कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
कृषि जनगणना (2021-22)
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 6:05PM by PIB Delhi
भारत में कृषि संगणना राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के सहयोग से प्रत्येक पांच वर्ष के बाद की जाती है। कृषि संगणना का फील्ड वर्क तीन अलग-अलग चरणों में किया जाता है। संदर्भ वर्ष 2021-22 के लिए चल रही 11वीं कृषि संगणना 2022 में आरंभ की गई और अब तक, तीन चरणों के लिए फील्ड वर्क और डेटा संग्रह समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, चरण-I में, कृषि जोतों की प्राथमिक विशेषताओं और प्रचालित क्षेत्र के आंकड़े पूर्ण गणना के आधार पर एकत्र किए जाते हैं। चरण- II में, प्रत्येक तहसील में यादृच्छिक रूप से चयनित 20% सैंपल ग्रामों से फसल पैटर्न, सिंचाई की स्थिति आदि जैसी जोतों की विशेषताओं से संबंधित डेटा एकत्र किया जाता है। चरण III में, प्रत्येक तहसील में यादृच्छिक रूप से चयनित 7% सैंपल ग्रामों से प्रचालनात्मक जोतों के इनपुट उपयोग पैटर्न से संबंधित डेटा एकत्र किया जाता है।
कृषि संगणना देश में प्रचालन धारकों के सामाजिक-आर्थिक पहलुओं के संबंध में विश्वसनीय डेटा बेस प्रदान करती है जिसका उपयोग कृषि नीतियां बनाने के लिए किया जाता है। यह वर्गों (सीमांत, छोटे, अर्ध-मध्यम, मध्यम और बड़े), काश्तकारी, जोतों के समेकन, भूमि वितरण आदि के आधार पर प्रचालनात्मक जोत की संख्या, आकार और वितरण के बारे में जानकारी प्रदान करता है, जिसका उपयोग भूमि, सिंचाई सुविधाओं, फसल विविधीकरण, मशीनीकरण और अन्य कृषि आदानों के उपयोग के लिए कुशल योजना हेतु किया जाता है। यह जेंडर आधारित कृषि कार्यकलापों में सहायता प्रदान करने के लिए महिला-संचालित भूमि जोत के संबंध में डेटा प्रदान करता है। संगणना के आंकड़े सरकार को सब्सिडी के कुशल आवंटन, ऋण सुविधाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को लक्षित करने और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कृषि प्राथमिकताओं को स्थापित करने में भी सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा, यह शोधकर्ताओं, योजनाकारों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए कृषि क्षेत्र में एक प्रमुख डेटा स्रोत के रूप में कार्य करता है।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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(रिलीज़ आईडी: 2287389)
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