इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
एमईआईटीवाई ने ‘आईटी सेवा उद्योग में एआई आधारित बदलाव को समर्थन प्रदान करने’ के संबंध में उद्योग जगत के साथ परामर्श बैठक की
नौकरियों की हानि की चिंता के बजाय नए कौशल सीखने, कौशल के उन्नयन, प्रतिभाओं के विकास और तकनीक को उन्नत करने पर ध्यान देना जरूरी: एमईआईटीवाई सचिव
प्रविष्टि तिथि:
15 JUN 2026 7:03PM by PIB Delhi
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने केरल के कोच्चि में ‘आईटी सेवा उद्योग में एआई आधारित बदलाव को समर्थन प्रदान करने’ के संबंध में उद्योग जगत के साथ एक परामर्श बैठक का आयोजन किया। इस परामर्श बैठक की अध्यक्षता एमईआईटीवाई के सचिव श्री एस. कृष्णन, आईएएस ने की और इसका आयोजन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई), कोच्चि ने किया।

इस बैठक में एमईआईटीवाई एवं केरल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने एआई आधारित बदलाव के जरिए भारत के आईटी सेवा क्षेत्र को एआई सेवा उद्योग में बदलने की प्रक्रिया को तेज करने हेतु मौजूदा चुनौतियों, विकास के अवसरों और सरकार की ओर से सहायता और हस्तक्षेप पर चर्चा की।
भारत का आईटी उद्योग प्रतिवर्ष लगभग 246 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात करता है और इसमें करीब 6 मिलियन पेशेवर काम करते हैं, जिससे यह भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे अहम सेक्टरों में से एक बन गया है। आईटी एवं बीपीएम प्रक्रियाओं में जेनरेटिव एआई तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और कंपनियां बेहतर उत्पादकता एवं लागत को कम करने हेतु इसका सदुपयोग कर रही हैं। ग्राहकों की अपेक्षाएं भी अब सिर्फ प्रक्रियात्मक प्रबंधन (प्रोसेस मैनेजमेंट) से आगे बढ़कर समग्र बदलाव (एंड-टू-एंड ट्रांसफॉर्मेशन) संबंधी उपायों की दिशा में बढ़ रही हैं। इससे बीएफएसआई, स्वास्थ्य सेवा, मैन्यूफैक्चरिंग और रिटेल जैसे सेक्टर में नए कौशल और खास विशेषज्ञता से जुड़ी नौकरियों की मांग बढ़ रही है।
इस परामर्श बैठक में निम्नलिखित मुख्य विषयों पर चर्चा की गई:
- आईटी सेवा उद्योग खुद को सेवाओं की आपूर्ति और ग्राहकों की अपेक्षाओं के मामले में एआई आधारित बदलावों के अनुरूप कैसे ढाल रही है।
- वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने हेतु भारतीय आईटी/बीपीएम में कार्यरत श्रमशक्ति को एआई और डिजिटल तकनीक में बड़े पैमाने पर कौशल के उन्नयन एवं नए कौशल सीखने की जरूरत।
- एआई, जेनएआई, एजेंटिक एआई, ऑटोमेशन, एनालिटिक्स एवं क्लाउड टेक्नोलॉजी में निवेश और एआई-संचालित उत्पादों, को-पायलट्स एवं ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म का विकास।
- रोजगार सृजन और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने हेतु नए एवं उभरते आईटी हब में आईटी/बीपीएम आधारित कामकाज का विस्तार।
इस परामर्श का उद्देश्य नए कौशल सीखने, प्रतिभाओं के विकास और तकनीक को उन्नत करने की दिशा में उद्योग जगत के प्रयासों का आकलन करना था और यह समझना था कि सरकार इस सेक्टर के बदलाव की यात्रा में कैसे मदद कर सकती है।
इस परामर्श के दौरान, एमईआईटीवाई के सेक्रेटरी श्री एस. कृष्णन ने कहा, “एआई के अनुप्रयोगों के विकास और उन्हें लागू करने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। भारत दुनिया को यही दे सकता है। अब नौकरियों की हानि की चिंता के बजाय नए कौशल सीखने, कौशल के उन्नयन, टैलेंट प्रतिभाओं के विकास और तकनीक को उन्नत करने में निवेश करने पर ध्यान देना चाहिए।”
यह परामर्श बैठक मार्च 2024 में केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किए गए इंडियाएआई मिशन के अनुरूप है और इंडियाएआई एप्लीकेशन डेवलपमेंट तथा इंडियाएआई फ़्यूचरस्किल्स पहल के तहत किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाता है।
इस परामर्श बैठक में एमईआईटीवाई के संयुक्त सचिव श्री के.के. सिंह; केरल सरकार के आईटी सचिव; एमईआईटीवाई के एसआईपीडी प्रभाग के निदेशक एवं प्रमुख श्री राजेश्वर सिंह जेनवार; एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार; एसटीपीआई कोच्चि के निदेशक श्री गणेश नायक; एमईआईटीवाई के वैज्ञानिक ई श्री विश्वास श्रीवास्तव; और आईटी उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह परामर्श बैठक आईटी सेक्टर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत सहायता तैयार करने के उद्देश्य से उद्योग जगत के साथ चल रहे एमईआईटीवाई के संवाद का एक हिस्सा है।
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पीके/केसी/आर /डीके
(रिलीज़ आईडी: 2273253)
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