भारत को विश्व की रचनात्मक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के आह्वान के साथ हुआ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का उद्घाटन
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने भारत की तेजी से बढ़ती मीडिया अर्थव्यवस्था, वैश्विक कथावाचन क्षमता तथा रचनाकार-संचालित भविष्य को रेखांकित किया
भारत के वृत्तचित्र, लघु कथा एवं एनीमेशन फिल्मों के प्रमुख महोत्सव, मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) के 19वें संस्करण का उद्घाटन सोमवार शाम मुंबई के दादर स्थित रवीन्द्र नाट्य मंदिर में सिनेमाई उत्कृष्टता, सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक नवाचार के भव्य उत्सव के बीच किया गया।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने महोत्सव का उद्घाटन किया और मुख्य वक्तव्य दिया, जिसने सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन की दिशा निर्धारित करते हुए भारत को कथावाचन, सामग्री सृजन और रचनात्मक उद्यमिता के उभरते वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मुरुगन ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मीडिया और मनोरंजन पारितंत्र की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज भारत को विश्वभर में एक रचनात्मक महाशक्ति और सामग्री सृजन के क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में मान्यता प्राप्त है। हमारी कहानियों में महाद्वीपों के पार दर्शकों को प्रेरित करने की क्षमता है, जबकि हमारी रचनात्मक प्रतिभा का आधार अपने व्यापक आकार और क्षमता के कारण अद्वितीय है।”
मंत्री महोदय ने कहा, “भारत का मीडिया और मनोरंजन उद्योग वर्ष 2025 में 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जिसका प्रमुख कारण तीव्र डिजिटल रूपांतरण और सामग्री उपभोग में विस्तार रहा। डिजिटल मीडिया उद्योग का सबसे बड़ा खंड बन चुका है और इसने पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का आंकड़ा पार किया है।” उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र के वर्ष 2028 तक 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें 7 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) रहने की संभावना है। साथ ही, अकेले वर्ष 2025 में ही भारत में 1,900 से अधिक फिल्में प्रदर्शित हुईं, जिससे सिनेमाघर आधारित राजस्व में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
मुंबई को भारत की रचनात्मक राजधानी बताते हुए उन्होंने वर्ष 2025 में शहर में आयोजित वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स) की सफलता का उल्लेख किया और कहा कि एमआईएफएफ जैसे मंच भारत को विश्व का अग्रणी रचनाकार केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वृत्तचित्र फिल्म निर्माताओं को निर्माताओं, वितरकों, उद्योग विशेषज्ञों और वैश्विक दर्शकों से जोड़ने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में उभर रहे वेव्स डॉक बाज़ार के बढ़ते महत्व पर चर्चा करते हुए डॉ. मुरुगन ने कहा कि यह पहल उभरती प्रतिभाओं और स्थापित पेशेवरों के बीच की दूरी को कम करने में मदद कर रही है, साथ ही प्रभावशाली वृत्तचित्रों के निर्माण और उनके अंतरराष्ट्रीय वितरण को भी सक्षम बना रही है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएफडीसी) तथा महोत्सव से जुड़े सभी हितधारकों को बधाई देते हुए डॉ. मुरुगन ने विश्वास व्यक्त किया कि एमआईएफएफ 2026 नवाचार, रचनात्मकता और सहयोग के माध्यम से मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री आशीष शेलार ने विश्वभर से आए प्रतिभागियों का मुंबई में स्वागत किया और रचनात्मक उद्योगों को समर्थन देने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुंबई में प्रथम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए भारत सरकार की सराहना करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार के सहयोग से शहर में एक मीडिया हब स्थापित करने की योजना बना रही है। श्री शेलार ने वर्ष 2025 में मुंबई में आयोजित वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स) की पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भी सराहना की।
इससे पहले, उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री चंचल कुमार ने एमआईएफएफ को विचारों के मुक्त आदान-प्रदान और रचनात्मक अभिव्यक्ति में भारत की चिरस्थायी सभ्यतागत आस्था के उत्सव के रूप में वर्णित किया। ऋग्वेद के कालजयी मंत्र “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” (सभी दिशाओं से हमारे पास श्रेष्ठ विचार आएँ) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह महोत्सव विश्वभर की फिल्मों, विचारों और रचनाकारों को एक मंच पर लाता है। सचिव महोदय ने यह भी कहा कि एमआईएफएफ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘क्रिएट इन इंडिया’ दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है, क्योंकि यह उन फिल्म निर्माताओं को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है जो गहन वास्तविकताओं का अन्वेषण करने और उन्हें प्रभावशाली सिनेमाई कथाओं के माध्यम से प्रस्तुत करने का साहस रखते हैं।
जयदीप अहलावत को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया
संध्या के प्रमुख आकर्षणों में से एक भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रख्यात अभिनेता जयदीप अहलावत को सम्मानित किया जाना रहा। यह सम्मान डॉ. एल. मुरुगन ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदान किया।
सम्मान प्राप्त करते हुए जयदीप अहलावत ने आभार व्यक्त किया और कहा कि एमआईएफएफ जैसे महोत्सव सार्थक कथावाचन के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा मुख्यधारा की कथाओं से परे सिनेमाई अभिव्यक्तियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उद्घाटन फिल्मों के कलाकारों और निर्माता दल को सम्मानित किया गया
समारोह में महोत्सव की उद्घाटन फिल्मों के रचनात्मक दलों का भी सम्मान किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित लघु फिल्म ‘अगापितो’ और वृत्तचित्र ‘टाइम एंड वॉटर’ के प्रतिनिधियों को मंच पर सम्मानित किया गया।
‘अगापितो’ से अभिनेता एंटन नोलास्को और कास्टिंग डायरेक्टर मा. क्रिस्टीना साइमन को सम्मानित किया गया, जबकि ‘टाइम एंड वॉटर’ से जुड़ी नेशनल ज्योग्राफिक और जियोस्टार की टीमों के सदस्यों को भी प्रभावशाली वैश्विक कहानियों को दर्शकों तक पहुँचाने के लिए सम्मानित किया गया।
जूरी सदस्यों का सम्मान
उद्घाटन समारोह के एक अन्य वर्ग में महोत्सव ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता जूरी, राष्ट्रीय प्रतियोगिता जूरी तथा फिप्रेसी जूरी के सदस्यों का औपचारिक स्वागत और सम्मान किया।
जूरी पैनलों में भारत और विश्वभर के फिल्म निर्माता, समीक्षक, विद्वान, प्रोग्रामर तथा मीडिया पेशेवर शामिल हैं, जिन्हें महोत्सव में प्रदर्शित वृत्तचित्र, लघु कथा और एनीमेशन फिल्मों के विविध चयन का मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उद्घाटन समारोह में भारत की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करने वाली एक जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति भी पेश की गई। समारोह में प्रख्यात फिल्म निर्माता तथा आईएफएफआई 2026 के महोत्सव निदेशक श्री आशुतोष गोवारिकर, प्रसार भारती के अध्यक्ष श्री प्रसून जोशी, एनएफडीसी के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार जी, एमआईएफएफ के महोत्सव निदेशक एवं एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदूम, इंडियन डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईडीपीए) के अध्यक्ष श्री संस्कार देसाई, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधि, फिल्म निर्माता, जूरी सदस्य तथा भारत और विदेश से आए विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा साल में दो बार आयोजित तथा एनएफडीसी द्वारा क्रियान्वित किया जाने वाला यह सात दिवसीय महोत्सव फिल्म निर्माताओं, उद्योग पेशेवरों और सिनेमा प्रेमियों को समान रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करने का वादा करता है। इस वर्ष के संस्करण में क्षेत्रीय सिनेमाई अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करने और भारत की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाने के उद्देश्य से दो नए चयनित खंड — “मराठी फिल्में” और “ईकोज़ फ्रॉम द नॉर्थ-ईस्ट (पूर्वोत्तर की प्रतिध्वनियाँ)” — भी शामिल किए गए हैं।
भारत और विश्वभर से फिल्मों, विचारों और दृष्टिकोणों की असाधारण विविधता को एक मंच पर लाने वाले एमआईएफएफ के इस विशेष संकलन के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें Click here
19वें एमआईएफएफ 2026 के बारे में
दक्षिण एशिया के गैर-फीचर सिनेमा को समर्पित सबसे पुराने और सबसे बड़े फिल्म महोत्सव के रूप में मान्यता प्राप्त मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) लंबे समय से वृत्तचित्र, लघु कथा और एनीमेशन फिल्म निर्माण के एक जीवंत उत्सव के रूप में स्थापित है। वर्ष 1990 में स्थापित तथा भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित एमआईएफएफ एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो विश्वभर के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों को आकर्षित करता है।
एमआईएफएफ का 19वाँ संस्करण एक गहन और समृद्ध सिनेमाई अनुभव प्रदान करने का वादा करता है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिल्मों के सुविचारित चयन के साथ-साथ उद्योग-केंद्रित पहलों की एक आकर्षक श्रृंखला भी शामिल है।
- इस वर्ष महोत्सव के प्रतिस्पर्धी खंड के लिए भारत सहित 46 देशों से 1,459 फिल्मों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं।
- महोत्सव में 42 से अधिक भारतीय भाषाओं तथा भारत के बाहर की 30 से अधिक भाषाओं की फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है, जो इसकी वैश्विक पहुँच और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
- विश्वभर के प्रतिष्ठित फिल्म निर्माताओं की कृतियों को प्रस्तुत करते हुए, महोत्सव में उत्कृष्ट वृत्तचित्रों, लघु कथा फिल्मों, एनीमेशन फिल्मों, नवोदित निर्देशकों की फिल्मों तथा छात्र फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
- फिल्म प्रदर्शन के साथ-साथ, डॉक बाज़ार के दूसरे संस्करण, ज्ञानवर्धक मास्टरक्लासों तथा इंडियन डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईडीपीए) द्वारा आयोजित ओपन फोरम के माध्यम से महोत्सव में सिनेमाई और रचनात्मक संवाद को और अधिक समृद्ध बनाया जाएगा।
एमआईएफएफ 2026 में कथावाचन की जीवंत दुनिया में प्रवेश करें, जहाँ प्रभावशाली सिनेमा, रचनात्मक प्रतिभाएँ और प्रेरणादायी स्वर एक साथ मिलकर वृत्तचित्र, एनीमेशन और लघु कथा फिल्म निर्माण के अविस्मरणीय उत्सव का सृजन करते हैं।
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