सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने शीर्ष श्रेणी की शिक्षा योजना के तहत छात्रों की सफलता का उल्लेख किया
इस योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसरों के माध्यम से छात्रों को सशक्त बनाकर राष्ट्र के मजबूत और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है
प्रविष्टि तिथि:
15 JUN 2026 12:58PM by PIB Delhi
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का शिक्षा और अवसरों के माध्यम से वंचित समुदायों को सशक्त बनाकर समावेशी विकास को आगे बढ़ाने का कार्य जारी है। मंत्रालय अपनी लक्षित पहलों के माध्यम से, अधिक न्यायसंगत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे रहा है।
प्रतिभाओं को सशक्त बनाना, अवसरों का विस्तार और राष्ट्र का निर्माण करना।
देश भर में अनुसूचित जाति के प्रतिभाशाली युवा छात्र शीर्ष श्रेणी की शिक्षा योजना के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदल रहे हैं। प्रमुख संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाकर, यह योजना छात्रों को पेशेवर, नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और उद्यमी बनाकर भारत के विकास में योगदान दे रही है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए शुरू की गई शीर्ष शिक्षा योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले मेधावी छात्रों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों और अन्य प्रमुख संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक अधिक पहुंच प्राप्त हो।
यह योजना शिक्षण शुल्क, रहने-खाने का खर्च, किताबें, कंप्यूटर और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए व्यापक शैक्षिक कवरेज प्रदान करती है, जिससे छात्रों को आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ उत्कृष्टता में मदद मिलती है।
पिछले कुछ वर्षों में, यह योजना शैक्षिक सशक्तिकरण के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरी है, जिससे छात्रों को विभिन्न विषयों में उत्कृष्टता प्राप्त करने और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अवसर मिल रहे हैं।
शैक्षिक सशक्तिकरण का बढ़ता प्रभाव
वर्ष 2007-08 में अपनी शुरूआत के बाद से इस योजना का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। योजना के तहत सहायता प्राप्त छात्रों की संख्या वर्ष 2007-08 में 195 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,742 हो गई है। इसी अवधि में, योजना के तहत वार्षिक व्यय 2.17 करोड़ रुपए से बढ़कर 117.19 करोड़ रुपए हो गया है।
आज, इस योजना के तहत सहायता प्राप्त छात्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईआईटी), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) जैसे राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
यह योजना न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच को सुगम बना रही है, बल्कि छात्रों को उन्नत कौशल हासिल करने, अनुसंधान करने, नवाचार अपनाने और अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए भी सक्षम बना रही है।
प्रौद्योगिकी और नवाचार में उत्कृष्टता का सृजन
आधुनिक अर्थव्यवस्था में प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे गतिशील अवसरों में से एक है, और इस योजना के तहत सहायता प्राप्त छात्र इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। हजारों छात्रों को इस योजना से लाभ हुआ है, सफलता की कुछ कहानियां नीचे दी गई हैं:

श्री अमुल शतुरिया ने इस योजना के तहत आईआईआईटी इलाहाबाद से सूचना प्रौद्योगिकी में बी.टेक की पढ़ाई की। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी परियोजनाओं और कौशल विकास के माध्यम से उपलब्ध अवसरों ने उन्हें अपनी पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करने और एक अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी में 56 लाख रुपए का वार्षिक पैकेज प्राप्त करने में सक्षम बनाया। एक गरीब स्कूल बस कंडक्टर के पुत्र होने के बावजूद अमुल शतुरिया की उपलब्धि दर्शाती है कि यह योजना प्रतिभाशाली छात्रों को प्रौद्योगिकी-आधारित क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बना रही है।

सुष्मिता पोथुराजु ने आईआईआईटी इलाहाबाद में अपनी पढ़ाई के दौरान अकादमिक, कोडिंग इंटर्नशिप और नेतृत्व संबंधी अवसरों का भरपूर लाभ उठाया। अमेज़न में 45 लाख रुपए का वार्षिक पैकेज उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति और उत्कृष्टता एवं व्यावसायिक उपलब्धि को बढ़ावा देने में इस योजना की भूमिका को दर्शाता है।
सफलता की ये कहानियां दर्शाती हैं कि शैक्षिक अवसर, दृढ़ संकल्प और प्रतिभा साथ मिलकर व्यावसायिक क्षेत्र में उत्कृष्टता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
राष्ट्र निर्माण के क्षेत्रों में भागीदारी को मजबूत करना
इस योजना का प्रभाव भारत के विकास पथ के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी समान रूप से दिखाई देता हैं।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली और आईआईटी पलक्कड़ की सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा सुश्री थंबल्ला सिंधु ने इस योजना के तहत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए व्यावसायिक शिक्षा और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त किया। बाद में उनका चयन भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक, लार्सन एंड टर्बो कंस्ट्रक्शन में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में हुआ।

आईआईटी पलक्कड़ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और अपने समुदाय के पहले पीढ़ी के छात्र श्री नालन एस को रक्षा मंत्रालय के अधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में नौकरी मिली।
नालन एस की उपलब्धि दर्शाती है कि यह योजना रणनीतिक क्षेत्रों और तकनीकी प्रगति में योगदान देने वाले कुशल पेशेवरों को तैयार करने में मदद कर रही है।
ये उपलब्धियां भारत की अवसंरचना, विनिर्माण, रक्षा और तकनीकी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम कुशल कार्यबल के निर्माण में योजना के योगदान को उजागर करती हैं।
विविध व्यावसायिक क्षेत्रों में सक्षम बनाना
इस योजना का दायरा इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी से कहीं अधिक व्यापक है। सुश्री बोग्गिती शाइनी जैस्पर ने बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट से पीजीडीएम की उपाधि प्राप्त की है।

इस योजना के माध्यम से मिले अवसरों ने उन्हें अकादमिक अध्ययन, इंटर्नशिप और पेशेवर विकास पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कॉर्पोरेट क्षेत्र में नौकरी मिली। उनकी कहानी इस बात को उजागर करती है कि यह योजना छात्राओं सहित सभी छात्रों के लिए पेशेवर उन्नति को सुगम बनाने और भविष्य में नेतृत्व के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

श्री ऋषभ भास्कर लाडे ने, मुंबई स्थित महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी (ऑनर्स) कार्यक्रम का अध्ययन किया। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, आईडीबीआई बैंक में सहायक कानूनी प्रबंधक के पद पर उनकी नियुक्ति हुई। उनकी उपलब्धि दर्शाती है कि यह योजना प्रतिभाशाली छात्रों को विधि, बैंकिंग और शासन के क्षेत्र में सफल करियर बनाने में सक्षम बना रही है।
ये उदाहरण विविध विषयों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और इस योजना की पेशेवर करियर का मार्ग प्रशस्त करने की क्षमता को प्रदर्शित करते हैं।
रचनात्मकता, उद्यमिता और अनुसंधान को बढ़ावा देना
यह योजना छात्रों को नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
अहमदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की छात्रा सुश्री वर्तिका सोनकर ने इस योजना के माध्यम से मिले अवसरों का उपयोग अपनी डिजाइन विशेषज्ञता और रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के लिए किया।

आज, उन्होंने एक पेशेवर आभूषण डिजाइनर के रूप में अपनी पहचान बना ली है और प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ काम किया है। उनकी यात्रा दर्शाती है कि यह योजना रचनात्मक क्षेत्रों में प्रतिभाओं को समर्थन देती है और छात्रों की उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करती है।
इस योजना के लाभार्थी अनुसंधान और नवाचार तथा ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

श्री चिंतला संजय ने एआई और मशीन लर्निंग अनुप्रयोगों में अपने कार्य के माध्यम से अकादमिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है, जिसमें स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकियों से संबंधित अनुसंधान भी शामिल है। ये उपलब्धियां योजना के तहत समर्थित छात्रों के नवाचार-संचालित क्षेत्रों में बढ़ते योगदान को दर्शाती हैं।
कई विद्वान उन्नत शैक्षणिक अनुसंधान को आगे बढ़ा कर भारत के ज्ञान इकोसिस्टम में योगदान दे रहे हैं और देश की नवाचार क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।
आकांक्षा और उपलब्धि की संस्कृति का विकास करना।
शैक्षिक उपलब्धि और पेशेवर सफलता के अलावा, यह योजना आकांक्षा, आत्मविश्वास और सफलता की संस्कृति को आगे बढ़ा रही है।
इस योजना के तहत सहायता प्राप्त छात्र अकादमिक, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और व्यावसायिक विकास के क्षेत्रों में अधिक एकाग्रता और दृढ़ संकल्प के साथ अवसरों का लाभ उठा रहे हैं। उनकी उपलब्धियां भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और अवसरों के विस्तार और प्रतिभा के विकास में शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका को सुदृढ़ करती हैं।
इसका प्रभाव व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं अधिक मजबूत परिवारों, अधिक महत्वाकांक्षी समुदायों और अधिक कुशल और आत्मविश्वासी कार्यबल के विकास में योगदान देता है।
समावेशी और विकसित भारत का निर्माण
अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए शीर्ष श्रेणी की शिक्षा योजना सरकार की शैक्षिक सशक्तिकरण, समावेशन और समान अवसर के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस योजना के तहत सहायता प्राप्त छात्रों की उपलब्धियां दर्शाती हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रतिभा और नवाचार को प्रोत्साहन देकर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग से लेकर कानून, प्रबंधन, डिजाइन और अनुसंधान तक, ये छात्र भारत को ज्ञान-आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाने की दिशा में योगदान दे रहे हैं।
इस योजना की प्रत्येक उपलब्धि प्रतिभा, अवसर और दृढ़ संकल्प के सफल संगम का प्रतीक है। योजना के विस्तार के साथ-साथ यह आत्मविश्वास से भरे पेशेवरों, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों की नई पीढ़ी के विकास में सहायक सिद्ध हो रही है, जिनका योगदान एक विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के भविष्य को आकार देगा।
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पीके/केसी/जेके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2272934)
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