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भारतीय रेल ने पूर्वी रेलवे पर सुरक्षा, विश्वसनीयता बढ़ाने और त्रुटियों का तेजी से पता लगाने के लिए 405 करोड़ रुपये की सिग्नल आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दी


अधिक भीड़भाड़ वाले और अत्यधिक उपयोग किए जाने वाले मार्गों पर 32 स्टेशनों पर रिले-आधारित इंटरलॉकिंग को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से प्रतिस्‍थापित किया जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 17 JUN 2026 1:55PM by PIB Delhi

सिग्नलिंग अवसंरचना के आधुनिकीकरण और रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय रेल ने पूर्वी रेलवे पर 405 करोड़ रुपये की सिग्नलिंग उन्नयन परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत 32 स्टेशनों पर रिले-आधारित इंटरलॉकिंग सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) सिस्टम से प्रतिस्‍थापित किया जाएगा। इसमें हाई डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) और हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (एचयूएन) मार्गों पर स्थित 25 पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई)/रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) स्टेशन और 7 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (आईबीएस) स्टेशन शामिल हैं।

यह परियोजना भारतीय रेलवे की व्यापक कार्यनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण मार्गों पर सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण करना और पूरे नेटवर्क में विश्वसनीयता, सुरक्षा और प्रचालनगत प्रदर्शन में सुधार करना है।

सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय ट्रेन प्रचालनों के लिए आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली

इन मार्गों पर विद्यमान कई सिग्नलिंग प्रणालियां पुरानी रिले प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं और पुरानी अवसंरचना के कारण प्रचालनगत संबंधी सीमाओं का सामना करती हैं। साफ और गंदे तारों का पृथक्करण न होना, पुराने बिजली आपूर्ति तंत्र, अनुचित अर्थिंग प्रणाली और पुराने सिग्नलिंग उपकरण जैसी समस्याओं के कारण रखरखाव की आवश्यकता बढ़ गई है और विफलता का जोखिम भी बढ़ गया है।

स्वीकृत परियोजना के तहत इन पुरानी प्रणालियों को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तकनीक से प्रतिस्थापित किया जाएगा, जो अधिक विश्वसनीयता, बेहतर सुरक्षा और तेजी से त्रुटि का पता लगाने की क्षमता प्रदान करती है।

विफलताओं को कम करने और प्रचालनगत दक्षता में सुधार के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम (ईआई) उन्नत डिजिटल प्रौ‍द्योगिकी का उपयोग करके ट्रेनों की आवाजाही और सिग्नलिंग संचालन को अधिक सटीकता और विश्वसनीयता के साथ नियंत्रित करते हैं। पारंपरिक रिले-आधारित प्रणालियों की तुलना में, ईआई सिग्नलिंग विफलताओं की संभावना को कम करता है, सिस्टम की उपलब्धता में सुधार करता है और त्रुटि‍ की स्थिति में त्वरित बहाली को सरल बनाता है।

आधुनिक सिग्नलिंग अवसंरचना देश के कुछ सबसे व्यस्त रेलवे गलियारों पर सुचारू ट्रेन संचालन में सहायता करेगी, साथ ही यात्री और माल ढुलाई दोनों सेवाओं के लिए सुरक्षा मानकों को बढ़ाएगी।

क्षमता संवर्धन और भविष्य की रेलवे प्रौद्योगिकियों की सहायता करना

यह परियोजना भारतीय रेल के उन निरंतर प्रयासों के अनुरूप है जिनका उद्देश्य उच्च घनत्व वाले मार्गों पर कवच, स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग और केंद्रीकृत यातायात नियंत्रण जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों की सहायता करने में सक्षम एक आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली का निर्माण करना है।

यह मंजूरी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, ट्रेन सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार और यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए एक सुरक्षित और अधिक कुशल रेलवे नेटवर्क प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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