पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली में 18 ‘नमो ऑक्सीजन पार्कों’ का उद्घाटन किया; केंद्र और दिल्ली सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर कई हरित पहलों की शुरुआत की


श्री भूपेंद्र यादव ने वैश्विक पर्यावरण क्षेत्र में भारत के नेतृत्व पर चर्चा करते हुए सामुदायिक नेतृत्व वाले पारिस्थितिक संरक्षण का आह्वान किया

इस वर्ष दिल्ली में 15 लाख पेड़ लगाए जाएंगे; मुख्यमंत्री ने हरित आवरण बढ़ाने में जनभागीदारी पर बल दिया

वैज्ञानिक पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए कार्ययोजना, असोला भट्टी अभयारण्य प्रबंधन योजना और दिल्ली बर्ड एटलस जारी किया गया

प्रविष्टि तिथि: 05 JUN 2026 12:04PM by PIB Delhi

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली में 18 'नमो ऑक्सीजन पार्क' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान तहत कई पर्यावरण संबंधी पहलों की शुरुआत की गई। मैदनगढ़ी स्थित नमो ऑक्सीजन पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी हरियाली को बढ़ाने, वायु गुणवत्ता सुधारने और समुदाय की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

 

इस अवसर पर केंद्रीय केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, दिल्ली सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय व दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मानवता के समक्ष जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और भूमि क्षरण जैसी तीन बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि के मामले में विश्व भर में अग्रणी बनने, पीएम सूर्य घर योजना का कार्यान्वयन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना, अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) का शुभारंभ, रामसर आर्द्रभूमि स्थलों का विस्तार और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने जैसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी आवश्यक है। प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान ने वृक्षारोपण को कृतज्ञता, जिम्मेदारी और पर्यावरण चेतना पर आधारित एक जन-आंदोलन में बदल दिया है। उन्होंने नागरिकों से न केवल पेड़ लगाने, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए उनकी देखभाल और संरक्षण करने का भी आग्रह किया।

 

दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सहयोग से, सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और औद्योगिक प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है। इनमें ऑनलाइन निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) की स्थापना, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (एपीसीडी) की तैनाती, सड़कों की मशीनीकृत गहन सफाई और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना शामिल हैं।

 

उन्होंने बताया कि नमो वनों और इसी प्रकार की पारिस्थितिक संपत्तियों के विकास के माध्यम से देश भर में शहरी हरियाली बढ़ाने की पहल की जा रही है। इसी दिशा में, दिल्ली में अठारह नमो ऑक्सीजन पार्क विकसित और उद्घाटन किए गए हैं, जो शहरी हरित फेफड़ों के रूप में कार्य करेंगे और वायु गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता में वृद्धि लाने के साथ-साथ नागरिकों को मनोरंजन एवं प्रकृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इन पहलों की दीर्घकालिक सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। श्री यादव ने वनों, आर्द्रभूमि और घास के मैदानों के सामूहिक संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

 

 

इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार द्वारा तैयार की गई तीन महत्वपूर्ण पर्यावरण संबंधी प्रकाशनों का विमोचन भी हुआ:

 

  1. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए कार्य योजना दस्तावेज (2026-27 से 2036-37): दिल्ली में पर्यावरण शासन, संरक्षण और सतत विकास के लिए रणनीतियों और लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करने वाला एक दस वर्षीय ढांचागत दस्तावेज।
  2. असोला भट्टी वन्यजीव अभ्यारण्य के लिए प्रबंधन योजना (2024-25 से 2034-35): दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता अभ्यारण्यों में से एक के लिए एक व्यापक प्रबंधन खाका, जो अगले दशक में इसके संरक्षण, बहाली और सतत प्रबंधन के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है।
  3. दिल्ली बर्ड एटलस: दिल्ली के पक्षी जगत पर डेटा का एक महत्वपूर्ण संकलन, जिसे शहर भर के पक्षी प्रेमियों, प्रकृतिवादियों और स्वयंसेवकों को शामिल करते हुए व्यापक नागरिक विज्ञान प्रयास के माध्यम से तैयार किया गया है।

 

श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ये दस्तावेज तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के बीच शहरी पारिस्थितिक तंत्र के सूचित प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि संरक्षण और सतत विकास का समर्थन करके राजधानी में पर्यावरण शासन को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेंगे।

 

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए हरित क्षेत्र बढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष पूरे शहर में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के साथ-साथ वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए भी सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है।

 

 

इस अवसर पर, गणमान्य व्यक्तियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई और 'धूल-मुक्त दिल्ली' पहल के अंतर्गत विभिन्न स्थानीय घासों और झाड़ियों की प्रजातियों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। दिल्ली बर्ड एटलस में योगदान देने वाले नागरिक समाज संगठनों को इस कार्यक्रम में मान्यता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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पीके/केसी/बीयू/ओपी


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