तन का अनुभव किया है।  समुद्री सुधार उत्सव भारत के एक आधुनिक, कुशल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री शक्ति बनने की यात्रा का उत्सव मनाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को शिकायत, अदालती मामले, कानूनी मामले और मंत्रालय से संबंधित सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र निपटान के लिए एक संरचित और समयबद्ध तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया। समय-समय पर समीक्षा करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सभी लंबित मामलों के समय पर समाधान को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित निगरानी और समन्वय समिति का गठन करने के निर्देश दिए।  नागरिक-केंद्रित शासन और भागीदारों के प्रति जवाबदेही पर जोर देते हुए श्री सोनोवाल ने कहा कि शिकायत निवारण प्रणालियों को केवल प्रक्रियात्मक निपटान पर ही नहीं, बल्कि वास्तविक जमीनी स्तर पर समाधान पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। श्री सोनोवाल ने विभागों को निगरानी ढांचे को मजबूत करने और सभी सार्वजनिक अभिवेदनों और भागीदरों  की चिंताओं पर प्रभावी अनुवर्ती (फॉलोअप) कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डिजिटल शासन और व्यापार करने में आसानी (ईओडीबी) की दिशा में एक बड़े कदम के तहत मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय के तत्वावधान में एक एकीकृत डिजिटल प्लैटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने का भी निर्णय लिया है। प्रस्तावित प्लैटफॉर्म एक एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से बेहतर हितधारक इंटरफेस, वास्तविक समय सेवा वितरण, डिजिटल प्रलेखन, शिकायत निवारण और एकीकृत समुद्री सेवाएं प्रदान करेगा।

बैठक में पिछले 12 वर्षों के दौरान समुद्री क्षेत्र में हासिल की गई प्रगति की व्यापक समीक्षा और गैप एनालिसिस करने का भी संकल्प लिया गया। यह अभ्यास त्वरित नीतिगत हस्तक्षेप, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और क्षमता वृद्धि की आवश्यकता वाले प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करते हुए 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप चल रहे सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास का आकलन करेगा।

श्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रमुख समुद्री और रसद परियोजनाओं के त्वरित निर्णय लेने और सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालयों, राज्य सरकारों, बंदरगाह प्राधिकरणों, समुद्री संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों के बीच मजबूत समन्वय के महत्व पर जोर दिया। श्री सर्बानंद सोनोवाल  ने अधिकारियों को नीति के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी के लिए अंतर-मंत्रालयी समन्वय तंत्र और संस्थागत परामर्श को बढ़ाने का निर्देश दिया।

केंद्रीय मंत्री ने पारदर्शिता, ज्ञान-साझाकरण और क्षेत्रीय समन्वय में सुधार के लिए परामर्श बैठकों में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, राज्य सरकारों, बंदरगाह प्राधिकरणों और संबद्ध हितधारकों की अधिक भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सोनोवाल ने कहा कि उभरती चुनौतियों से निपटने और भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था की पूरी क्षमता को उजागर करने के लिए सहयोगात्मक शासन और निरंतर संवाद आवश्यक हैं।

समुद्री क्षेत्र की तेजी से बदलती जरूरतों को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री सोनोवाल ने विभागों को कौशल विकास, क्षमता निर्माण और विशेष समुद्री प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने का निर्देश दिया। श्री सोनोवाल ने भविष्य की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, डेटा प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स एकीकरण और उभरती समुद्री प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता विकसित करने के महत्व पर जोर दिया।

बैठक में समुद्री क्षेत्र में परिचालन दक्षता, पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रणालियों और डेटा-संचालित शासन का लाभ उठाने पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। श्री सोनोवाल ने अधिकारियों को तकनीकी एकीकरण में तेजी लाने और बेहतर निगरानी और नीतिगत परिणामों के लिए संस्थागत डेटा-साझाकरण तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया।

समय पर कार्यान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए श्री सोनोवाल ने सभी विभागों को व्यापक परिणाम-आधारित लक्ष्यों के साथ आवधिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की प्रत्येक पहल की निगरानी स्पष्ट रूप से परिभाषित समयसीमा, प्रदर्शन संकेतकों और सतत मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से की जानी चाहिए।

प्रभावी  जनसंचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री सोनोवाल ने अधिकारियों को मंत्रालय की उपलब्धियों, सुधारों और अवसरों के व्यापक प्रसार के लिए भागीदारों तक पहुंच और मीडिया से जुड़ाव के प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने का निर्देश दिया। श्री सोनोवाल ने ज्यादा से ज्यादा लोगों, विशेष रूप से युवाओं से जुड़ने के लिए डिजिटल अभियानों, लघु वीडियो, ग्राफिक्स, रील (शॉर्ट विडियो), संस्थागत पहुंच और जागरूकता कार्यक्रमों का उपयोग करते हुए नवीन संचार रणनीतियों को अपनाने आह्वान किया।

श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के समुद्री क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन को जनता तक पहुंचना चाहिए। हमारे सुधारों, अवसरों और उपलब्धियों को पारंपरिक और डिजिटल दोनों प्लैटफॉर्मों के माध्यम से प्रभावी ढंग से संप्रेषित किया जाना चाहिए ताकि युवा भारतीय समुद्री क्षेत्र को राष्ट्र निर्माण और रोजगार सृजन के लिए एक व्यापक मार्ग के रूप में देख सकें।

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री की हाल की पांच दिवसीय पांच देशों की यात्रा से उत्पन्न परिणामों, प्रतिबद्धताओं और रणनीतिक पहलों के संकलन, समीक्षा और अनुवर्ती कार्रवाई के लिए एक समर्पित निगरानी और समन्वय समिति के गठन का भी निर्देश दिया। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि इस यात्रा से प्राप्त होने वाले सभी प्रमुख परिणामों का समय पर कार्यान्वयन हो, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय हो और समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन सुधारों और कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंत्रालय के सभी विभागों को 'सुधार(रिफॉर्म), प्रदर्शन(परफॉर्म), रूपांतरण(ट्रांसफॉर्म) और सूचना (इनफॉर्म) के ढांचे के तहत कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान करने और कार्यप्रणालियों को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।

भागीदारों तक पहुंच और जनसंचार के महत्व पर जोर देते हुए  श्री सोनोवाल ने कहा कि परिवर्तनकारी सुधारों और पहलों को डिजिटल अभियानों और नवीन संचार मंचों के माध्यम से प्रभावी ढंग से संप्रेषित किया जाना चाहिए। सोनोवाल ने समुद्री क्षेत्र में तेजी से निष्पादन, जवाबदेही और बेहतर सेवा वितरण का आह्वान करते हुए 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ अधिक समन्वय, संरचित निगरानी और परिणाम-उन्मुख शासन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

श्री सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया कि पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन, समुद्री विकास और समावेशी राष्ट्रीय विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप एक सक्रिय, जवाबदेह और सुधार-उन्मुख कार्य संस्कृति के साथ काम करना जारी रखना चाहिए।

 

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पीके/केसी/आरकेजे


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