सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति नामांकन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति के तहत 6,208 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड वितरण, जबकि मैट्रिक-पूर्व नामांकन में 143 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी
प्रविष्टि तिथि:
18 JUN 2026 4:27PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अपनी मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत पात्र अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति लाभों के कवरेज और वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 2021-22 में मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजना और अनुसूचित जाति एवं अन्य के लिए 2022-23 में मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व्यवस्था शुरू होने के बाद से केंद्र सरकार की सहायता और लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। डीबीटी ढांचे ने लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे धनराशि का हस्तांतरण सुनिश्चित करके छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को मजबूत किया है।
अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा 562.36 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई, जिससे डीबीटी के माध्यम से 26.79 लाख विद्यार्थियों को लाभ हुआ। यह 2022-23 में डीबीटी की शुरुआत के बाद से इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है।
इसी प्रकार, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा 6,208.08 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई, जिससे डीबीटी के माध्यम से 47.53 लाख विद्यार्थियों को लाभ हुआ। यह 2021-22 में डीबीटी को अपनाने के बाद से इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है।
चालू वित्तीय वर्ष में लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1 अप्रैल 2025 से 31 मई 2025 की अवधि में 2.36 लाख से बढ़कर 1 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 की इसी अवधि में 5.75 लाख हो गई है, जो 143.64 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।
इसी प्रकार, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1 अप्रैल 2025 से 31 मई 2025 की अवधि के दौरान 10.27 लाख से बढ़कर 1 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 की इसी अवधि के दौरान 16.63 लाख हो गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 61.92 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।
छात्रवृत्ति कवरेज और निधि वितरण में यह उल्लेखनीय वृद्धि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने और समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित करने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। ये उपलब्धियां प्रौद्योगिकी-संचालित सुधारों की सफलता और सुलभ व पारदर्शी कल्याणकारी प्रणालियों के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने के सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग छात्रवृत्रि कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से सामाजिक न्याय की पहलों को मजबूत करने और वंचित समुदायों के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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पीके/केसी/आईएम/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2274793)
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