पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के 154वें स्थापना दिवस पर विरासत और भविष्य की दृष्टि की सराहना की
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने तीन चरणों में कुल ₹5,028.17 करोड़ के 63 प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए
मुंबई पोर्ट भारत की समुद्री यात्रा में एक विशेष स्थान रखता है और निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा सुरक्षा के नए अवसर पैदा कर रहा है: केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्री
विकसित भारत 2047 की यात्रा में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी जैसे संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है: राज्य मंत्री, पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि:
25 JUN 2026 5:13PM by PIB Delhi
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, जो कि बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत है, ने अपने 154वें स्थापना दिवस के मौके पर आज श्री सरबानंद सोनोवाल, केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्री तथा श्री शान्तनु ठाकुर, राज्य मंत्री, बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे की उपस्थिति में समारोह मनाया।
स्थापना दिवस कार्यक्रम "टुगेदर वी कैन" (साथ मिलकर कर सकते हैं) थीम पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की वृद्धि और कार्यप्रणाली में अधिकारियों, कर्मचारियों, कामगारों, पोर्ट उपयोगकर्ताओं, शिपिंग लाइनों, व्यापार भागीदारों, सेवा प्रदाताओं और हितधारकों के योगदान को मान्यता देना था।

मुख्य भाषण देते हुए श्री सरबानंद सोनोवाल, केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्री ने मुंबई पोर्ट अथॉरिटी को 154 वर्षों की सेवा पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने मुंबई पोर्ट के लंबे इतिहास का स्मरण किया और कहा कि यह पोर्ट मुंबई को एक हार्बर से भारत की वित्तीय और वाणिज्यिक राजधानी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। उन्होंने मुंबई पोर्ट परिवार को अपनी शुभकामनाएँ दीं और कहा कि संस्था की प्रत्येक उपलब्धि उसके अधिकारियों, कर्मचारियों, कामगारों, पोर्ट उपयोगकर्ताओं और अन्य हितधारकों का साझा योगदान है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बंदरगाह-आधारित विकास के दृष्टि का उल्लेख करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुंबई पोर्ट भारत की समुद्री यात्रा में एक विशेष स्थान रखता है और यह निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा सुरक्षा के नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल, फेरी जेट्टी परियोजनाएँ, जवाहर द्वीप पुनरुद्धार (रिक्लेमेशन) और ऊर्जा आधारभूत संरचना परियोजनाओं जैसे मुंबई पोर्ट अथॉरिटी द्वारा उठाये जा रहे पहलों को भी उजागर किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री शान्तनु ठाकुर, राज्य मंत्री, बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे ने कहा कि मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने सवा सदी से भी अधिक समय से व्यापार, उद्योग और समुद्री समुदाय की सेवा की है। उन्होंने पोर्ट के सतत विकास और संचालन में अधिकारियों, कर्मचारियों, कामगारों और हितधारकों की भूमिका को स्वीकार किया। केंद्रीय मंत्री ने आधुनिक बंदरगाहों की भारत के विकास में भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि विकसित भारत 2047 की यात्रा में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी जैसे संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
श्री विजय कुमार, सचिव, बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय ने कहा कि जबकि पोर्ट की एक मजबूत विरासत है, यह क्रूज़ पर्यटन, वॉटरफ्रंट विकास, हरित प्रथाओं और पोर्ट संपत्तियों के कुशल उपयोग जैसे प्रयासों के माध्यम से भविष्य को भी गले लगा रहा है। उन्होंने पोर्ट के अब तक के उच्चतम कार्गो थ्रूपुट 70 मिलियन टन पर प्रकाश डाला और विकास, कुशलता और सेवा उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने में हितधारकों के सहयोग के महत्त्व पर ज़ोर दिया।
अपने संबोधन में डॉ. एम. अंगमुथु, चेयरपर्सन, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने गणमान्य अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस संस्था की लंबी सेवा को याद करने तथा मुंबई पोर्ट अथॉरिटी से जुड़े सभी लोगों के योगदान को मान्यता देने का अवसर है।

कार्यक्रम के दौरान एक स्थापना दिवस वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की यात्रा और भारत के समुद्री क्षेत्र में उसके योगदान को दिखाया गया। कार्यक्रम में इंदिरा डॉक O&M समझौते और विकसित भारत मुंबई मरीना समझौते के हस्तांतरण का भी साक्षी बना गया। ये समझौते मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के पोर्ट संचालन, वॉटरफ्रंट विकास और पोर्ट संपत्तियों के अनुकूलतम उपयोग को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
स्थापना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने तीन चरणों में कुल मूल्य ₹5,028.17 करोड़ के 63 प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इनमें उद्घाटन के लिए 7 परियोजनाएँ जिनकी लागत ₹132.29 करोड़ है, शिलान्यास के लिए 34 परियोजनाएँ जिनकी लागत ₹1,354.59 करोड़ है, और घोषणा के लिए 22 परियोजनाएँ जिनकी लागत ₹3,541.29 करोड़ है।
श्री विजय कुमार, सचिव, बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय; डॉ. एम. अंगमुथु, चेयरपर्सन, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी; श्री आदेश तितरमारे, उप-चेयरपर्सन, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी; श्री गौरव दयाल, चेयरपर्सन, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी; और श्री मयंक कुमार, प्रधान मुख्य आयुक्त, मुंबई कस्टम्स जोन-I, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड, कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुंबई पोर्ट स्पोर्ट्स क्लब के 100 वर्षों का वीडियो भी दिखाया गया। सेवा, योगदान और उपलब्धियों के सम्मान में खिलाड़ियों, हितधारकों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
स्थापना दिवस कार्यक्रम ने मुंबई पोर्ट परिवार, पोर्ट उपयोगकर्ताओं, व्यापार भागीदारों और हितधारकों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया। इसने उन कर्मचारियों, टीमों, खेल उपलब्धि प्राप्त करने वालों और हितधारकों के प्रयासों को भी मान्यता दी जो पोर्ट के दिन-प्रतिदिन के कार्यों और विकास में योगदान करते हैं।
कार्यक्रम का समापन श्री आदेश तितरमारे, उप-चेयरपर्सन, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी द्वारा धन्यवाद निर्देश से हुआ। उन्होंने केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, सचिव, बंदरगाह, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय, गणमान्य अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, हितधारकों, पुरस्कार विजेताओं और कार्यक्रम के सफल संचालन से जुड़े सभी टीमों का धन्यवाद किया।
****
पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2278089)
आगंतुक पटल : 53