सूचना और प्रसारण मंत्रालय
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पत्र सूचना कार्यालय ने "भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए भविष्योन्मुखी कार्यबल का निर्माण" विषय पर एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला 'वार्ता' का आयोजन किया


भारत अपनी समृद्ध कथा वाचन की परंपरा का लाभ उठाकर ऑरेंज इकोनॉमी में वैश्विक अग्रणी बनने की इच्छा रखता है: डॉ. आशीष कुलकर्णी, निदेशक मंडल, आईआईसीटी, मुंबई

प्रविष्टि तिथि: 14 JUL 2026 5:44PM by PIB Delhi

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक मंडल के सदस्य डॉ. आशीष कुलकर्णी ने कहा है कि फिल्म निर्माता, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और अन्य रचनात्मक पेशेवर अत्याधुनिक कंटेंट का निर्माण कर रहे हैं और वैश्विक ऑरेंज इकोनॉमी में भारत की अग्रणी स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नागपुर में आज उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक ऑरेंज इकोनॉमी में अभी लगभग 3 प्रतिशत का योगदान देता है और देश का लक्ष्य अगले दशक में इस हिस्सेदारी को 12-15 प्रतिशत तक बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहा है।

इस अवसर पर सुश्री स्मिता वत्स शर्मा ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न पहलों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।

डॉ. कुलकर्णी नागपुर के चिटनाविस सेंटर में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा आयोजित "भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए भविष्योन्मुखी कार्यबल का निर्माण" विषय पर एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला 'वार्ता' में बोल रहे थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की महानिदेशक (पश्चिम क्षेत्र) श्रीमती स्मिता वत्स शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में वरिष्ठ संपादकों और विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

डॉ. कुलकर्णी ने कहा कि आईआईसीटी, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के सहयोग से, विद्यार्थियों में कम उम्र से ही रचनात्मकता को बढ़ावा देने और कौशल विकसित करने के लिए "कौशल बोध" पाठ्यक्रम शुरू करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के 500 कॉलेजों और 15,000 स्कूलों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।

उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 से मुंबई स्थित राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) परिसर में आईआईसीटी एवीजीसी-एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्यरत है। यह संस्थान हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी में कौशल-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान करेगा, जिससे ये कार्यक्रम न केवल इसके मुंबई मुख्यालय में बल्कि क्षेत्रीय और अर्ध-शहरी केंद्रों के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

भारत की समृद्ध कथा वाचन परंपरा और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. कुलकर्णी ने कहा कि अब इस ज्ञान को विभिन्न प्लेटफार्मों पर डिजिटल सामग्री के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जा रहा है। भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय, फिल्म और रचनात्मक संस्थानों के साथ मिलकर रचनात्मक क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुकूलित पाठ्यक्रम विकसित कर रहे हैं, जिससे कौशल विकास और क्षमता निर्माण के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

मुंबई स्थित पत्र सूचना कार्यालय की उप निदेशक श्रीमती जयदेवी पुजारी स्वामी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन पत्र सूचना कार्यालय के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री सौरभ खेकडे ने किया और मीडिया एवं संचार अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) श्री धनंजय वानखेड़े ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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पीके/केसी/बीयू/जीआरएस


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