कोयला मंत्रालय
37,500 करोड़ रुपये की सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण योजना के लिए आयोजित आवेदन-पूर्व सम्मेलन में उद्योग जगत की उल्लेखनीय भागीदारी रही
प्रविष्टि तिथि:
20 JUL 2026 5:33PM by PIB Delhi
कोयला मंत्रालय ने आज अपर सचिव सानोज कुमार झा की अध्यक्षता में 37,500 करोड़ रुपये की सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आयोजित आवेदन-पूर्व सम्मेलन का सफल आयोजन किया। इस सम्मेलन में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और संभावित आवेदकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे घरेलू कोयले के स्वच्छ, दक्ष और मूल्य संवर्धित उपयोग को बढ़ावा देने की सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के प्रति उद्योग जगत की व्यापक रुचि व सकारात्मक सहभागिता का पता चलता है।
कोयला मंत्रालय ने सत्र के दौरान योजना के दिशा-निर्देशों और प्रस्ताव आमंत्रण दस्तावेज (आरएफपी) के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इसमें पात्रता मानदंड, मूल्यांकन प्रक्रिया, वित्तीय प्रोत्साहनों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तार से व्याख्या की गई। साथ ही, मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का भी विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 13 मई 2026 को अनुमोदित 37,500 करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के विकास को गति देना तथा सिंथेटिक प्राकृतिक गैस, अमोनिया, मेथनॉल, प्रत्यक्ष अपचयित लौह-डीआरआई, सिंथेटिक ईंधन व रसायनों जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस योजना से 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहन मिलने, प्रतिवर्ष लगभग 7.5 करोड़ टन कोयले के उपयोग को बढ़ावा मिलने, लगभग 50,000 रोजगार के अवसर सृजित होने तथा ऊर्जा एवं रासायनिक उत्पादों के आयात पर भारत की निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। कोयला मंत्रालय ने प्रतिभागियों को बताया कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 है। सभी पात्र संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।
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पीके/केसी/एनके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2286725)
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