वस्त्र मंत्रालय
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह 13 जुलाई 2026 को 'इंडी हाट 2026' का उद्घाटन करेंगे
इंडी हाट 2026 में 10 से 19 जुलाई तक नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी में भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प विरासत की झलक देखने को मिलेगी
प्रविष्टि तिथि:
07 JUL 2026 6:51PM by PIB Delhi
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह 13 जुलाई 2026 को ‘इंडी हाट– भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प विरासत का उत्सव’ का उद्घाटन करेंगे।
'इंडी हाट 2026' का आयोजन 10 से 19 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 'भारत टेक्स 2026' का हिस्सा है, जो भारत का सबसे बड़ा वैश्विक वस्त्र कार्यक्रम है और 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।
'इंडी हाट' को अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के सामने भारत की पारंपरिक कला को पेश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह आत्मनिर्भर भारत व वोकल फॉर लोकल अभियानों के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह पहल, जो विशेष रूप से 'भारत टेक्स 2026' के लिए है, दुनिया भर के खरीदारों और आगंतुकों के सामने भारतीय बुनकरों व कारीगरों के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को विशिष्ट रूप से प्रदर्शित करती है और बढ़ावा देती है।
यह विशेष कार्यक्रम विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के कार्यालय और विकास आयुक्त (हथकरघा) के कार्यालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसे राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) ने बहुत सोच-समझकर तैयार किया है, ताकि भारत के बेहतरीन शिल्प कौशल को आधुनिक और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
इसमें भाग लेने वाले कारीगर देश भर की अलग-अलग तरह की शिल्प परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इंडी हाट में 48 कारीगरों और बुनकरों तथा निफ्ट के पूर्व छात्रों के 12 डिज़ाइन-आधारित हस्तशिल्प और हथकरघा ब्रांडों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित और हाथ से बुने उत्पादों की एक शानदार प्रदर्शनी है।
प्रदर्शनी में शामिल कलाकृतियों में गुलाबी मीनाकारी, पत्थर की जड़ाई, डोकरा धातु शिल्प, संगीत वाद्ययंत्र, पांडुलिपि पेंटिंग, लकड़ी पर हड्डी की जड़ाई, उस्ता कला, पिछवाई कला, सोज़नी कढ़ाई, मोलेला क्ले क्राफ्ट, जयपुर की ब्लू पॉटरी, सिल्वर फिलाग्री, चेरियाल पेंटिंग, मैसूर की पारंपरिक पेंटिंग, शीशम जड़ना, माता नी पछेड़ी, एगेट क्राफ्ट, पेपर-मैशे, बाटिक पेंटिंग, मोमबत्ती बनाना, चंदन की कलाकृतियां, शोला पिथ, कांथा कढ़ाई, बगरू ब्लॉक प्रिंट, जामदानी साड़ियां, पाइन नीडल क्राफ्ट, मूगा और एरी सिल्क और ओडिशा की इकत शामिल हैं, जो भारत की शिल्प परंपराओं की समृद्ध विविधता को दर्शाती हैं।
आगंतुकों को पारंपरिक शिल्प तकनीकों के लाइव प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिलेगा, जिससे उन्हें भारत की सदियों पुरानी शिल्प कौशल की एक अनूठी झलक मिलेगी। इस कार्यक्रम से कारीगर और खरीदार सीधे जुड़ सकेंगे, जिससे बाज़ार संबंध मज़बूत होंगे और शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी।
अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने और वैश्विक स्तर पर भागीदारी बढ़ाने के लिए, इंडी हाट के ई-इनवाइट को आधिकारिक बायर किट में शामिल किया गया है। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए भारत मंडपम में बड़े पैमाने पर प्रचार गतिविधियां भी की जा रही हैं।
भारत टेक्स 2026 में 1.6 मिलियन वर्ग फुट के प्रदर्शनी स्थल पर 20,000 से अधिक टेक्सटाइल उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। भारत मंडपम में होने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर से 7,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और 1,30,000 से ज्यादा आगंतुकों के आने की उम्मीद है, जिनमें नीति-निर्माता, वैश्विक सीईओ और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल होंगे।
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पीके/केसी/एसके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2282268)
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