कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर पीएसएससीआईवीई में 150 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता
प्रयोगात्मक गतिविधियों, कौशल प्रयोगशालाओं एवं लाइव स्किल डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से सीखे भविष्य के कौशल
प्रविष्टि तिथि:
16 JUL 2026 10:57AM by PIB Bhopal
कौशल, अनुशासन और नवाचार ही युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम और सशक्त बनाते हैं। केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का वास्तविक आधार है। यह विचार बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. विवेक शर्मा ने पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी, भोपाल में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर 15 जुलाई 2026 को आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। "साझा भविष्य के लिए कौशल" विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में भोपाल के केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, एक्सीलेंस स्कूल, डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपरपज स्कूल (डीएमएस) तथा मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल (एमजीपीएस) के 150 से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता करते हुए भविष्य के रोजगारपरक कौशलों का व्यवहारिक अनुभव प्राप्त किया।
डिजाइन थिंकिंग और नवाचार समय की आवश्यकता
विशिष्ट अतिथि डॉ. विद्या राकेश, निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (एनआईडी), भोपाल ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजाइन इन थिंकिंग, नवाचार, रचनात्मकता तथा समस्या-समाधान आधारित दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य का कार्यक्षेत्र कौशल, सृजनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता पर आधारित होगा। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से डिजाइन की अवधारणा को स्पष्ट किया तथा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
एनईपी 2020 के अनुरूप कौशल शिक्षा को मिल रहा बढ़ावा|

कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. दीपक पालीवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विश्व युवा कौशल दिवस की इस वर्ष की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल" तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप विद्यालयी शिक्षा में कौशल आधारित अधिगम की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पीएसएससीआईवीई विद्यालयी व्यावसायिक शिक्षा, कौशल आधारित पाठ्यचर्या विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से देशभर में कौशल शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कौशल प्रयोगशालाओं में मिला व्यवहारिक अनुभव
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को संस्थान की विभिन्न कौशल प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया। "थ्री फॉर्म्स ऑफ वर्क" (लाइफ फॉर्म्स, मैटेरियल्स एंड मशीन्स तथा ह्यूमन सर्विसेज) की अवधारणा पर आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने किचन गार्डन, वर्मी कम्पोस्टिंग, फर्स्ट एड एवं सीपीआर, ब्लॉक प्रिंटिंग तथा 3-डी प्रिंटिंग जैसी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उन्होंने इन तकनीकों की कार्यप्रणाली को समझा तथा उनकी व्यवहारिक उपयोगिता से परिचित हुए।
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डिजिटल पॉडकास्ट, लघु वीडियो एवं कौशल शपथ
इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित विश्व युवा कौशल दिवस की थीम तथा कौशल आधारित भारत के भविष्य पर आधारित प्रेरणादायक लघु वीडियो एवं प्रो. पंकज मेहता द्वारा तैयार डिजिटल पॉडकास्ट का प्रदर्शन किया गया। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल विकास, उभरते रोजगार क्षेत्रों, नवाचार तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका से अवगत कराया गया। इसके उपरांत प्रो. वी.एस. मेहरोत्रा ने सभी प्रतिभागियों को विश्व युवा कौशल दिवस की शपथ दिलाते हुए कौशल विकास, सतत अधिगम, नवाचार तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दिलाया।

लाइव स्किल डेमोंस्ट्रेशन बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत लाइव स्किल डेमोंस्ट्रेशन रहा। श्री धर्मेंद्र रोहर (बांस शिल्प विशेषज्ञ), श्री जी.आर. भगोरे (इलेक्ट्रिकल स्किल्स विशेषज्ञ) तथा श्री प्रदीप उमरे (प्लंबिंग स्किल्स विशेषज्ञ) ने अपने-अपने क्षेत्रों की तकनीकों, उपकरणों के उपयोग, कार्यप्रणाली तथा रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद करते हुए विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं एवं रोजगारपरक अवसरों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कौशल शिक्षा के प्रति बढ़ी विद्यार्थियों की रुचि
पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में कौशल शिक्षा, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा व्यवहारिक अधिगम के प्रति विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल नई तकनीकों एवं व्यावहारिक कौशलों से परिचित होने का अवसर ही नहीं बना, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा, आत्मनिर्भरता, उद्यमिता तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका के प्रति उन्हें प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का समन्वय एवं प्रभावी संचालन प्रो. पंकज मेहता ने किया, जबकि समारोह की अध्यक्षता प्रो. पुन्नम वीरैया ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन के उपरांत उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, विशेषज्ञों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

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(रिलीज़ आईडी: 2285232)
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