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"पेरिस में विवाटेक 2026 के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ"

प्रविष्टि तिथि: 18 JUN 2026 7:00PM by PIB Delhi

 सम्‍मानित अतिथिगण,

नवप्रवर्तक, उद्योग जगत के अग्रणी नेतागण, प्रौद्योगिकी के उत्साही साथियों, स्टार्टअप जगत से जुड़े लोगों, देवियो और सज्जनो,

नमस्कार।

बों जू,

विवाटेक के दसवें संस्करण में पेरिस आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी आयोजन है। विवाटेक की सफलता के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों और इसके आयोजकों को बधाई देता हूँ।

मित्रो,

वर्ष 2026 भारत और यूरोप—दोनों के लिए एक विशेष वर्ष है। वर्ष की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया। यह समझौता हमारे व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा। साथ ही, यह प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के आदान-प्रदान के लिए अनेक द्वार खोलेगा।         

इस वर्ष भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष के शुभारंभ के साथ, फ्रांस एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा रहा है, जो भारत और यूरोप के प्रौद्योगिकी इको-सिस्‍टम को करीब ला रहा है। कुछ दिन पहले नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ से लेकर आज पेरिस में आयोजित विवाटेक तक, हमारे स्टार्टअप अनेक नई साझेदारियाँ स्थापित कर रहे हैं।

मित्रो,

वर्ष 2021 में, जब मैंने विवाटेक को संबोधित किया था, तब दुनिया कोविड-19 महामारी की वजह से उत्‍पन्‍न विध्‍नों का सामना कर रही थी। आज, दुनिया अलग तरह के विध्‍नों का सामना कर रही है। और मैं वही बात दोहराना चाहता हूँ जो मैंने तब विवाटेक 2021 में कही थी: जब पारंपरिक तरीके विफल हो जाते हैं, तब नवाचार मदद कर सकता है।   

मित्रो,

पिछले दशक में, टेक्नोलॉजी की ताकत से भारत ने तेज़ी से बदलाव अनुभव किया है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली बनाने से लेकर विश्व के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान मंचों में से एक के विकास तक, हम वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, कृषि और अनेक अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

डिजिटल भुगतान पर ही गौर करिए। हमारे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस या यूपीआई के कारण आज दुनिया में होने वाले वास्तविक समय के कुल डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा भारत में होता है। अब आप फ्रांस में भी—एफिल टॉवर और पेरिस हवाई अड्डे जैसे स्थानों पर—यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं।

हमारे पास विश्वस्तरीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के ऐसे अनेक उदाहरण हैं। डिजिलॉकर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल दस्तावेज़ भंडार में से एक है। डिजिलॉकर के माध्यम से 70 करोड़ (700 मिलियन) उपयोगकर्ता कभी भी, कहीं भी मूल स्रोत से प्रमाणित दस्तावेज़ प्राप्त कर सकते हैं। हमने डिजिलॉकर मंच पर 2,000 से अधिक मानक दस्तावेज़ों को एकीकृत किया है। इसके कारण अब भारत में ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र जैसे कागजी दस्तावेज़ों को साथ रखने या उन्हें ढूँढ़ने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

एक अन्य उदाहरण 'गतिशक्ति' प्लेटफ़ॉर्म है। टेक्नोलॉजी की मदद से, हमने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित मानचित्र पर 1,600 से अधिक भौगोलिक डेटा परतों (जियोग्राफिक डेटा लेयर्स) को एक साथ जोड़ा है। हमने बुनियादी ढांचा विकास के लिए एक समेकित, डेटा-संचालित और संपूर्ण-सरकार की योजना पर आधारित योजना मंच तैयार किया है। अब जिन परियोजनाओं के सर्वेक्षण में पहले कई महीने लग जाते थे, वे कुछ ही सप्ताह में पूरे हो सकते हैं।

मित्रो,

छह वर्ष पहले हमने ‘स्वामित्व’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। यह इस बात का सशक्त उदाहरण है कि किस प्रकार प्रौद्योगिकी लोगों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। ‘स्वामित्व’ कार्यक्रम में ड्रोन, भू-स्थानिक मानचित्रण (जियोस्पेशियल मैपिंग) और आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का आधिकारिक अभिलेख उपलब्ध कराया जाता है। अब तक लगभग दो लाख गाँवों में 3 करोड़ 10 लाख (31 मिलियन) से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इससे परिवारों को अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने में सहायता मिल रही है।

जहाँ एक ओर सरकार बड़े पैमाने पर जनहितकारी डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर हमारे स्टार्टअप हर क्षेत्र में लोगों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं।

मित्रो,

‘सरलाबेन’ नामक एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एप्‍लीकेशन लाखों महिला दुग्ध उत्पादक किसानों से उनकी अपनी भाषा में संवाद करता है और उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य तथा पशुपालन प्रबंधन से संबंधित विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करता है।

भारत में महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे उर्वरकों का छिड़काव और फसलों की निगरानी कर सकें। वहीं, उपग्रहों से प्राप्त आँकड़ों के आधार पर लाखों मछुआरों को सबसे संभावनाशील मत्स्य क्षेत्रों की जानकारी दी जा रही है। इससे ईंधन और समय की बचत होती है और मछली पकड़ने की मात्रा में भी वृद्धि होती है।

हमारे प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान जमीनी स्तर तक समृद्धि पहुँचा रहे हैं

मित्रो,

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु ऊर्जा तक, भारत मानव क्षमता की नई-नई सीमाओं का विस्तार कर रहा है।

भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफलतापूर्वक उतरने वाला विश्व का पहला देश बना। हाल ही में भारत के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकेलिटी’ (महत्त्वपूर्ण परिचालन अवस्था) प्राप्त की है। यह उपलब्धि हमें हमारी त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा परिकल्पना को साकार करने के और अधिक निकट ले आई है, जिसमें हमारे विशाल थोरियम भंडार का उपयोग भी शामिल है।

मित्रो,

दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स के साथ भारत दुनिया के सबसे जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है। मैं आप सभी से भारत पवेलियन का अवश्य दौरा करने का आग्रह करता हूँ।

यहाँ आपको भारत की अपार ऊर्जा का अनुभव मिलेगा। चाहे वह दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड रॉकेट इंजन हो, उन्नत जेनेटिक-इंजीनियरिंग आधारित उपचार हों, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने वाले एआई समाधान हों, या साइबर और नेटवर्क सुरक्षा को बेहतर बनाने वाली तकनीकें हों—स्वायत्त रोबोट, स्मार्ट शहर और मोबिलिटी समाधान भी शामिल हैं।

आप ये सभी नवाचार भारत पवेलियन में देखेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में हमारे स्टार्टअप प्रेरणादायक तरीके से नवाचार कर रहे हैं।

मित्रो,

जब प्रौद्योगिकी की बात होती है, नवाचार के साथ-साथ सबसे महत्वपूर्ण उसकी पहुँच है। प्रौद्योगिकी तभी प्रगति का माध्यम बन सकती है जब उसका लोकतंत्रीकरण हो। भारत का मानना है कि व्यवधान के इस युग में प्रौद्योगिकी का लाभ सभी को मिलना चाहिए।

उदाहरण के तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को ही लें। एआई को जीवन को बेहतर बनाना चाहिए, पहुँच का विस्तार करना चाहिए, विकास को गति देनी चाहिए और साथ ही हमारे ग्रह को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायता करनी चाहिए। विवाटेक 2026 में एआई देश भागीदार के रूप में हमारी भागीदारी इसी कल्‍पना को दर्शाती है। भारत के लिए एआई का अर्थ है—“सभी को समाहित करने वाला (ऑल इन्क्लूसिव)”।

मित्रो,

भारत एक खुला समाज है और दुनिया का सबसे बड़ा प्रतिभा-समूह (टैलेंट पूल) है। हम नियमों को सरल बना रहे हैं और कारोबार में सुगमता सुनिश्चित कर रहे हैं। नवाचार से लेकर व्यावसायीकरण तक, हम 50 अरब डॉलर से अधिक के लक्षित प्रोत्साहनों के माध्यम से निजी उद्यमों को सहयोग दे रहे हैं। साथ ही, हम दुनिया के सबसे किफायती डेटा और कम लागत वाली हरित ऊर्जा भी उपलब्ध करा रहे हैं।

हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। हमारी सरकार सक्षम बनाएगी और उद्योग नवाचार करेगा। स्टार्टअप्स परिवर्तन लाएंगे और वैश्विक साझेदार हमारे साथ मिलकर विस्तार करेंगे। साथ मिलकर हम पहले से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ेंगे। मैं इस सभा में उपस्थित सभी लोगों से नेतृत्व करने का आह्वान करता हूँ।

भारत के साथ काम कीजिए और सभी के लिए परिणाम दीजिए।

धन्यवाद। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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पीके/केसी/केपी 


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