प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने जकार्ता में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया
प्रविष्टि तिथि:
07 JUL 2026 9:16PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जकार्ता में भारतीय समुदाय के एक स्वागत समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम में उनके आगमन पर, भारतीय प्रवासियों और भारत के इंडोनेशियाई मित्रों की एक बड़ी सभा द्वारा उनका गर्मजोशी और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। विशेष सम्मान प्रकट करते हुए, इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो भी इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस शानदार स्वागत के लिए प्रवासी समुदाय को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति प्रबोवो की गरिमामयी उपस्थिति के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने उन्हें एक महान नेता और भारत का सच्चा मित्र बताया। उन्होंने इंडोनेशिया की प्रगति और समृद्धि में योगदान देने तथा दोनों देशों के बीच मित्रता के एक आधारस्तंभ के रूप में कार्य करने के लिए भारतीय प्रवासियों की सराहना की। उन्होंने आपसी विश्वास, साझा विरासत और समुद्री संपर्कों के आधार पर इंडोनेशिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों देशों के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि बाली यात्रा, वेसाक तीर्थयात्रा और नालंदा विश्वविद्यालय के माध्यम से आधुनिक समय के जुड़ाव जैसी परंपराएँ लोगों के बीच के इस विविध और जीवंत संबंधों को निरंतर पोषित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने हाल के वर्षों में भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें नेक्स्ट-जेनरेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से लेकर स्टार्टअप क्रांति और सामाजिक विकास कार्यक्रमों का व्यापक विस्तार शामिल है, जिसने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सक्षम बनाया है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत पिछले कई वर्षों से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है और इसने देश को वैश्विक विकास का एक मुख्य आधार बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे बदलावों को 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने प्रवासी समुदाय से 'विकसित भारत 2047' और 'इंडोनेशिया एमास 2045' की साझा आकांक्षाओं को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि भारत, इंडोनेशिया और आसियान क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि लाने के लिए एक 'फोर्स मल्टीप्लायर' (ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले माध्यम) के रूप में काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच दो हजार से भी अधिक वर्षों पुराने गहरे सभ्यतागत, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंध हैं। आज, इंडोनेशिया लगभग 1,50,000 भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) और करीब 15,000 प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) का घर है। भारतीय समुदाय इंडोनेशिया के आर्थिक विकास और बहुसांस्कृतिक समाज में लगातार मूल्यवान योगदान दे रहा है और भारत व इंडोनेशिया के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहा है।
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(रिलीज़ आईडी: 2282286)
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