विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संसद प्रश्न: सरकार द्वारा विकसित तकनीकों का व्यावसायीकरण और हस्तांतरण
प्रविष्टि तिथि:
22 JUL 2026 4:19PM by PIB Delhi
सरकार ने सरकारी प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित तकनीकों के व्यावसायीकरण के लिए कई संस्थागत और राष्ट्रीय ढांचे स्थापित किए हैं। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) लाइसेंसिंग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, उद्योग जगत से साझेदारी और स्टार्टअप समर्थन के लिए मुख्य संस्थान है। एनआरडीसी ने 5,100 से अधिक उद्यमियों को तकनीकों का लाइसेंस दिया है और पेटेंटिंग, व्यवहार्यता अध्ययन, प्रोटोटाइपिंग, पायलट संयंत्रों और अन्य देशों को प्रौद्योगिकियों के निर्यात का समर्थन करने के अलावा 2,100 से अधिक बौद्धिक संपदा (आईपी) दाखिल करने में सहायता की है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और ज्ञान आधार के उपयोग के लिए दिशानिर्देशों का उपयोग इसकी घटक प्रयोगशालाओं में व्यावसायीकरण में किया जाता है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) की आईपी दिशानिर्देश 2023 की अधिसूचना अपने अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है। आईपी पूरी तरह से संस्थानों के स्वामित्व में है और संस्थागत आईपी समितियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार एक्सक्लूसिव और नॉन-एक्सक्लूसिव दोनों के माध्यम से संस्थागत आईपी तंत्र के जरिए इसका लाइसेंस दिया जाता है।
इसके अलावा सीएसआईआर के व्यवसाय विकास समूह (बीडीजी) इनक्यूबेशन सेंटर (ऊष्मायन केंद्र), तकनीकी अनुसंधान केंद्र (टीआरसी) जैसे संस्थागत तंत्र प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए अनुसंधान संस्थानों, निवेशकों और उद्योग जगत के बीच सहयोग स्थापित करने में मदद करते हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए इक्विटी या वित्तीय सहायता के अन्य साधन प्रदान करता रहा है।
डीबीटी के तहत जैव प्रौद्योगिकी औद्योगिक अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) ने अकादमिक-उद्योग जगत संबंधों और आईपी/प्रौद्योगिकी-हस्तांतरण प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के तहत सात प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यालयों (टीटीओ) का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित किया है। बीआईआरएसी ने 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 94 जैव प्रौद्योगिकी ऊष्मायन/प्री-ऊष्मायन केंद्र भी स्थापित किए हैं। एनआरडीसी ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और आईपी-फाइलिंग सहायता के लिए पुणे, गुवाहाटी और भुवनेश्वर में आउटरीच केंद्रों का संचालन किया है। सरकार द्वारा समर्थित ऊष्मायन केंद्र मेंटरशिप, सब्सिडी वाले परीक्षण और निर्माण सुविधाएं, इक्विटी-लिंक्ड फंडिंग और टीआरएल मूल्यांकन जैसी सुविधाएं दे रहे हैं। एनआरडीसी का इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप्स को व्यापक मार्गदर्शन देकर और उनके विकास को बढ़ावा देकर उन्हें सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाता है। डीएसटी ने संस्थानों, प्रयोगशालाओं और उद्योग के साथ शोधकर्ताओं के नेटवर्क के लिए 22 प्रौद्योगिकी सक्षम केंद्र (टीईसी) स्थापित किए हैं। इसके अलावा कुछ आईआईटी में इनक्यूबेशन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।
डीएसटी और डीबीटी के तहत सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और स्वायत्त संस्थानों ने नई सामग्री, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा विज्ञान, कृषि प्रौद्योगिकी आदि के क्षेत्रों में कई प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं और उन्हें उद्योगों के साथ साझा किया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान सीएसआईआर, डीबीटी और डीएसटी प्रयोगशालाओं/संस्थानों के माध्यम से विकसित, लाइसेंस प्राप्त, हस्तांतरित और व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराई गईं तकनीकें इस प्रकार हैं:
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संगठन
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वर्ष
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लाइसेंस प्राप्त / विकसित की गई तकनीकों की संख्या
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व्यावसायीकृत / हस्तांतरित की गई तकनीकों की संख्या
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सीएसआईआर
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2025
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233
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249
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2024
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181
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144
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2023
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293
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59
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डीबीटी
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2025
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24
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12
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2024
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71
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6
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2023
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25
|
0
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डीएसटी
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2025
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63
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19
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2024
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62
|
12
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पिछले तीन वर्षों में सीएसआईआर ने टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग के ज़रिए 148 स्टार्टअप शुरू करने में मदद की। इससे रॉयल्टी/प्रीमियम के तौर पर 142.67 लाख रुपये की आमदनी हुई, 246.60 लाख रुपये का निवेश आया और लगभग 7,200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए। इसी तरह डीबीटी के स्वायत्त संस्थानों ने बायोमैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, एग्रीटेक और मेडिकल डिवाइस/डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में 34 स्टार्टअप शुरू करने में मदद की। एनआरडीसी ने प्रौद्योगिकी विकास, सत्यापन और व्यावसायीकरण (टीडीवीसी) कार्यक्रम के तहत 13 स्टार्टअप्स को भी समर्थन दिया।
पिछले तीन वर्षों में एनआरडीसी द्वारा जारी किए गए लाइसेंस और उससे हुई आय का विवरण नीचे दिया गया है:
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वर्ष
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2023-24
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2024-25
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2025-26
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जारी लाइसेंस (संख्या ) /प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण
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42
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36
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28
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टेक्नोलॉजी की लाइसेंसिंग से मिलने वाले शुरुआती शुल्क (प्रीमियम)
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104.71 लाख रुपये
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230.21 लाख रुपये
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123.85 लाख रुपये
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रॉयल्टी से होने वाली आय
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324.11 लाख रुपये
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81.60 लाख रुपये
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93.20
लाख रुपये
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भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने 2022 और 2025 में गैर-रणनीतिक क्षेत्रों में केंद्र सरकार से फंड पाने वाले आरएंडडी संगठनों के परफॉर्मेंस मूल्यांकन के दो दौर आयोजित किए हैं। इस मूल्यांकन में सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) संगठनों के लिए 'इनोवेशन एक्सीलेंस इंडिकेटर्स' (नवाचार उत्कृष्टता संकेतक) के तौर पर आईपी निर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का आकलन किया गया।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पीके/केसी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2288167)
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