सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय 19 जून 2026 को आगरा में "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" की व्यापक थीम के अंतर्गत पहला ब्रिक्स लघु एवं मध्यम उद्यम फोरम और तीसरी लघु एवं मध्यम उद्यम कार्य समूह की बैठक आयोजित करेगा


ब्रिक्स देशों द्वारा भविष्य के लिए तैयार लघु एवं मध्यम उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र पर विचार-विमर्श किया जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 18 JUN 2026 12:38PM by PIB Delhi

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा 19 जून 2026 को आगरा, उत्तर प्रदेश में "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" की व्यापक थीम के अंतर्गत प्रथम ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरी एसएमई कार्य समूह की बैठक आयोजित की जाएगी।

पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम की बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूएई, बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, ​​कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान, वियतनाम और भारत सहित ब्रिक्स सदस्य और ब्रिक्स सहयोगी देशों के नीति निर्माता, उद्योगपति, उद्यमी और अन्य प्रमुख हितधारक एक साथ आएंगे और वैश्विक एमएसएमई इकोसिस्‍टम को मजबूत करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श करेंगे।

भारत का लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र: आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को गति प्रदान करना

भारत का लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र, जिसमें 86 लाख से अधिक उद्यम शामिल हैं, देश की आर्थिक वृद्धि और विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 31.1 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है, विनिर्माण उत्पादन में 35.4 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है और भारत के निर्यात में 48.58 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है, साथ ही पूरे देश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करता है।

इन आंकड़ों के पीछे आकांक्षा, नवाचार, दृढ़ता और उद्यमिता की लाखों कहानियां छिपी हैं। पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण उद्यमों से लेकर उन्नत विनिर्माण इकाइयों और प्रौद्योगिकी-आधारित व्यवसायों तक, भारत का लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था की वास्तविक विविधता और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

ब्रिक्स देशों द्वारा भविष्य के लिए तैयार लघु एवं मध्यम उद्यम इकोसिस्‍टम पर विचार-विमर्श किया जाएगा

दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ होगा, जिसके बाद ब्रिक्स सदस्यों के तीसरे एसएमई कार्य समूह की बैठक "एमएसएमई इाकेसिस्‍टम का निर्माण - सतत जड़ों से वैश्विक मार्गों तक" विषय पर होगी।

इसके साथ ही, ब्रिक्स सदस्य देशों के निजी क्षेत्र के हितधारक (उद्योग संघ) 'एमएसएमई के लिए वित्त तक पहुंच', 'एमएसएमई के लिए प्रौद्योगिकी तक पहुंच' और 'स्थिरता उन्मुख एमएसएमई का विकास' पर विचार-विमर्श करेंगे।

इस फोरम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जो सरल भविष्य के लिए तैयार एमएसएमई इाकोसिस्‍टम को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं, नीतिगत अनुभवों और सफल केस स्टडीज को साझा करेंगे।

ब्रिक्स एसएमई फोरम से ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और एमएसएमई के विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने की उम्मीद है। यह फोरम सहभागी देशों को ज्ञान का आदान-प्रदान करने, उभरते अवसरों की पहचान करने और समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास में योगदान देने वाली साझेदारियां बनाने का अवसर भी प्रदान करेगा।

ब्रिक्स एमएसएमई फोरम, एमएसएमई को बजबूत बनाने और उन्हें तेजी से परस्पर जुड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था में आर्थिक लचीलापन, नवाचार और सतत विकास के प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करने के लिए ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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पीके/केसी/केएल/एमयू


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