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लेह में अंतर्राष्ट्रीय योग एवं ध्यान महोत्सव 2026 मनाया गया


राष्ट्रीय सोवा रिग्पा संस्थान में 'जन स्वास्थ्य के लिए योग को शामिल करने' पर संगोष्ठी

विशेषज्ञों ने समग्र स्वास्थ्य और सेहत को बढ़ावा देने में योग और सोवा रिग्पा की भूमिका के बारे में बताया

प्रविष्टि तिथि: 18 JUN 2026 9:03PM by PIB Delhi

अंतर्राष्ट्रीय योग एवं ध्यान महोत्सव 2026 के अंतर्गत लेह के राष्ट्रीय सोवा रिग्पा संस्थान (एनआईएसआर) ने महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर, लेह के साथ मिलकर "जन स्वास्थ्य के लिए योग को शामिल करना" विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की। इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों, प्रैक्टिशनर्स, प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने समग्र स्वास्थ्य और सेहत को बढ़ावा देने में योग और चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों की भूमिका पर चर्चा की।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान और उसके संग्रहालय के दौरे से हुई, जिसके बाद संगोष्ठी की कार्यवाही शुरू हुई। सभा को संबोधित करते हुए, एनआईएसआर के निदेशक डॉ. पद्म गुरमेट ने इस उत्‍सव के महत्व के बारे में बताया और निवारक स्वास्थ्य सेवा तथा जन स्वास्थ्य पहलों को सुदृढ़ करने के लिए सोवा रिग्पा के साथ योग को जोड़ने पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि डॉ. ईश्वर वी. बसवरड्डी, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के पूर्व निदेशक ने समग्र स्वास्थ्य और सेहत में योग की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। वेन. भिक्षु संघसेन ने ध्यान, करुणा और आंतरिक स्वास्थ्य की चर्चा करते हुए बताया कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में ये महत्वपूर्ण हैं।

संगोष्ठी में “योग के माध्यम से भावनात्मकरूप से दृढ़ बनना,” “भावनात्मक फिटनेस: भविष्य के लिए एक कौशल,” और “सोवा रिग्पा के साथ योग को जोड़ना” विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें शारीरिक, भावनात्मक और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में योग के अलग-अलग पहलुओं के बारे में बताया गया।

यह संगोष्ठी, संयुक्त राष्ट्र के 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के लिए 15 से 21 जून तक लद्दाख में पूरे सप्ताह चलने वाले अंतरराष्ट्रीय योग एवं ध्यान महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित की गई थी। इस महोत्सव में योगाथॉन, ध्यान सत्र, युवा जनसंपर्क कार्यक्रम तथा लद्दाख के प्रतिष्ठित स्थलों पर आयोजित योग कार्यक्रम शामिल हैं।

इस उत्सव की प्रमुख विशेषताओं में दुनिया की सबसे ऊंची सैन्य तैनातियों में से एक सियाचिन बेस कैंप और पैंगोंग झील में होने वाले विशेष योग सत्र शामिल हैं। ये योग का सार्वभौमिक संदेश देते हैं और लद्दाख को स्वास्थ्य, ध्यान तथा समग्र जीवनशैली के लिए एक विशिष्ट गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

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